ज़ोमाटो डिलीवरी बॉय ने बना दी इलेक्ट्रिक-सोलर साइकिल, इसी से करते थे इको-फ्रेंडली डिलीवरी

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Food Delivery Boy
A 19-year-old Indrajeet Singh, a part-time delivery boy and serial innovator from Jharkhand Created a solar-electric bicycle: Ek Number News

Jamshedpur: पहले के दोर मे जब लोगों को अपने किसी मनपसंद होटल, रेस्टोरेंट का अपना पसंदीदा व्यंजन खाना होता था तो वक़्त निकाल कर सबसे पहले टेबल बुकिंग करना वहाँ जाना और भी कई प्रकार के झमेले पर आज कल हम ऑनलाइन से घर पर ही अपना पसंदीदा व्यंजन किसी भी अपने मनपसंद होटल से ऑर्डर कर सकते हैं।

मोबाइल एप्लिकेशन से हम खाना ऑर्डर करते हैं, जो डिलीवरी बॉय (Food Delivery Boy) लेकर ग्राहकों को देते हैं, यहां तक की किराना दुकान से किराने का सामान भी लेकर आते हैं। आज हम आपको एसे ही एक ऑनलाइन एप्लिकेशन जोमाटो के डिलीवरी बॉय (Zomato Delivery Boy) की सफलता की कहानी।

जोमाटो के डिलीवरी बॉय ने सोलर एनर्जी से चलने वाली साइकिल का निर्माण किया। झारखंड के सिंहभूमि (Singhbhoomi) निवासी 19 साल के डिलीवरी बॉय का नाम इंद्रजीत (Indrajeet) हैं, इनके पिता ड्राईवरी करते है और यह तीन भाई बहन हैं। इनकी प्रारंभ शिक्षा सरकारी विद्यालय से हुई और उन्होंने 12वीं की पढ़ाई जमशेदपुर(Jamshedpur) से की। इंद्रजीत अभी स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं और साथ ही नए नए अविष्कार भी कर रहे हैं।

मशीनों से बचपन से ही लगाव था

इंद्रजीत बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही मशीनों से प्यार था। एक बार तो उन्होंने बचपन में घर पर रेडियो के पुर्जे पुर्जे खोल दिये थे यह देखने के लिए कि यह बजता कैसे हैं। अपनी मशीनों के प्रति प्यार के कारण विद्यालय में जब भी कोई विज्ञान की प्रतियोगिता होती, तो उसमें इंद्रजीत को ही भेजा जाता था।

कई बार तो ऐसा भी हुआ कि इंद्रजीत के बनाए गए प्रोजेक्ट को किसी और विद्यार्थि के नाम से भेज दिया गया हो। इंद्रजीत एसी बातों से कभी निराश नहीं हुए। उन्हें विश्वास था कि कभी ना कभी उन्हें उनके काम की वजह से पहचान मिलेगी और यह हुआ भी।

एक बार एक विज्ञान की प्रतियोगिता में इंद्रजीत को पुरस्कार के तौर पर सोलर लाइट मिली और इस तरह इंद्रजीत ने सोलर एनर्जी को समझा। उनके मन में यह खयाल आया कि अगर सौर ऊर्जा से इतनी सारी चीजें चल सकती है, तो एक साइकिल भी चल सकती हैं। तब उन्होंने एक सेकंड हैंड मोटर खरीदी, सौर लाइट से सौर पैनल निकाले और फिर बाकी सारे सामान मिलाकर एक सोलर सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल बनाने में लग गए।

इस साइकिल की कीमत में 3000 रुपये थी

इन सब बातों को दरकिनार करते हुए इंद्रजीत अपने काम में लगे रहे और उन्होंने एक सौर्य ऊर्जा और बिजली से चलने वाली साइकिल का निर्माण किया जो की पुराने कल-पुर्जो को मिलाकर निर्मित किये गए थे। प्रारंभ में इस साइकिल की कीमत में 3000 रुपये थी।

उन्होंने इस साइकिल का निर्माण कुछ इस प्रकार किया की यह सौर्य ऊर्जा से 30 किलोमीटर प्रति घंटा चलती है और बिजली से चार्ज करने पर यह 60 किलोमीटर चलती है। कभी कभी इस साईकल का भार सौर्य पैनल की वजह से बढ़ जाता था। इससे बचने के लिए अब इसमें फोल्डेबल सोलर पैनल की सहूलियत दे रहे हैं, ताकि जब भी आवश्कता पड़े तो ग्राहक अपने अनुसार से इसका उपयोग कर सकें।

सारी डिलीवरी इसी साइकिल के जरिये

इंद्रजीत जब जोमाटो में डिलीवरी बॉय (Zomato Delivery Boy Indrajeet) के रूप में कार्य कर रहे थे, तब अपनी सारी डिलीवरी इसी साइकिल के जरिये करते थे। यूट्यूब पर भी उन्होंने अपनी साइकिल का एक वीडियो लोगों के साथ साझा किया है। डिलीवरी देते वक़्त भी लोग इनसे बार-बार इनकी साइकिल (Cycle) के विषय में पूछते थे।

अभी तक इंद्रजीत ने 18 लोगों के लिए एसी साइकिल का निर्माण किया है और उन्हें 80 साईकल के आर्डर अब तक इन्हें दीये गय है। उनकी नई सौर्य कम विद्युत साइकिल की कीमत 14000 से प्रारंभ होती है। जिसमें उन्होंने 24 वाल्ट की बैटरी भी लगाई हुई है। इंद्रजीत के सबसे प्रदम ग्राहक उनके विद्यालय के अध्यापक थे, जिन्होंने अपने बेटे के लिए साईकल खरीदी थी।

आगे की योजना के विषय में बताते हैं कि वह आगे बाजार में प्रोजेक्ट को उतारने के लिए सामाजिक उद्यम (Enterprise) की शुरुआत करने का फैसला किया है। गुजरात निवासी अपने दोस्त के साथ मिलकर इंदरजीत ने बहुउद्देशीय ड्रोन (Multipurpose Drone) बनाया है, जो सारे काम कर सकता है। यह किसी भी जगह को सैनिटाइज कर सकता है या कहीं भी दवा पहुंचा सकता है।

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