बिहार की बेटी ‘ग्रेजुएट चाय वाली’ की कहानी बड़ी दिलचस्प है, दुकान पर लिखा पीना ही पड़ेगा, पर काहे

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Graduate Chaiwali Priyanka Gupta
Story of Graduate Chaiwali Priyanka Gupta. Economics graduate Chaiwali in Patna Bihar sets up a tea stall due to unemployment.

Photo Credits: Twitter

Patna: आज की बेटी हर क्षेत्र में लड़कों से आगे निकलती जा रही है। हर कही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की गूंज सुनाई देती है, तो कहीं सशक्त भारत बेटी बचाओ अभियान की तो कहीं बेटियां ही देश प्रेम की धुन बजाकर समाज में राष्ट्र प्रेम का संगीत तैयार कर रही हैं।

पुराने जमाने मे लोग बेटियों को बोझ समझते थे। कई परिवार में तो बेटी के जन्म से ही शोक छा जाता था, लेकिन आज हम आपको ऐसी बेटी की कहानी से रूबरू करा रहे है। जिसने किसी भी काम को कभी छोटा नही समझा।

पटना वीमेंस कॉलेज (Patna Women’s Collage) के आस-पास अगर आपको एक लड़की चाय का ठेला लगाए दिखाई देती, तो हैरान मत होना। दरअसल, 24 वर्षीय प्रियंका गुप्ता (Priyanka Gupta) कोई आम चाय वाली नहीं हैं, बल्कि एक ग्रेजुएट चाय बेचने वाली लड़की (Graduate Tea Seller Girl) हैं।

प्रियंका ने वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। पूर्णिया की रहने वाली प्रियंका गुप्ता इन दिनों पटना वीमेंस कॉलेज के पास में ही एक चाय का ठेला (Tea Stall) लगाकर चाय बेचती हैं। इस काम को करने का मकसद क्या है, जानते है।

प्रतियोगी परीक्षा में नहीं मिली कामयाबी

प्रियंका हर काम को बड़ी ही मेहनत और लगन से करती है, लेकिन प्रियंका पिछले 2 साल से लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं दे रही हैं, जिसमें बैंक की प्रतियोगी परीक्षा भी सम्लित है। लेकिन वह Exam में पास नही हो पा रही हैं।

उन्होंने अपने घर लौटने के बदले पटना में ही चाय का ठेला लगाकर रोजी रोटी कमाने का विचार किया। पहले तो सोचा कि लोग सुनेंगे तो क्या कहंगे, लेकिन किसी की भी परवाह ना करते हुऐ, उन्होंने अपने मन की सुनी, और आज अपने काम को आगे बढ़ने के लिए निकल पड़ी।

हाल ही में 11 अप्रैल को प्रियंका ने चाय बेचने का काम स्टार्ट किया है। प्रियंका बताती हैं कि अर्थशास्त्र में स्नातक (Economics graduate) होने के बावजूद भी उन्हें पटना में चाय की दुकान लगाने में कोई शर्मन्दगी नहीं होती। वो मानती है कि कोई भी काम छोड़ा बड़ा नही होता। हमारी लग्न होना चाहिये। हम अपने जुनून और मेहनत से छोटे काम को भी बुलंदियों तक पहुंचा सकते है।

मिलती है कई प्रकार की चाय

अगर आप प्रियंका की चाय दुकान पर पहुंचेंगे तो आपको विभिन्न किस्मों की चाय का लुफ्त उठाने का मौका मिलेगा। वो भी इतने कम पैसों में। जैसे कि कुल्हड़ चाय, मसाला चाय, पान चाय और सबसे खास चॉकलेट चाय यंहा की मुख्य है।

सबसे अच्छी बात है कि प्रियंका की चाय दुकान ‘Graduate Chaiwali’ में एक कप चाय की कीमत 15 रु से स्टार्ट होकर 20 रुपए में समाप्त हो जाती है। कॉलेज छात्रों का समूह प्रियंका की चाय दुकान पर लगातार दिखाई देता है। वो बताती हैं कि अब अपनी इस चाय की दुकान को एक बड़े कारोबार में बदलने के प्रयास में लगी हुई है।

आदर्श मानती है MBA चाय वाला’ के नाम से प्रसिद्ध प्रफुल को

अपने जीवन में आदर्शो और नैतिकता की चादर ओढ़कर अपने जीवन को सार्थक करते हुए कई व्यक्तियो को भी देखा है और ऐसे लोगों को भी देखा है जिनका मानना है कि आदर्श और नैतिकता से हम सबसे सफल इंसान बन सकते है। अगर हमको रास्ता दिखाने वाला सही है तो।

सबसे खास बात यह है कि प्रियंका अहमदाबाद में चाय की दुकान चलाने वाले प्रफुल्ल बिलोर को अपना आदर्श मानती हैं। ये वही प्रफुल हैं, जिन्होंने MBA करने के बावजूद भी चाय की दुकान की स्टार्टिंग की और आज उनकी चाय की दुकान एक बड़े और सफल कारोबार में बदल चुकी है।

अपने ग्राहकों को चाय की दुकान तक लाने के लिए प्रियंका भी प्रफुल्ल बिल्हौर के जैसे ही दिलचस्प पंचलाइन का उपयोग करती है। जो उनको सबसे अलग बताता है उनकी यही खास बात सबको आकर्षित कर रही है जैसे “पीना ही पड़ेगा” और “सोच मत, चालू कर दे बस”।-

प्रियंका बताती हैं, “मैं प्रफुल्ल बिलोर को अपना आदर्श मानती हूं। उनकी Video देख कर के मैं प्रेरणा लेती थी। जिसके बाद मैंने पटना में चाय की दुकान लगाने का विचार किया।” प्रियंका के पिता प्रभाकर प्रसाद गुप्ता उर्फ जानी की किराने की दुकान पूर्णिया जिले के बनमनखी में है। जब भी गांव जाने का मौका मिलता है, तो पिता के साथ दुकान पर जाती और काम को समझने का प्रयास करती। बिजनेस का माहौल बचपन से ही घर में देखा था। इसलिए इस काम को करने में ज्यादा कठिनाई नही हुई।

कम खर्च में मुनाफा ज्यादा

चाय बेचने का कार्य कम लागत में अच्छा फायदा देता है। कालेज के सामने सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक दुकान लगती है, जिससे उनको प्रतिदिन 12-15 सौ रुपये की कमाई हो जाती हैं। उनका विचार आने वाले दिनों में वे श्रीकृष्ण पुरी पार्क में शाम के समय चाय की दुकान लगाने का है।

अगर हम में किसी भी काम को करने की लगन और जुनून है, तो सफल होने से कोई नही रोक सकता। किसी भी काम को करने में मुश्किल तो आती है, लेकिन हर परिस्थितियों का सामना करना हमसे आना चाहिए। कठिन परिस्थितिया ही हमको मजबूत बनाती है।

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