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Hyderabad: भारत दुनिया का सबसे बड़े ऑटोमोबाइल्स बाजार में से एक है और इस समय देश का मिजाज इलेक्ट्रिक व्हीकल की राइड पर है तो, वहीं भारत सरकार भी ईवी को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह का प्रयास कर रही है। इसी प्रयास में सरकार ने बजट 2022-23 में बैटरी स्वैपिंग नीति लागू करने की बात कही।
हमारे देश भारत में इस वक़्त इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की डिमांड आने के चलते नए-नए स्टार्टअप Electric Scooter और Electric Bike लेकर आ रहे हैं। इन इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बैटरी को बार-बार चार्ज करने की समस्या बनी रहती है, जिसका उपाए निकला जा रहा है। फास्ट चार्जिंग और स्वैपेबल बैटरी जैसे ऑफ्शन के साथ भी इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार में आ रहे हैं।
इन्हीं दोनों ऑप्शन में से एक विकल्प (स्वैपेबल बैटरी) के साथ आने वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (Electric Two Wheeler) ने एक नया और अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है। हैदराबाद की इलेक्ट्रिक व्हीकल स्टार्टअप कंपनी Gravton Motors के Quanta इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर एक बाइक राइडर ने दावा किया है की उसने बिना चार्ज किए 4011 किलोमीटर का सफर तय किया।
इलेक्ट्रिक बाइक ने कन्याकुमारी से लद्दाख की दूरी तय की
Gravton Motors कंपनी के मुताबिक़ उनकी इस मोपेड जैसी दिखने वाली इलेक्ट्रिक बाइक ने कन्याकुमारी से खारदुंग ला (लद्दाख) की दूरी मात्र 164 घंटे और 30 मिनट (6.5 दिन) में पूरी की है। ऐस में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करवाया जा रहा है। इस सफर की शुरुआत कन्याकुमारी से 13 सितंबस 2021 को की गई थी और 20 सितंबर 2021 को खारदुंग ला पहुंच कर इस जर्नी की समाप्ति हुई।
इस सफर में सबसे खास बात यह रही की इस इलेक्ट्रिक बाइक को कहीं भी बैटरी चार्जिंग के लिए नहीं रोका गया। कंपनी ने कहा कि टीम ने बिना किसी चार्जिंग स्टॉप के दूरी तय की, क्योंकि बाइक स्वैपेबल बैटरी तकनीक से लैस है। इस कारण यह सफर बिना रुके तय हो पाया है।
बैटरी स्वैपिंग क्या है और कैसे काम करती है
आपको बता दें की बैटरी स्वैपिंग (Battery Swapping) क्या होती है। इसके चलते गाडी चलने वाले को बार-बार गाडी की बैटरी को चार्ज करने की जरुरत नहीं पढ़ती है। चालाक अपने व्हीकल में दिए गए बैटरी के अलावा एडिशनल बैटरी भी रख सकता है और जरूरत पड़ने पर आसानी से स्कूटर या बाइक की बैटरी को बदल सकता है।
आपको बता दें की किसी भी इलेक्ट्रिक बाइक की बैटरी को चार्ज होने में कुछ घंटे लग जाते हैं, ऐसे में बैटरी स्वैपिंग अच्छा ऑप्शन है। Quanta इलेक्ट्रिक व्हीकल में कंपनी ने 3KW की मोटर देती है, जो 172 Nm का अधिकतम टॉर्क जेनरेट करती है। इसके अलावा इसमें तीन राइडिंग मोड्स सिटी, स्पोर्ट्स और ईको दिए जाते हैं। ईको मोड में यह 150 किलोमीटर तक चल सकती है। इसके डुअल बैटरी के साथ इसकी रेंज 320KM है।
Congratulations to Team @GravtonMotorsEV
for developing and building the first completely "Made in Telangana" EV with swappable batteries. I am proud to say the core team hails from our very own Siricilla pic.twitter.com/D9voBui085— KTR (@KTRTRS) February 4, 2022
Gravton Motors कंपनी की Quanta EV को कुछ समय पहले ही इंडियन मार्किट में 99,000 रुपए (एक्स-शोरूम) की कीमत में लांच किया गया था। कंपनी का दावा है कि यह टू-व्हीलर को पूरी तरह इन-हाउस तैयार किया गया है, जो इसे मेड-इन-इंडिया प्रोडक्ट बनाता है। अभी यह तीन कलर ऑप्शन में उपलब्ध है, जो की रेड, व्हाइट और ब्लैक कलर में खरीदी जा रही है।
Gravton Motors To Set Up Rs 150 Crore Unit In Telangana
Electric Vehicle maker plans to create about 3,000 jobs in the State. #MakeInTelangana @GravtonMotorsEV @KTRTRS @InvTelangana pic.twitter.com/3XoelL4NNS
— Hi Hyderabad (@HiHyderabad) February 5, 2022
बजट में वित्त मंत्री ने ईवी सेक्टर के लिए बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी लागू करने की बात कही हैं। बैटरी स्वैपिंग एक ऐसी विधि है, जिसमें समाप्त बैटरी को पूरी तरह चार्ज बैटरी से बदल दिया जाता है। बैटरी की अदला-बदली चिंता, कम वाहन लागत और कुशल चार्जिंग व्यवस्था के लिए एक संभावित समाधान है। यह नए बैटरी पैक खरीदने में लगने वाली लागत से बचाता है, जिससे इलेक्ट्रिक व्हीकल यूजर्स के जेब पर अधिक भार नहीं जाता है।
To further strengthen the case for electric motorcycles and battery swapping in India, @GravtonMotorsEV took a trip from #Kanyakumari to #KhardungLa, stopping only at Manali for acclimatisation. The team covered a distance of 4011km in just 164 hours and 30 minutes. • #evoIndia pic.twitter.com/QWRvTL8Fic
— evoIndia (@evoIndia) February 4, 2022
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम में और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए बैटरी स्वैपिंग नीति लागू की जाएगी, जिससे बड़े पैमाने पर बैटरी स्टेशन स्थापित करने के लिए एक बैटरी स्वैपिंग नीति लाई जाएगी और इंटरऑपरेबिलिटी मानक तैयार किए जाएंगे। निजी क्षेत्र को एक सेवा के रूप में बैटरी और ऊर्जा के लिए टिकाऊ और अभिनव मॉडल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जो ईवी ई में दक्षता बढ़ाएगा।



