एक प्राउड पिता की कहानी, जिसकी एक बेटी सेना में कैप्टन बनी, तो दूसरी बिटिया लेफ्टिनेंट बन गई

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Divya and Dimple Singh Bhati
Thakur Bhagwan Singh Bhati of Jodhpur is feeling proud, as his elder daughter Divya is a Captain in Army and younger daughter Dimple is commissioned today as Lieutenant.

Photo Credits: Twitter

Jodhpur: किसी शख्स के लिए सफल होने की एक ही सीढ़ी है और वह है प्रेरणा के मार्ग से होने हुए चढ़ी गई सीढ़ी। अगर कोई भी साहस मन के ठान ले, तो अपनी मंजिल तह कैसे भी पहुँच ही जाता है। हम आप तक ऐसी कहानियां पहुंचाते ही रहते हैं, जो इतनी प्रेरणा दायक हों की आपको उससे कुछ सीख मिले और आपका मार्गदर्शन हो सके।

सेना में भर्ती होना भी एक सम्मानजनक बात होती है और सेना के उच्च पदों पर जाना तो मानो सपना ही होता है, सेना में जाने के लिए कई लोगो को किसी ना किसी से प्रेरणा मिलती है। कुछ लोग किसी वार हीरो को अपना आइडियल मानते है। किसी के लिए प्रेरणा शहीद पति बन जाते है, तो किसी के लिए उनके पिता। किसी की प्रेरणा उनके दादा बनते है। ऐसे ही जोधपुर में रहने वाली बहनो दिव्या और डिंपल सिंह भाटी (Divya and Dimple Singh) की कहानी भी है।

राजस्थान के जोधपुर से सेना में नई लेफ्टिनेंट बनी डिंपल भाटी को 11 महीने के कठिन शारीरिक और सैन्य प्रशिक्षण के बाद, अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA), चेन्नई की पासिंग आउट परेड में रजत पदक से सम्मानित किया गया। डिंपल ने अपनी ट्रेनिंग और कोर्स के दौरान 180 पुरुषों और महिलाओं के बीच दूसरा स्थान हासिल किया।

भारतीय सेना में पोस्टेड अपनी बड़ी बहन, कैप्टन दिव्या सिंह (Army Captain Divya Singh) से प्रेरणा लेने वाली डिंपल सिंह भाटी को सिग्नल कोर में पोस्टेड किया गया था, जिसके बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर में अपनी फर्स्ट पोस्टिंग प्राप्त हुई। आपको बता दें की डिंपल सिंह, 1962 में चीन के खिलाफ युद्ध में भारत के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर शैतान सिंह की पोती हैं।

दिव्या के पिता और शैतान के के बेटे बीएस भाटी (Bhagwan Singh Bhati), बैंक में अफसर के तौर पर कार्यरत हैं और उनकी मां हाउस वाइफ हैं। उनका एक छोटा भाई भी है, जो इंजीनियरिंग भी पढाई कर रहा है। अब उनकी बेटी सेना में बड़ी अफसर बन चुकी है।

पिता बी एस भाटी ने एक अख़बार को बताया की मेरी दोनों बेटियाँ हमेशा भारतीय सेना (Indian Army) में जाना चाहती थीं और पिछले साल मेरी बड़ी बेटी को JAG कोर में कमीशन किया गया था और अब वह एक अफसर बन गई है। मेरे कई रिश्तेदार भी सुरक्षा बलों में देश सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया की उनकी दोनों बेटियों (Both Daughters) को सेना में शामिल होने की बहुत उत्सुकता थी। उनका सपना आज पूरा हो गया।

सेना जवान डिंपल (Dimple Singh Bhati) का कहना है की उनकी फॅमिली में कई लोग सैन्य अफसर रह चुके हैं। ऐसे में वे भी सेना में भर्ती होने के बारे में पहले से जानती थी। ऐसे में जोधपुर की जीत इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करते समय भी वे NCC में रही थी। उनका खेलों में बहुत इंट्रेस्ट रहा। फिर सेना में भर्ती होने का फैसला, उन्होंने अपनी बड़ी बहन कैप्टन दिव्या के सैन्य अधिकारी बनने के बाद लिया। उन्हें अपनी बड़ी बहन के सेना की अफसर बनने पर बहुत ख़ुशी हुई और वही से प्रेरणा मिली।

सेना की लेफ्टिनेंट डिंपल (Indian Army Lieutenant Dimple Singh Bhati) ने की 7 जनवरी 2021 को ट्रेनिंग शुरू हुई, तो सबसे पहला और कठिन चैलेंज चेन्नई की उमस भरी गर्मी का सामना करना था। शुरू में तो बड़ी परेशानी हुई और फिर धीरे-धीरे इसके अनुरुप खुद को सेट कर लिया।

180 कैडेट्स के बैच में 29 महिलाएं थीं और बाकी सभी पुरुष जवान थे। ट्रेनिंग में लड़का-लड़की के बीच कोई भेदभाव नहीं था। ऐसा नहीं था कि लड़की होने के नाते किसी को रियायत दी जाती हो। सभी को एक समान तरीके से अपनी ट्रेनिंग पूरी करनी थी।

एक समय डिंपल को बहुत दिक्कत हुई और ट्रेनिंग के समय उनको लगा कि अब और नहीं किया जायेगा। 30 किलोमीटर की दौड़ और पीठ पर बीस किलोग्राम का वजन हैंडल करना बहुत बड़ी बात है। सेना का अफसर बनने की ललक के चलते यह सब सहते हुए पूरा किया। डिंपल को सेना के जाने का जस्बा अपने दादा जी मेजर शैतान सिंह (Maj Shaitan Singh Bhati) से भी आता रहा, जो 1962 की जंग के हीरो रहे थे।

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