
Photo Credits: Ravi Kishan on Twitter
Mumbai: भारत की सवा सो करोड़ आबादी में कम से कम 50 फीसदी लोग छोटे से गावँ और गरीब परिवार से है, परंतु उनकी ख्वाहिशे बहुत अच्छी और नेक होती है। कुछ लोग अपने गावँ से निकल कर शहर की ओर अपने सपनो को लिए आते है, छोटी सी पूंजी से अपनी शुरुआत करते है।
ऐसे ही एक व्यक्ति की हम बात कर रहे है, उनका नाम रविकिशन शुक्ला (Ravi kishan Shukla) है। अगर उनके पोरे नाम की बात करें, तो वे रविंद्र श्यामनारायण शुक्ल (Ravindra Shyamnarayan Shukla) है।
भोजपुरी (Bhojpuri) से लेकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री तक, सुपरस्टार रवि किशन (Superstar Ravi Kishan) अपने प्रसंशकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाने में सफल रहे हैं। रवि किशन का एक्टर से लेकर राजनेता बनने तक का संघर्ष सबसे अलग रहा है। उंन्होने कभी किसी भी काम को छोड़ा बड़ा नही समझा। रविकिशन हिंदी और भोजपुरी फिल्मों में सफल रहे।
वड़ापाव खाकर दिन और रात बिताई
यह केवल 500 रुपये लेकर मुम्बई आये और आज वह 18 करोड़ रुपये (18 Crore Ru) के ओनर है, उनकी शुरुआत इतनी कठिन थी, उन्होंने पेट भर के खाना नहीं खाया। कभी कभी तो ऐसी काली रात बनकर आई कि बस वड़ापाव खाकर उन्होंने यह समय निकालाना पड़ा।
आँखों में स्टार बनने का सपना लिये 17 बर्षीय की उम्र में रविकिशन शुक्ला मुम्बई के लिए निकल पड़े। तब मात्र 500 रुपए हाथ में लिए घर से भागे थे। रविकिशन अपने गरीब माँ बाप का सपना पूरा करने के लिए राम लीला जैसे रंगमंच में काम किया करते थे। रविकिशन जीवन की इस जटिल लड़ाई को लड़ कर आज हिंदी और भोजपुरी फिल्म के सफल अभिनेता है।
जानें कहा हुआ जन्म और पालन
अभिनेता और नेता रविकिशन ने बताया कि उनका जन्म मुम्बई मे हुआ। वह अपने 5 भाई बहन के साथ एक छोटे से कमरे में रहते थे। उनका बचपन उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक टूटे से घर में गरीबी हालात में बीता। उस वक़्त उनकी परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नही थी।
Happy Birthday to Most Talented Actor Ravi Kishan ji!!#ravikishan #HappyBirthdayRavikishan pic.twitter.com/pLThJqMFt2
— AppCode Technologies (@appcodeindia) July 17, 2020
उनका पहला सपना मुंम्बई जाना था। जिसे वह बहुत याद करते थे, परिवार की स्थिति अच्छी ना होने के कारण अधिक शिक्षा ग्रहण नही कर पाएं। जिसके चलते उनको अहसास हुआ कि उनके लिए एक ही काम सही है, वह फिल्म जगत में अपना सिक्का अजमाना।
संघर्ष भरे दिन रहे
रवि किशन की लाइफ में काफी उतार चढ़ाव आया है। जिंदगी बहुत संघर्ष (Struggle) से भरी हुई थी। वे जब मुंबई आए थे, तो उनके पास केवल 500 रुपये थे। उनका पूरा नाम रवि किशन शुक्ला है और उनका ओरिजनल नाम रविंद्रनाथ शुक्ला (Ravindranath Shukla) है।
BJP MP and actor Ravi Kishan visits Bhim Sarovar, Guru Gorakhnath Temple in Gorakhpur on the occasion of #ChhathPuja pic.twitter.com/i5l7GB1T2u
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 10, 2021
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जब उनके गांव में राम लीला नाटक होते थे, तब उनको स्त्रियों की एक्टिंग के लिए भी अप्रोच किया जाता था और वह माना नही करते थे तैयार हो जाते थे।
फिल्मी सफर शानदार रहा
कई जगह से ठोकर खाने के बाद रवि को एक भोजपुरी फिल्म (Bhojpuri Films) में अभिनय मिला। जिसे कोई नही करना चाहता था, परंतु यह उनके लिए सुनहरा अवसर था। इस अवसर को वो जाने नही देना चाहते थे। उंन्होने इसके लिए बिना देरी किये तुरंत हाँ कर दी। मन मे बहुत सवाल तो थे, लेकिन सपने भी कम नही थे।
उनकी शुरुआत इसी फिल्म से हुई कुछ समय के बाद उनको मन मे यह विचार आने लगा कि अब उनको हिंदी फिल्म उद्योग में काम कैसे मिलेगा। उनकी मेहनत और मजबूत हौसलो के साथ उनको आखिर कार कामयाबी मिल गई और वह आज 200 से ज्यादा फिल्म हिंदी और भोजपुरी भाषा में कर चुके है।
25 रुपये से की शुरुआत
कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता। किसी भी काम को करने का जुनून और मजबूत हौसला होना चाहिए फिर दुनिया की कोई ताकत उसे पूरा होने से नही रोक सकती। रविकिशन ने शुरुआत में बांद्रा में अख़बार बाटने का काम किया। उससे उनको 25 रुपए महीने मिलते थे।
Gorakhpur MP and BJP leader Ravi Kishan distributes sweets as BJP sweeps Uttar Pradesh
Modi Ji's teaching that party workers, ministers should always work on the ground has brought us this win. This is the beginning of Ram Rajya, he says. #UttarPradeshElections2022 pic.twitter.com/cFUMKio1xu
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) March 10, 2022
रविकिशन कहते है खुद पर भरोसा करने पर कामयाबी मिलती है। जो सपने देखो उनको पूरा करने की अंदर जिद होना चाहिये। जिद ही इंसान को सफल बनाती है। ईमानदारी कामयाबी की कुंजी है, जो भी काम करो पूरी लगन और निष्ठा से करना चाहिए। वह ख़ुशी से कहते है कि उनको जीवन ने बहुत कुछ दिया। लोग गरीब पैदा होते है, यह उनकी गलती नहीं पर गरीब ही मर जाए यह उनकी गलती है।



