इस गांव के किसान ने अपनी 4 बीघा जमीन स्कूल के लिए दान की, कारण जानकर आप हाँथ जोड़ लेंगे

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Madhya Pradesh Farmer
Farmer Brijendra Singh donated land to Madhya Pradesh government. Farmer donated 4 bighas of land for future of children in village of MP.

Photo Credits: Twitter

Ashok Nagar: अधिकतर गांव और देहात में देखा गया है की अच्छी स्कूल ना होने के कारण बच्चे शिक्षा के अभाव में ही अपना बचपन गुजार देते है। कई बच्चों की तमन्ना होती है, पढ़ने की, आगे बढ़कर सूट बूट पहनने की। लेकिन क्या करे, वो उनके माता पिता मजबूर रहते है, अच्छी स्कूल ना होने के कारण वो अपने बच्चों को अपने से दूर भी नही भेज सकते।

हालिया समय में जमीन (Land) की बढ़ती कीमतों के कारण जमीन के छोटे टुकड़ों या मेड़ के विवाद इतना बड़ा रूप ले लेते हैं कि वह न्यायालय तक पहुंचाते हैं। परंतु इसके विपरीत मध्य प्रदेश राज्य के अशोक नगर जिले में महिदपुर गांव के किसान ने अपनी चार वीघा जमीन दान (4 Bhigas Land Donated) कर दी, ताकि गांव के बच्चों को शिक्षा के लिए दूर तक ना जाना पड़े।

कौन है यह नेकी दिल किसान

अगर कुछ दान ही करना चाहते हो, तो ऐसा दान दो, जिससे दुसरो को नई रोशनी मिल सके और उड़ने के लिए पंख। जी हां, इसी कथन को सच कर दिखाया है, मध्य प्रदेश के अशोक नगर (Ashok Nagar) जिले में स्थित महिदपुर गांव (Mahidpur Village) से किसान बृजेंद्र सिंह (Brijendra Singh Raghuvanshi) ने। वे क्षेत्र के लिए मिसाल बन गए हैं।

गांव के 45 वर्षीय किसान बृजेंद्र सिंह रघुवंशी को यह सूचना मिली के हमारे गांव मेहंदीपुर में सीएम राइज स्कूल के अंतर्गत 1 से लेकर 12वीं तक हिंदी व इंग्लिश दोनों माध्यमों में शिक्षा देने के लिए एक स्कूल बनना है।

उसके लिए प्रशासन को 5 एकड़ जमीन की जरूरत है। परंतु इतनी जमीन एक ही जगह प्रशासन को गांव में नहीं मिल रही है। इस कारण प्रशासन स्कूल को गांव से 5 किलोमीटर दूर पूछ ले जा रहा है।

किसान ने हाई स्कूल भवन से लगी 4 बीघा जमीन प्रशासन को देने का फैसला किया और वह अपने परिवार के लोगों के साथ कलेक्टर के ऑफिस पहुंचा। कलेक्टर ने दान प्रक्रिया के लिए कागजी कार्यवाही के लिए डीएम को दिशा निर्देश दिए।

कम पढ़े, लेकिन शिक्षा को दिया बढ़ावा

बृजेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि पहले भी उनके पिता व दादा जी ने भी स्कूल व पंचायत भवन के लिए जमीन दान दी थी। जब उन्हें यह जानकारी प्राप्त हुई कि जमीन के कमी के कारण स्कूल गांव से 5 किलोमीटर दूर ट्रांसफर किया जा रहा है, तो उन्होंने पहले स्कूल से लगी अपनी 4 बीघा जमीन को दान दे दिया।

जिससे बच्चों को अपने ही गांव में अच्छी शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया की वह दसवीं तक पढ़े हैं और उनके पास अभी 79 बीघा जमीन है और उन्हें शिक्षा से बहुत लगाव है, इसी कारण उन्होंने अपनी जमीन दान कर दी। गरीबो की भी मदद करने से कभी पीछे नही हटते।

गांव में अभी बारहवीं तक शासकीय स्कूल ही है। इसके बाद जीएम राइज स्कूल खोलने का ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर दिया है। अगर सीएम राइज स्कूल (CM Rise School) यहां खुल जाते है, तो बच्चों को हाईटेक सुविधा आसानी से मिल जाएगी।

इसके साथ ही गांव के स्टूडेंट्स का मानसिक और शारीरिक विकास भी होगा। किसान का कहना है कि मेरे पूर्वज समाज सेवा करते आए और मुझे भी यही काम करना बहुत अच्छा लगता है। उनके पास 79 बीघा जमीन इसलिए उन्होंने 4 बीघा जमीन दान में देने का एलान किया है।

भाई ने भी की नेक पहल

उनके चचेरे भाई 67 वर्षीय महेंद्र सिंह रघुवंशी (Mahendra Singh Raghuvansh) ने वर्ष 1975 में बीए कर लिया था और उन्होंने 12वीं विज्ञान से की थी। उन्हें भी शिक्षा के प्रति बहुत लगाव है, इसी कारण मेडिकल के छात्रों के लिए उन्होंने मरणोपरांत अपनी देह दान का मन बनाया। इस प्रकार परिवार की सहमति से नवंबर 2018 में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में देह दान का रजिस्ट्रेशन कराया है।

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