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Delhi: देश की सबसे बड़ी सरकारी नौकरी (Government Job) करने के लिए UPSC Exam पास कर IAS और IPS बनाना अनेक युवाओं का सपना होता है। इनमे से कुछ युवा अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा को क्रैक कर अपनी मंजिल तक पहुँच जाते है। इसके उलट लाखों लोग इस मुकाम को हासिल करने के लिए संघर्ष करते रहते हैं।
पूरे देश में सभी शहरों और कुछ गावों में ऐसे लाखों युवा मन में सपने लिए संघर्ष (Struggle) कर रहे है, जो यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC Civil Service Exam) पास कर बड़े अफसर बनना चाहते हैं। कुछ अभ्यार्थी तो कई साल तैयारी करने के बाद भी सफल नहीं हो पाते है और निराश होकर बैठ जाते है।
कुछ ऐसे अभ्यर्थी होते हैं, जो अपनी मंजिल तक जाने की जिद्द तक डटे रहते हैं। आज के शख्स ने यह साबित कर दिया है की फेल होने के बाद भी करियर खत्म नहीं होता है। यह सीख हमें आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा की कहानी (IPS Manoj Sharma Story) से मिलती है।
आपको बता दें की एक किताब है, इसका शीर्षक ’12th फेल, हारा वही जो लड़ा नहीं’ है। यह किताब एक सच्ची कहानी पर आधारित है, जो महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस मनोज शर्मा (IPS Manoj Kumar Sharma) के ऊपर लिखी गई है। इसके लेखक मनोज के दोस्त अनुराग पाठक हैं। हमें भी इस बुक के माध्यम से आईपीएस मनोज शर्मा के बारे में पता चला।
Book : "12th Fail" —
From failing in 12th class to becoming an IPS officer, story of Manoj Sharma is a hell of ride. It's a tale of Hard Work, Dedication, Failure, Love, Friendship, Grit, Hope & Poverty. 1/2 pic.twitter.com/Ev2nlNNgxS— 𝘾𝘼 𝙍𝙖𝙟𝙚𝙨𝙝 𝘾𝙝𝙤𝙪𝙙𝙝𝙖𝙧𝙮 (@_i_m_rj_) August 21, 2021
भला हो आज मनोज शर्मा 2005 बैच के महाराष्ट्र कैडर के IPS अफ़सर हैं। इस वक़्त वे मुंबई में एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ वेस्ट रीज़न के पद पर पोस्टेड भी हैं। परन्तु यहाँ तक पहुँचने के लिए उन्होंने बहुत अधिक संघर्ष किया है। उनका जन्म मध्यप्रदेश के मुरैना में हुआ था। वे शुरू में पढाई में कुछ खास अच्छे नहीं थे।
बच्चपन में मनोज 9वीं, 10वीं और 11वीं में बड़ी मुश्किल से थर्ड डिवीज़न में पास हुए थे। किताब (‘Twelfth fail’ book Of IPS Manoj Sharma) में दी जानकारी में मनोज कहते हैं कि वे 11वीं तक नकल करके पास हुए थे और 12वीं में फेल हो गए, काहे की वहां नकल कर ही नहीं पाए थे।
उस वक़्त उनका विचार था की 12वीं नकल करके पास करने के बाद टाइपिंग सीख लेंगे और उस योग्यता के आधार पर कहीं भी नौकरी मिल जाएगी। परन्तु 12th में क्षेत्र के एसडीएम के कड़े आदेश के चलते सभी एग्जाम सेण्टर सकती दिखते रहे और वे नकल नहीं कर पाए।
ऐसे में एसडीएम के उस आदेश का उनके ऊपर बहुत असर हुआ। उन्होंने सोचा की इतना पावरफुल आदमी कौन है। बस उसी वक़्त उन्होंने ठान लिया कि अब तो एसडीएम ही बनना है। मनोज 12वीं फेल (12th Fail) होने के बाद अपना जीवन यापन करके के लिए अपने भाई के साथ टैंपो (Tempo) चलाते थे।
Grab your copies!!
"12th Fail" novel is based on the life of IPS Manoj Sharma, one who redefines perseverance.Gifted with the ability to stand tall admist all storms with a gracious, warm and love filled heart..one of the romantic IPS officers..keep inspiring us!! pic.twitter.com/n4ToRlWL09— Siddhant Mishra (@siddhantvm) September 12, 2019
कुछ समय टैंपो चलाते रहे, फिर एक बार उनका टैंपो पकड़ा गया, तो उन्हें विचार आया की एसडीएम (SDM) इसे छुड़ा सकते हैं। उन्होंने बुक मेंबताया है की मैं एसडीएम के पास टैंपो छुड़ाने के लिए गया था, लेकिन मैं उनसे उनकी तैयारी के बारे में बात करने लगा। उनकी बात सुनने के बाद मैंने फैसला किया की अब यही बनना है।
अपने मन में सपने लिए मनोज ग्वालियर आ गए। होटल के पैसे ना होने के चलते वे भीखारियों के पास सोये। खाने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में लाइब्रेरियन कम चपरासी की नौकरी करने लगे। फिर इस नौकरी को करते हुए UPSC की तैयारी शुरू कर दी। उन्हें 12वीं फेल होने का इस कदर मलाल था की वे जिस लड़की से प्यार करते थे, उससे भी सिर्फ़ इसलिए दिल की बात नहीं कर पाते थे, क्योंकि 12th फ़ैल थे। ऐसे में काम करते करते मनोज ने जैसे तैसे 12वी की पास कर ली।
With आदरणीय सर Advocate श्री Nitin Satpute साहेब साथ में आदरणीय बङे भाई advocate आशीष Roy जी
with Shri Manoj Sharma Sahab IPS ( Additional Commissioner of police Mumbai) pic.twitter.com/XMvrBwkOxX— Vishnu B Katekar (@katekarv3) February 9, 2020
फिर मनोज वहां से भी दिल्ली चले गए। दिल्ली में अपनी आजीविका चलाने के लिए अमीर लोगों के घरों के कुत्तों को घुमाने का काम करने लगे। उन्हें 400 रुपये प्रति कुत्ता मिलता था। किस्मत से एक गुरु जी ने बिना पैसे लिए उन्हें पढ़ाना चालु कर दिया। इस कारण से अपने फर्स्ट अंटेप्ट में उनका UPSC का प्री निकल गया। परन्तु पूरी तरह से नहीं हो हुआ था। फिर चौथे प्रयास में भी निकल गया। अब मेन्स एग्जाम में इंग्लिश अच्छी ना होने के चलते नहीं हो सका।
उन्होंने किताब (Book ’12th Fail’) में बताया है की मैं जिस लड़की से प्यार करता था, उससे कहा कि तुम साथ दो, तो दुनिया पलट दूंगा। उसने साथ दिया। इस तरह प्यार में सफलता और सपोर्ट मिलने के बाद अच्छी पढ़ाई शुरू कि और चौथे प्रयास में UPSC एग्जाम को पूरी तरह से क्रैक कर लिया और आईपीएस अफसर बन गए। यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा में तीन बार फेल हुए, लेकिन चौथे प्रयास में बाजी मार ली।



