
Photo Credits: Kore Agro (koreagro.com)
Ahmedabad: पढ़ लिखकर एक काबिल व्यक्ति बनकर नौकरी पाना बहुत ही अच्छी बात है। हर स्टूडेंट यही चाहता है और सपने देखता है। परन्तु कुछ लोग ऐसे भी होने हैं, काबिल बनकर कुछ ऐसा करते हैं की दूसरों को नौकरी देता है। हमारी आज की कहानी एक ऐसे ही शक्श की है, जिनके पास CA (चार्टर्ड अकाउंटेंसी) की अच्छी खासी डिग्री थी और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा भी क्रैक करने के लिए काफी तैयारी कर ली थी।
इतना सब होने के बावजूद उन्होंने मसालों के व्यापार में उतरने का फैसला किया। आज वे सफल व्यवसायी है। गुजरात में अहमदाबाद (Ahmedabad) के CA विनय जैन (CA Vinay Jain) के लिए इतनी मेहनत से की गई सीए की पढाई और डिग्री को साइड में रखकर मसालों को बेचने का बिजनेस शुरू करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कुछ बड़ा करने का सपना देख रखा था।
शुरू से ही विनय एक मेधावी छात्र
आज वे एक सफल उद्यमी होने के अलावा कई लोगों को रोजगार भी दे रहे है। इससे देश को मजबूत बनाने में भी मदत मिलती है। विनय जैन (Vinay Jain) के पिता दवाई खरीदने हुए बेचने का कारोबार करते थे। शुरू से ही विनय एक मेधावी छात्र थे और खेलों में भी काफी एक्टिव थे।
प्रारंभिक शिक्षा के बाद, उन्होंने सफलतापूर्वक CA की पढ़ाई अच्छे अंको से साथ पूरी कर ली। CA की पढाई पूरी करना एक चुनौतीपूर्ण टास्क है। हर कोई इसे पूरा नहीं कर पाता है। CA की पढ़ाई पूरी होने के बाद विनय UPSC की तैयारी करने के लिए दिल्ली चले गए।
पहले एक अफसर बन्न चाहा था
उन्होंने एक और कठिन प्रतियोगी परीक्षा को क्रैक करने का मन बना लिया था। वह अपने पहले यूपीएससी (UPSC) प्रयास में तो सफल नहीं हो सके। तैयारी तो उनकी अच्छी खासी हो गई थी। फिर भी साल 2014 में उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने खुद का एक व्यवसाय (Business) शुरू करने पूरा मन बना लिया।
वैसे तो विनय कोई उत्पाद का व्यवसाय करने की सोच रहे थे, लेकिन अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने से पहले वह रिसर्च करना चाहते थे। मई 2014 से अप्रैल 2015 तक, उन्होंने व्यापार के लिए लागत, संभावित वस्तुओं और सोर्स की जानकारी जुटाने के लगाने के लिए पूरे भारत की यात्रा की।
अच्छी क्वालिटी वाले मसालों का व्यापार शुरू किया
इस बीच, उन्होंने फरवरी 2015 में अपनी कंपनी शुरू करने की सभी जरुरी स्टेप ले ली। उन्होंने अपनी कंपनी का नाम “कोरे इंटरनेशनल” (KORE International) रखा। उन्होंने उच्च क्वालिटी वाले मसालों का व्यापार (Masale Ka Business) शुरू करने का प्लान बनता था। उनके लिए मसाला उद्योग (Condiments Business) एक नया क्षेत्र था। अतः उन्होंने कुछ समय इस कारोबार से संबंधित जानकारी जुताई और अपने कांटेक्ट बढ़ाये।

विनय को अपने कुछ ही महीनों के काम से अपना पहला बल्क ऑर्डर 64 लाख रुपये का हासिल हुआ। विनय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ग्राहक बनाने में कामयाब हुए। उन्होंने एक बार काजू आयात कर एक भारतीय खरीदार को बेचा। उस खरीददार ने डील की पेमेंट के लिए काफी लंबा समय लिया। लेकिन विनय ने अपनी बकाया पेमेंट को पाने के लिए धैर्य बरता और उस खरीदार से लगातार प्रेम से संपर्क में रहे। आज वही खरीदार विनय के प्रमुख ग्राहकों में से एक हैं।
विनय ने अपने पिता की दी सीख को अपनाया
विनय के लिए सबसे जरुरी चीज़ माल की क्वालिटी थी। कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव ने उन्हें नुकसान पहुँचाया, लेकिन उन्होंने कभी भी वस्तुओं की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया। विनय के पिता ने उन्हें बताया था कि ‘यदि आप बाजार में बड़ा बनाना चाहते हैं, तो आपको एक रुपये कम चार्ज करने और ग्राहकों को एक रुपये बेहतर क्वालिटी देने करने की आवश्यकता है।’ इसी कारण से आज अनेक कस्टमर उन पर पूरा भरोसा जता रहे है।
आज उनकी कंपनी एक बड़ा एक्सपोर्ट हाउस है
विनय ने एक पत्रकार को बताया की व्यापार की सफलता में 60 फीसदी योगदान आपके व्यव्हार और डीलिंग कौशल का होता है।आज, कोरे एग्रो को भारत सरकार द्वारा एक स्टार एक्सपोर्ट हाउस (Star Export House) के रूप में मान्यता प्राप्त है। अब उनकी कंपनी KORE International अब एक बड़े एक्सपोर्ट हाउस में तब्दील हो गई है।
वित्त वर्ष 2019-20 में, कोरे एग्रो (Kore Agro) ने 80 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है। विनय ने सीए किया और यूपीएससी की तैयारी भी की। फिर भी खुद का व्यवसाय शुरू करने का रिस्क लिया। वे असफल भी हो सकते थे, परन्तु उन्होंने सही रिसर्च और बुद्धि का इस्तेमाल करते हुए अपने अच्छे व्यवहार से लोगो का दिल जीता और आगे बढ़ते गए। यही सफल बिजनेसमेन की निशानी है।




