भारत में ही मौजूद ऐसी 7 जगहें, जहां खुद भारतीयों को जाने की अनुमति नहीं है, नहीं जा सकते आप

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Indians Dont allowed
7 places in India where Indians are not allowed. No Indians allowed places in India. Here Indian people entry is restricted. Unique places in India.

Indian People Presentation Photo

Delhi: अपने देश में हम स्वत्रंत हैं, यह तो आप जानते ही हैं और हम अपने देश में बिना किसी के रोकटोक के कहीं भी घूम सकते हैं। देश के कानून ने भी हमें यह मौलिक अधिकार प्रदान किया है कि भारत के किसी भी क्षेत्र में आजाद घूम सकते हैं। लेकिन भारत में ही कुछ ऐसे स्थान जहाँ भारतीयों का जाना माना (Places where Indians can’t go) है।

यह बात सुनने में कितनी अजीब लग रही है परंतु सच है। भारत में कई वर्षों तक अंग्रेजो का शासन रहा उन्होंने बहुत से स्थानों पर भारतीयों के जाने में पावंदी लगाई। परंतु भारत को आजाद हुए 70 साल हो चुके है पर आज भी ऐसा व्यवहार।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उन जगहों के मुखिया एक भारतीय ही है। इसके अलावा उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के आस-पास बहुत सी ऐसी जगह हैं, जहाँ जाने के लिए सरकार से खासतौर पर आज्ञा लेना पड़ता है या इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है।

आपको जानकर हैरान होगी कि भारत में ही कुछ ऐसी जगहें ऐसी भी हैं, जहां संविधान की भी हुकूमत नहीं चलती। इन जगहों पर भारतीयों के जाने पर सख्त पाबंदी है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि ये काम किसी प्रशासनिक अधिकारी या सरकार का है, तो आप सही नही हैं। आज की इस खबर में हम जानेंगे कि कोनसी ऐसी जगह है, जहाँ सिर्फ भारतीय होने के कारण जाने की अनुमति नहीं (Here Indian people entry is restricted) है।

1. रेड लॉलीपॉप हॉस्टल चैन्नई

ये होटल (Red Lollipop Hostel Chennai) प्रथम बार भारत आने वाले पर्यटकों की सेवा करने के लिए चेन्नई के अनोखे होटल में से एक होने का दावा करते हैं। इनके पास “नो इंडियन” (No Indians) पॉलिसी है, हालांकि, विदेशी पासपोर्ट रखने वाले भारतीयों को इस हॉस्टल में रहने की इजाजत दी जा सकती है।

यह चेन्नई का एक ऐसा हॉस्टल है, जहाँ सिर्फ वही लोग रुक सकते है, जिनके पास विदेशी पासपोर्ट है। कुछ भारतीयों के पास भी विदेशी पासपोर्ट होता है, उन भारतीयों को यहाँ रुकने की अनुमति है। यह स्थान बैकपैकर हॉस्टल चेन्नई के मंडावेली में है।

2. हिमाचल प्रदेश का मलाना गांव (Malana Village)

अलेक्जेंडर महान (Alexander the Great) द्वारा 326 ईसा पूर्व में बनाया गया। उस समय युद्ध में घायल हुए लोग यहाँ आकर ठहर गए, तभी से मलाणा (Malana) के लोग इनको अपना पूर्वज मानते है। यहाँ के रहवासियों को ‘मुझे मत छुओ’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इनके उपभोग की वस्तुओं को छूना वर्जित है।

यहाँ तक कि इस गांव के लोगों को किसी और गांव की सीमाओं के पार जाने की इजाजत भी नहीं है। इस गाँव में इस्तेमाल होने वाली भाषा ‘कंशी’ है, जो एक दम पाक है और बाहर के लोगों को इसका उपयोग करना सख्त मना है।

बाहरी लोग उनके पवित्र मंदिरों में प्रवेश नहीं कर सकते, क्योंकि उस गांव के अलावा कोई अन्य व्यक्ति उनके लिए नापाक होता है। मलाना जलविद्युत स्टेशन नामक एक बांध परियोजना इस गाँव को दुनिया के पास लाया है और यह परियोजना इस क्षेत्र से जुड़े रहने का एकमात्र स्रोत है।

3. फ़ॉर्नर्स ओन्ली बीच (Forners Only Beach) गोवा

गोवा बीचो का शहर कहा जाता है, क्षेत्रफल की दृष्ठि से या भस्र्ट का सबसे छोटा राज्य है। गोवा में कुछ बीच (Forners Only Beach Goa) भी हैं, जहां भारतीयों का जाना वर्जित है। यहां के बीच मालिकों का कहना है कि ऐसा करने के पीछे विदेशी महिलाओं के पहनावे से है, वह बिकीनी पहनती जिससे छेड़खानी होती है।

इस स्थिति को सँभालने के लिए ऐसा किया जा रहा है। गोवा के अंजुना बीच पर आपको भारतीय देखने नहीं मिलेंगे। इन बीचों की देख रेख गोवा के स्थानीय लोग ही करते हैं।

4. फ्री कसोल कैफे (Free Kasol Cafe), कसोल (हिमाचल प्रदेश)

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में स्थित एक ऐसा इजराइली कैफे, जहा भारतीयों को सेवा नहीं दी जाती। 2015 में इसका नाम सामने आया, जब यहाँ (Free Kasol Cafe, Himachal) के स्टाफ ने एक भारतीय को सेवा देने से मना कर दिया।

5. लक्षद्वीप (Lakshadweep) के कुछ द्वीप

भारत का सबसे छोटा संघ राज्यक्षेत्र लक्षद्वीप एक द्वीपसमूह है, जिसमें 32 किलोमीटर के क्षेत्र वाले 36 द्वीप हैं। लक्षदीप द्वीप समूह में कुछ विशेष जगह है, जिन पर भारतीयों और विदेशियो को जाना वर्जित है।

उन्हें एक विशेष आज्ञा लेकर ही उनको अंदर प्रवेश दिया जाता है। विदेशियो को मात्र अगाती, कदमतऔर बांगरम द्वीपों पर जाने की ही इजाजत है और भारतीयो को मिनिकॉय और अमिनी जैसे कुछ और द्वीपों पर जाने दिया जाता है।

6. नोरबुलिंका कैफ़े धर्मशाला (Norbulingka Cafe, Dharmshala)

शांति और सकून का प्रतिक धर्मशाला की सुन्दर मोनेस्ट्रियों और हरियाली के बीच नोरबुलिंका कैफ़े (Norbulingka cafe) में स्वर्ग जैसा वातावण है, लेकिन यहां भारतीयों का प्रवेश वर्जित है। यहाँ विदेशी और कुछ खास लोग ही आ सकते हैं।

7.रूसी कॉलोनी, कुंदनकुलम (Russian colony, Kundankulam)

कुंदनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना के पास आवासीय कॉलोनी (Russian colony) है। परंतु भारतीयों का यहाँ आना मना है, क्योंकि उस कॉलोनी में रूसी लोगों का निवास है। यह कॉलोनी केवल बिजली परियोजना पर काम कर रहे रूसी नागरिकों के लिए बनी है।

इसके अतिरिक्त, यह क्लब हाउस, होटल और घरों और अन्य ऐसी चीजों के साथ आत्मनिर्भर है। ये है सात अजूबे भारत देश के भारतियों के लिए बैन है। आगर आप इन जगहों पर घूमने का विचार बना रहे है, तो अपने मन से निकाल दीजिये।

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