चीन लैब में बना रहा महामानवों की सेना, इंसान-चिंपैंजी की क्रॉस-ब्रीडिंग से महा शक्तिमान बनाये जा रहे

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Human-Chimpanzee Hybrid
Scientists Playing God Managed To Create a Human-Chimpanzee Hybrid. Inside China’s HUMANZEE experiments to breed apemen. Chinese scientists trying to create Human-Monkey cross breed super human.

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Delhi: यह तो आप जानते ही हैं की हमारी अर्थात इंसानों की उत्पत्ति वानरों से ही हुई है। ऐसे में अगर ऐसा हो जाये की एक ऐसे जीव की उत्पत्ति हो, जो इंसान और बन्दर का मिला जुला रूप हो। इंसानों के पूर्वज बंदर थे। अब विदेशी मीडिया में खबर आई है की अब चीन (China) इन बंदरों और इंसानों की हाइब्रिड बीडिंग से ‘महामानव’ बना रहा है।

बता दें कि 1980 के दशक में एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसके मुताबिक़, चीन में 1967 में ‘ह्यूमन-चिंपैंजी’ की क्रॉस-ब्रीडिंग (Human Monkey Hybrid) की गई है और इसका उद्देश्य महामानव बनाना था। वहीं अब चीनी सरकार इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू कर रही है।

अब यह खबर पूरी दुनिया की सुर्ख़ियों में है की चीन के लैब में इंसान और बंदर का हाइब्रिड (Human-Monkey Hybrids) तैयार हो रहा है, जो भविष्य का सुपर सोल्जर मन जा रहा है। ऐसा बताया गया है की इन्हें न तो कभी भूख-प्यास लगेगी और न ही नींद आएगी। किसी हॉलीवुड की फैंटसी फिल्म की तर्ज़ पर इन महामानवों को स्पेस से लेकर समुद्र की जंग में में इन्तेमल लिया जा सकता है।

इससे पहले भी रूस में सोवियत वैज्ञानिकों को 1920 के दशक में स्टालिन ने एक हाइब्रिड एप-मैन (बंदर-मानव) ‘सुपर सैनिक’ (Super Soldier) बनाने का आर्डर दिया था, जो कठिन हालातों में भी काम करने के सक्षम हो। जहां आम इंसानों काम नहीं कर सकते, वहां इनसे काम करवाया जा सके। इस योजना का नेतृत्व इल्या इवानोविच इवानोव ने किया था, लेकिन 1930 के दशक के शुरू में ही इवानोव की सोवियत कैंप में जान चली गई थी।

2019 में यूएस साल्क इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल स्टडीज के प्रोफेसर जुआन कार्लोस इजपिसुआ बेलमोंटे के नेतृत्व में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता हासिल हुई थी। इस टीम ने कथित तौर पर एक मानव और बंदर का हाइब्रिड (Cross Breed of Human and Chimpanzee) तैयार किया था, जो 19 दिनों तक जीवित भी रहा। फिर देहांत के बाद यह काम भी ठंडा पढ़ गया।

विदेशी मीडिया ‘द सन’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2019 में अमेरिका में एक हाइब्रिडाइजेशन प्रोजेक्ट के दौरान हीब्रिड जीव ह्यूमनजी का जन्म हुआ था। यूएस साल्क इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल स्टडीज के प्रोफेसर जुआन कार्लोस इजपिसुआ बेलमोंटे के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कथित तौर पर एक मानव और बंदर का हाइब्रिड तैयार किया था।

बताया जा रहा है की इस हाइब्रिड ‘ह्यूमनजीज़’ (Humanzee) का इस्तेमाल खनन, भारी कृषि कार्य, बाहरी अंतरिक्ष और समुद्र की गहराई जैसी जगहों की खोज के लिए किया जाएगा। द सन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक ह्यूमनजी का जन्म अमेरिका में एक हाइब्रिडाइजेशन प्रोजेक्ट के दौरान हुआ था लेकिन उसे लैब कर्मियों ने ही मार दिया था। इस प्रोजेक्ट पर अभी भी चीन की एक लैब काम कर रही है।

यह कुछ इस तरह का है, जैसे की आपने हॉलीवुड की फिल्म देखि होगी ‘प्लेनेट ऑफ़ एप्स’ या वॉर फॉर थे प्लेनेट ऑफ़ थे एप्स। इन फिल्मो में बंदर या चिंपांज़ी को इंसान की तरह बोलते और लड़ते दिखाया गया है। यहाँ तक की वे इंसानों पर भी भारी पढ़ जाते हैं। ऐसे में अगर चीन इस काम में सफल हो गया, तो इस दुनिया में क्या होगा, यह सोचने वाली बात है।

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