
Rewa: रीवा से रांची जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग में कैमोर पहाड़ के मोहनिया घाटी (Mohania Valley) में निर्मित हो रहे सुरंग का रुका हुआ कार्य 20 अप्रेल से दुबारा से प्रारंभ होगा। रीवा-सीधी जिले के सीमा (Border) पर निर्मित हो रही इस सुरंग (Tunnel) से दोनों शहरों का फासला भी लगभग सात किलोमीटर तक कम होगा।
पहाड़ में ढाई किलोमीटर लंबाई के इस दोहरी सुरंग का आपस में सात स्थानों पर जुड़ाव होगा। यह इस उद्देश्य से किया जा रहा है ताकि कभी कोई मरम्मत या फिर किसी कारण वश एक सुरंग में आवागमन बाधित हो, तो दूसरे सुरंग की सहायता से वाहनों का अना-जाना बहाल की जा सके।
इस सुरंग के प्रारंभ होने से मोहनिया घाटी (Mohania Ghati) में वाहनों को घुमाव के कारण अभी तक जो फैसला तय करना पड़ रहा है, वह तकरीबन सात किलोमीटर तक कम हो जाएगा। संक्रमण और लॉकडाउन के कारण इसमें चल रहा निर्माण कार्य रोक दिया गया था।
अधिकांश कार्य मशीनरी के जरिए
Mohania Ghati Tunnel देश के महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है, इसका निर्माण तय वक़्त पर होना आवश्यक है, इस कारण से अब दोबारा कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। अधिकांश कार्य मशीनरी के जरिए ही हो रहा है।
यह मार्ग रीवा से रांची (Rewa To Ranchi) की ओर जा रहा है, साथ ही बनारस पहुंचने का भी दूसरा मार्ग होगा। सुरंग के कारण से मोहनिया घाटी पर रीवा-सीधी मार्ग का निर्माण नहीं किया गया है। चुरहट के समीप कुछ भाग शेष रह गया है, जो कुछ दिन में पूरा होने की जानकारी मिली है।
यूपी कैनाल तोड़कर बनाई जा रही टनल
कैमोर पहाड़ के किनारे से होते हुए उत्तर प्रदेश परियोजना की नहर से बाणसागर बांध का पानी जाता है। सुरंग इसी नहर से होकर गुजरेगी, इसी कारण से नहर को तोड़ा गया है। अब नहर के नीचे से सुरंग का निर्माण हो रहा है और ऊपर से नहर का पानी जाएगा। अभी कार्य में देरी के कारण नहर की मरम्मत का भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। बाणसागर के पानी से मिर्जापुर सहित समीप के कई जिलों में पानी पहुंचाया जा रहा है।
आज शिक्षित और योग्य इंजीनियर की हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका बन गई है, यही नही उन्हे किसी भी निर्माण का सूत्र धार माना जाने लगा हैं। विश्व में ऐसे अनेकों निर्माण किए हुए चीज है, जिसका श्रेय इंजीनियरों को जाता हैं।
Mohania Ghati Tunnel will be 6 lane. It's awesome and nice development. pic.twitter.com/SS9EVZ64KU
— sanatanpath (@sanatanpath) October 2, 2021
आज हम चर्चा कर रहे है, माध्य प्रदेश के रीवा–सीधी टू–लेन सड़क परियोजनाओं के बारे में, और उसके अंतर्गत आ रही मोहनिया घाटी के 2.28 किमी लंबी सिक्स लेन सुरंग के बारे जो अपने आप में कबीले तारीफ हैं।
इस सुरंग परियोजना में लगभग 1004 करोड़ रुपए खर्च हो रहे है
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की सूचना के आधार पर ऐसा सुना गया है कि इस सुरंग परियोजना में लगभग 1004 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इतने रुपए में 2290–2290 मीटर की दो सुरंगों का निर्माण होगा, यही नहीं यह दोनो सुरंगों 13–13 मीटर चौड़ी होगी, और तीन लेन की सुविधा देगी। इन दोनो सुरंगों को तीन जगहों से जोड़ा गया है, जो कबीले तारीफ हैं।
कई चीजों को ध्यान में रखकर बनाया गया है यह टनल
इस सुरंगों के निर्माण के वक़्त प्रकृति को कोई हानि नहीं पहुंचायी गयी हैं। सूत्रो के हिसाब से यह सुरंग जमीन के नीचे अवश्य निर्माण किया गया है, पर इस कारण कोई पेंड़-पौधे नहीं काटे गए है, जिससे प्राकृति पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। जानकारी के अनुसार 2018 में शुरू हुए इस परियोजना को तैयार होने में 4 वर्ष लगेंगे, अर्थात 2022 तक यह पूणरूप से तैयार हो जाएगा।
टनल का 95% कार्य हो चुका है
आपको बता दे सुरंग का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है बस 5 प्रतिशत कार्य शेष हुआ, इस 5 प्रतिशत में सुरंग के अंदर का काम है, जिसमे सड़क निर्माण, लाइट्स लगाना, सीसीटीवी कैमरे लगाना इत्यादि सामिल हैं। जानकारी के के हिसाब से सुरंग की एक ओर 12 किमी सड़क बना है, तो वही दूसरी तरफ 500 मीटर साधक सड़क हैं। हर किसी को इस सुरंग के निर्माण पूर्ण होने का इंतजार हो रहा है, जो एक सहूलियतों से भरपूर और आकर्षण का केंद्र होगा।



