
Motihari: भारत में मछली और मछली उत्पादों (Fish Products) की भारी मांग रहती है। मछली 60 प्रतिशत से अधिक भारतीयों के मेनू में सबसे आम और पसंदीदा वस्तुओं में से एक है। मछली और मछली से संबंधित उत्पादों के लिए बाजार में मांग और दाम हमेशा अधिक होते है।
मत्स्य पालन (Machli Palan) कारोबार का सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा एक तालाब है। हम तालाब (Pond) के बिना मछली पालन का कारोबार (Fish Farming Business) किसी प्रकार से नहीं कर सकते। आप अपने मौजूदा तालाब का उपयोग कर सकते हैं या भारत में मछली पालन के लिए एक नया निर्माण कर सकते हैं। आज के समय में भारत सरकार भी इसमे आपकी आर्थिक रूप से सहायता करती है।
यतींद्र और उनका परिवार मछली व्यवसाय में है
दरअसल यतिन्द्र कश्यप (Yatindra Kashyap) बिहार (Bihar) राज्य के मोतिहारी संग्रामपुर (Motihari Sangrampur) के निवासी हैं और शुरू से ही इनका पूरा ख़ानदान मछली का कारोबार (Fish Business) करते आ रहा है और यतींद्र भी इस काम से वर्ष 2012 से ही जुड़े हैं। प्रारंभ में तो उन्हें बेहद नुक़सान उठाना पड़ा। लेकिन वह इसके साथ-साथ ही हेचरी का भी काम करते हैं, जिसे प्रारंभ करने में करीबन 12 से 15 लाख रुपए लग जाते हैं।
Fishery Business is Very Profitable in India. Bihar Man earning 90 Lakh pic.twitter.com/334XLBZ2Nu
— Ek Number News (@EkNumberNews) October 14, 2021
हानी होने के बाद भी यतींद्र ने यह काम करना जारी रखा और इससे सम्बंधित विभिन्न जानकारियाँ भी इकठ्ठी करना शुरू किया। जिसके बाद इन्हें अपने कारोबार से लाभ (Profit) होने लगा। जानकारी के लिए बता दें की हेच से पैदा होने वाले मछली के बच्चें की बाज़ार में तकरीबन 3 से 5 लाख रुपये तक की क़ीमत हैं और एक महीने में 5 हेच कराया जाता है।
भूमि पर तालाब खोद कर मछली उत्पादन
मोतिहारी का संग्रामपुर एक ऐसा स्थान है, जहाँ पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लेकिन वहाँ के किसानों को इसकी जानकारी के अभाव के कारण वह मछली उत्पादन का कार्य प्रारंभ नहीं कर पाते हैं। अब यतीन्द्र के गाँव के लोगों ने उनके कारोबार में हो रहे लाभ को देखकर अपनी खाली पड़ी भूमि पर तालाब खोद कर मछली उत्पादन का काम प्रारंभ कर रहे हैं और उनके साथ-साथ वह भी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
सरकार की तरफ से भी मछली पालन में मदत दी जा रही
आपको आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप मछली पालन का कार्य प्रारंभ करना चाहते हैं, तो आपको सरकार की ओर से तालाब खुदवाने से लेकर मछली होने तक के लिए 50 प्रतिशत तक आर्थिक मदद भी दी जाती है। मत्स्य विभाग को सरकार की ओर से अज्ञा मिलने के बाद इस इलाके में छोटे-छोटे तालाबों भी खोजे जा रहे हैं।
Manny People Earning More from Fishery Business. Machli Palan is increasing in India much more pic.twitter.com/ML93mcGVfy
— sanatanpath (@sanatanpath) October 14, 2021
आज के समय में लोग मछली पालन से 80 से 90 लाख रुपए का लाभ के रूप में वार्षिक कमा रहे हैं। आज यतींद्र कृषी के क्षेत्र में एक नया उदहारण बना रहे हैं, जिससे लोग प्रोत्साहित होकर अपना-अपना व्यवसाय (Business) शुरू कर रहे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं। सभी लोग उनके काम की प्रशंसा भी कर रहे हैं।



