
भारत की पूरी की पूरी सत्ता जिन दो व्यक्तियों के हाथ में है वो करीबी दोस्त हैं। ये बात है मोदी और शाह की दोस्ती की जो मिसाल बन गई है। वैसे तो मोदी और शाह की उम्र में बहुत Difference है लेकिन दोनों की मित्रता कमाल की है। प्रधानमंत्री मोदी के जितने भी आपसी के लोग हैं सब का कहना हैं कि मोदी यूं ही किसी पर विश्वास नहीं करते और करते हैं तो फिर पूरी तरह से करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी आज जिस व्यक्ति पर सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं वो हैं गृहमंत्री अमित शाह। आज दोनों भारत देश की राजनीति में हमराज और हमसफ़र बन चुके हैं। कितनी पुरानी है मोदी-शाह की दोस्ती इसका अंदाजा तो दोनों को देखकर लगाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी शाह की घनिष्ठ मित्रता लोगों की नजर में 10-15 Year पुरानी होगी लेकिन ऐसा नहीं है। सही मायने में प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह की दोस्ती लगभग 37 साल से ज्यादा पुरानी है। ये बात 80 के दशक की है। सबसे पहले शुरुआती वर्षो में दोनों की मुलाकात राष्ट्रीय स्वंयसेवक RSS की वजह से हुई। तब प्रधानमंत्री मोदी RSS के प्रचारक थे और अमित शाह RSS के युवा सदस्य थे।
1984 में दोनों करीब आए जब मोदी को अहमदाबाद जिले का प्रवक्ता बनाया गया और शाह भाजपा के सक्रिय सदस्य बने। अमित शाह के सुझाव और विचार मोदी को बेहद भा गए। 1986 में नरेंद्र मोदी के गुजरात भाजपा का सचिव बनाए जाने के बाद अमित शाह को बड़ी रेस्पोंसबिलिटी दी गई, रणनीति और मसलन- बूथ मैनेजमेंट बनाना था।
1996 में जब केशुभाई पटेल के विरुद्ध जाने पर मोदी का बुरा वक्त आया, उस समय भी शाह उनके करीबी बने रहे। 2001 में मोदी ने गुजरात की राजनीति में अपनी सेकंड पारी का आगाज किया। मोदी मुख्यमंत्री बनाए गए। उस वक्त 38 साल के अमित शाह ऐसे युवा नेता बने जिन्हें कैबिनेट की महत्वपूर्ण रेस्पोंसबिलिटी दी गई ।
2003 में जब गुजरात में फर से नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई, तब अमित शाह को राज्य मंत्रिमंडल में सम्लित कर लिया और गृह मंत्रालय समेत कई रेस्पोंसबिलिटी सौंपीं। उसके बाद अमित शाह बहुत ही जल्द नरेंद्र मोदी के सबसे घनिष्ठ दोस्त बन गए। 2010 में सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मुद्दे की जांच अमित शाह तक पहुंची तो नरेंद्र मोदी उनके साथ रहे। जेल जाने के बाद मोदी ने शाह के परिवार की पूरी जिम्मेदारी सम्भली।
2014 में नरेंद्र मोदी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए गए। तब उत्तर प्रदेश लोक सभा चुनाव 2014 में अमित शाह बीजेपी की जीत के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिकार बनकर सामने आए। चुनाव जीतने के बाद मोदी ने शाह पर एक बार फिर अपना पूरा भरोसा जताया और फिर उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया।
2019 के लोकसभा चुनावों में मिली बड़ी जीत के बाद मोदी ने अमित शाह को गृह मंत्री बनाकर राजनीती में उनका सम्मान और बढ़ा दिया है। और अब ये जोड़ी देश में एक नयी क्रांति लाने के साथ इनकी दोस्ती ने इतिहास रच दिया। जो काम 70 सालों से कोई भी सरकार नही कर पाई आज वो काम इनकी दोस्ती ने कर दिखाया। इनकी दोस्ती दुनिया मे मिसाल बन गई है।



