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Darbhanga: देश की मोदी सरकार के रहते बिहार में वैसे ही बहुत विकास कार्य चल रहे हैं। बिहार सरकार और देश की केंद्र सरकार साथ मिलकर बिहार को एक डेवलप्ड राज्य बनाने की तरफ अग्रसर हैं। अब बिहार के लोगो को एक और सौगात मिल रही है और इसके चलते राज्य में रोजगार के अवसर भी बनेंगे। बिहार राज्य का पहला तैरता हुआ सोलर बिजली प्लांट (Floating Power Plant) बनकर तैयार हो गया है।
यह एक अनोखा कार्य है। बिहार के कादिराबाद (Kadirabad) में राज्य का यह पहला तैरता हुआ पावर प्लांट एक तालाब मे लगाया गया है। इस प्लांट में नीचे में मछली उत्पादन किया जाना है और तालाब के ऊपर सोलर प्लेट में सौर ऊर्जा से बिजली का भी उत्पादन किया जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है की नीचे मछली (Fish Farming) और ऊपर बिजली उत्पादन किया जाना है।
एक विद्युत उप केंद्र भी बनाया जा रहा हैं
ऐसा मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है की इस तालाब में पानी के ऊपर सोलर प्लेट (Floating Solar Power Plant) लगाने का कार्य अब करीब करीब पूरा हो गया है। इसे फाइनल रूप दिया जा रहा है। इस सोलर प्लांट के माध्यम से बनने वाली बिजली को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए एक विद्युत उप केंद्र भी बनाया जा रहा हैं।
इस विद्युत उप केंद्र में 1.6 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जाएगा। अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इसे अन्न तालाबो में भी विस्तार करके काम बढ़ाया जायेगा। जिससे ज्यादा उत्पादन किया जा सके। तैरता बिजली प्लांट लगाने वाले कंपनी के प्रॉजेक्ट मैनेजर ने एक अख़बार को बताया कि यह बिहार का एक मात्र पहला फ्लोटिंग सौर ऊर्जा से चलने वाला पावर प्लांट है।
काम अब करीब पूरा हो गया है
आगे बताया गया की इसका काम अब करीब पूरा हो गया है। बिहार सरकार के साथ मिलकर यह कार्य पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पावर प्लांट से 1.6 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। विद्युत उप केंद्र बनकर तैयार होने के बाद इसे चार्ज कर बिजली उत्पादन (Electricity Production) शुरू कर दिया जाएगा।
इससे कोई प्रदूषण भी नहीं होगा
कंपनी मैनेजर ने बातचीत में बताया की इस पावर प्लांट में खास बात यह है कि इससे कोई प्रदूषण भी नहीं होगा और तालाब की प्राकृतिक बनावट में कोई छेड़छाड़ ना करते हुए मछली पालन किया जायेगा। दरभंगा के नगर विधायक संजय सरावगी ने इस बारे में अन्न जानकारी देते हुए बताया कि बिहार सरकार के PPP मोड पर तालाब में यह फ्लोटिंग पावर प्लांट लगाया गया है।
DEVELOPMENT
OCTOBER 2019: Known by sobriquet-'City of Ponds', Darbhanga will soon have state's first floating solar power plant. TWO MW capacity grid-tied floating solar power project is an initiative of Bihar Renewable Energy Development Agency.OCTOBER 2021: PROJECT SHELVED. pic.twitter.com/8UA1Un9axf
— Bishnu K Jha (@bisnujha) October 6, 2021
हमारा यह प्रोजेक्ट एक प्रयोग है, जोकि सफल होगा। इसमें सफलता हासिल होते ही अन्य तालाबों में भी ऐसे सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। दरभंगा (Darbhanga) के लोगो को इसका लाभ जरूर मिलने वाला है। दरभंगा में ऐसे तालाबों की संख्या अधिक है, ऐसे में अगर गैर परंपरागत बिजली उत्पादन होती है, तो बिजली उत्पादन की कैपेसिटी बढ़ेगी। यहाँ पर अधिक बिजली उत्पादन होने से बिजली की कीमतों में भी कमी जरूर आएगी और बिजली आपूर्ति भी सही से होगी।



