
Demo Image
Bali/Indonesia: दुनिया में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश में एक समय हिंदुओं का वर्चस्व चलता था। आज भी इस मुस्लिम देश में हिंदुत्व के प्रमाण जीवित है हिंदुत्व के प्रमाण को देखकर उनके वर्चस्व को जाना जा सकता है। दुनिया की सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया है। कहा जाता है कि 13वीं और 16वीं सदी में मुस्लिमों के निवास करने से पहले इंडोनेशिया हिंदू का राष्ट्र माना जाता था।
इंडोनेशिया के जावा में एक के बढ़कर एक हिंदू मंदिर का प्रमाण देखने को मिल जाएंगे और उतने ही सभी द्वीपों पर भी है। लेकिन बाली एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ सबसे ज्यादा और बेहद अद्भुत मंदिर हैं। इन्हीं मंदिरों में से एक है पानी के अंदर स्थित भगवान विष्णु का मंदिर जो अपने आप में अनोखा अजूबा है। ये उत्तर पश्चिम बाली के पेमुतेरान बीच में समुद्र की सतह से 90 फीट नीचे देखने को मिलता है।
मंदिर 5000 साल पुराना बताया जाता है
कई मीडियाकर्मियों की खबरो के अनुसार ये मंदिर 5000 साल पुराना बताया जाता है। इसकी स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस स्थान पर समुद्र का लेवल किस तेजी से बढ़ा होगा है। बाद में कई मीडियाकर्मियों की खबरो के मुताविक ये बात भी सामने आई कि मंदिर को लेकर किए गई सारी बाते सही नही है।
असल में मंदिर हाल के एक आर्टिफिशियल रीफ क्रिएशन प्रोजेक्ट का पार्ट था। समुद्र की तल पर Verticle स्ट्रक्चर खड़े कर ये मरीन हैबिटेट बनाया गया था। सी रोवर डाइव Center के Construction के लिए इंटरनेशनल Development के लिए ऑस्ट्रेलियन एजेंसी की ओर से फंडिंग की गई थी।
5000 Years Reclining Hindu God Vishnu Temple Under Sea In Bali, Indonesia. The fact that Rama’s Kingdom extende.
Source Link:-https://t.co/xwsobkkDfk pic.twitter.com/5c64r5hZeZ— sanatanpath (@sanatanpath) August 8, 2019
ये डाइव के लिए मनुष्य की बनाई हुई रीफ है, जिसे Local न्यू स्कूबा डाइविंग स्पॉट करते हैं। Group ने इस मंदिर को तमन पुरा या टेम्पल गार्डन नाम दिया था। इंडोनेशिया की राजधानी जर्काता के कुछ Internet Portals और मीडिया स्टेशन ने इस हैरान कर देने वाली खबरें दिखानी प्रारम्भ कर दी।
इतना ही नहीं इस स्थान को मंदिर का प्राचीन खंडहर होने की पुष्टि भी करने लगे। जब इसके बारे में पता चला तो और जब ये इन्फॉर्मेशन इंडोनेशियन मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर और टूरिज्म के पास पहुंचीं, तो एक्वेटिक आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर सूर्या हेल्मी ने इसके बारे में इन्फॉर्मेशन देकर अफवाह दूर करने का पूरा प्रयास किया।



