
Delhi: आपने कई लोगो को यह कहते सुना होगा की भैया थोड़ा स्पाइसी बनाना। कुछ लोगो को खाने में तीखा पसंद होता है। ऐसे में यदि आप तीखा खाना खाने के बहुत शौकीन हैं, तो इससे सर्दियों में होने वाली कई शारीरिक दिक्कतों और बीमारियों से भी बच सकते है।
अपने भोजन में हरी मिर्च (Green Chilli) का इस्तेमाल सही मात्रा में करना बहुत फायदेमंद होता है। हरी मिर्च में फाइबर्स, विटामिन-सी और अन्न जरुरी तत्व होते है, जो हमारे शरीर के पाचन तंत्र हो सही करने, हड्डियों, दांतों और आंखों के लिए व्ही फायदेमंद होते है।
हरी मिर्च का सही उपयोग रोज खाना बनाने के लिए किया जाता है। हरी मिर्च (Hari Mirch) का अचार भी काफी लोग पसंद करते हैं। अधिकतर आप हरी मिर्च बाजार से खरीद लेते है। आपको ताज़ी और शुद्ध हरी मिर्च आपके घर पर भी उपलब्ध हो सकती है। आप हरी मिर्च को आसानी से घर में भी उगा सकते हैं।
मिर्च में कैपसेसिन नाम के एक तत्व पाया जाता है
हरी मिर्च भारत की एक जरुरी और महत्तवपूर्ण फसल में से एक है। हरी मिर्च को सब्ज़ी, कड़ी, आचार, चटनी और सलाद के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। मिर्च में कड़वापन कैपसेसिन नाम के एक तत्व के कारण पाया जाता है, जिसे दवाइयों के तौर पर उपयोग किया जाता है।
वैसे तो मिर्च का मूल स्थान मैक्सिको और गुआटेमाला जैसे देखों में माना जाता है। अब आप बोलेंगे की मिर्च तो भारत में बहुतायत में उगाई जाती है, तो बता दें की भारत में मिर्चें 17वीं सदी में पुर्तगालियों द्वारा गोवा लाई गई और इसके बाद यह पूरे भारत में पहुँच गई।
मिर्च वैसे तो अब पूरी दुनिया में इस्तेमाल की जाती है। पूरी दुनिया में भारत मिर्च पैदा करने वाले देशों में मुख्य देश हैं। इसके बाद चीन और पाकिस्तान का नंबर आता है। अन्न देश भी मिर्च उगाते है। भारत में अनेक राज्यों में मिर्च उगाई जाती है। मिर्च की खेती (Mirch Ki Kheti) करने या उगने के लिए कोई खास नेचर या परिस्थिति की जरुरत नहीं होती है।
मिर्च इस्तेमाल करने के फायदे
मिर्च में पाए जाने वाले कैपसेसिन में बहुत सारी दवाइयां बनाने वाले तत्व मौजूद होते हैं। मिर्च में कैंसर रोधी और तत्काल दर्द दूर करने वाले तत्व भी पाए जाते हैं। मिर्च में ऐसी मेडिकल प्रॉपर्टी होती है, जो खून को पतला करने और दिल की बीमारियों को रोकने में काफी सहायक होती है।
बस मिर्च के पौधों को खेत में लगाने (Chilli Farming) के बाद कुछ दिनों तक सही देखभाल की आवश्यकता पढ़ती है। कई किसान मिर्च की फसल की देखभाल में काफी पैसा खर्च कर देते हैं। परन्तु एक किसान राजिब बोरा ने एक देसी जुगाड़ अपनाकर भारी तादात में मिर्च भी उगाई और खर्चा भी काम हुआ।
असम में भूत झोलकिया मिर्च की खेती
आपको बता दें की भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में भूत झोलकिया मिर्च की खेती (Ghost Pepper Chilli Farming) करने वाले किसान राजिब बोरा (Farmer Rajib Bora) ने मिर्च के पौधे खेत में लगाने के साथ-साथ उन पौधों के बाज़ू में केले का तना (Banana Stem) लगा दिया, इससे बड़ा फायदा यह हुआ की मिर्च का पौधा (Chilli Plant) सूरज की तेज रोशनी औरा तेज़ हवाओं में भी सुरक्षित रहता है। इससे मिर्च और पौधे की हानि टल जाती है।
मिर्च के पौधों को बचाना जरुरी होता है
असम के गोहपुर जिले की घागरा बस्ती गाँव में किसान राजिब बोरा रहते हैं और भूत झोलकिया मिर्च की खेती (Bhut Jolokia Mirch Ki Kheti) किया करते हैं। यह मिर्च का एक खास प्रकार है, जो असम और नागालैंड तरफ बहुत मात्रा में होता है। इस मिर्च को अंग्रेजी में “Ghost Pepper” कहा जाता है।
https://twitter.com/sanatanpath/status/1460691035282046979
राजिब ने एक अख़बार को बताया की नर्सरी से मिर्च के पौधे निकालने के बाद इन्हें खेत में लगाते हैं, पौधे लगाने के बाद 5-7 दिनों तक इन्हें जरुरी देखभाल की आवशयकता होती है। यदि शुरू के कुछ दिनों में आपने पौधा बचा लिया, तो पौधे को फिर कोई नुकसान नहीं होता है और बाद में मिर्च भी अच्छी देता है।
Nuclear warheads for your cooking. Ghost pepper or bhut jolokia (Assam) or oo-morok (Manipur) or simply Naga mirch. #Manipur pic.twitter.com/hbatoNwdp6
— Debanish Achom (@journeybasket) July 17, 2021
इसी कारण से किसान अपने मिर्च के पौधे (Chilli Plants) लगाने के साथ ही उसके बगल में केले के तना (Banana Stem Beside Chilli Plant) भी गाड़ देते हैं। इसके दो फायदें हैं एक तो सूरज की तेज रोशनी में भी पौधे बचे रहते हैं और तनों में नमी भी रहती है, जो नए पौधों के लिए जरुरी है। केले के तने को लगाने से कुछ खर्च भी बच गया और मिर्च की फसल को सुरक्षा भी मिल गई।



