भारतीय किसान ने ऐसी मशीन बनाई की आगे से गोबर डालो और पीछे से खाद निकालो: Gobar Khad Machine

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Gobar Khad Machine
Organic Fertilizers And Manure In Bijnor. Vermicompost is prepared by earthworm using cow dung. Bijnor Farmers Using Gobar Ki Khad. Cow dung Organic Fertilizer Making Machine.

Demo File Photo

Bijnor: भारत का एक नारा है की जय जवान और जय किसान। असल में देश के लिए जितना जरुरी सीमा पर जवान है, उतना ही जरुरी किसान भी है। मानव जीवन के लिए पैसे, गाड़ी, पेट्रोल, डीज़ल से भी ज्यादा जरुरी भोजन है। किसान अन्न दाता है। कभी कभी जरुरत पढ़ने के बाद यही किसान अविष्कारक भी बन जाता है और जुगाड़ से अपना काम आसान बना लेता है।

ऐसे ही बिजनौर में किसानों की एक अविष्कार किया, जिससे खेतों में अब ताजा गोबर भी खाद का काम कर रहा है। गाये, बैल और भैंस का ताला गोबर (Cow Dung) डालने से एक फायदा यह है की खेतों में लगने वाली दीमक से छुटकारा मिल जाता है। ऐसी ही तरकीब में एक किसान ने गोबर से खाद बनाने की मशीन लगाई है।

किसानों को हर समय खाद मुहैया हो पायेगी

ताजा गोबर से तुरंत खाद बनने से किसानों को हर समय खाद मुहैया हो पायेगी। इससे किसानों को जैविक खेती (Organic Farming) करने के लिए भी प्रेरणा मिलेगा। इसके मुताबक जमीन और फसल की जरूरत के को ध्यान में रखते हुए पोषक तत्वों वाले जीवाणु खाद में मिलाए जा सकते हैं।

आज के नए दौर में रासायनिक खाद के खेतों और फसलों में ज्यादा इस्तेमाल करने के चलते गोबर की खाद का महत्व कम हो गया है। गोबर की खाद जमीन की उर्वरा शक्ति को हमेशा बढ़ाए रख सकती है और फसल को प्राकृतिक तौर पर सही उगाती है।

जमीन की जान बनाए रखने के लिए किसान खेतों में गोबर की खाद (Cow Dung Organic Fertilizer) का उपयोग किया करते हैं। अब गोबर की खाद भी हमेशा तो किसान को नहीं मुहैया होती है। ऐसे में अब गोबर खाद मिले, तो कैसे मिले।

कच्ची खाद खेत में डालने से नुक्सान होता है

आपको बता दें की गोबर से खाद (Gobar Ki Khad) बनने में 3 से 6 महीने का समय लगता है। यदि खाद तैयार न हो तो किसान कच्चा गोबर ही खेत में डाल देते हैं। इससे गोबर खाद का पूरा फायदा खेत को नहीं मिल पाता है। इसके अलावा कच्चा खाद दीमक की खुराक भी होता है। कच्ची खाद खेत में डालने से खेत में दीमक नहीं जाता है, उल्टा बना रहता हैं और फसलों को भी नुकसान में डाल देता हैं।

इस दिक्कत को सुलझाने में अब मशीनों का सहारा लिया जा सकता है। मशीन अबखाद से गोबर बना देगी और कुछ ही घंटों में आपको सही खाद मिल जाएगी। इससे किसानों को जैविक खेती के लिए खेतों में डालने के लिए तत्काल ही ताजा खाद मिल जाएगा। ऐसे में जैविक खेती के क्षेत्र में यह एक कारगर कदम है।

गोबर से खाद बनाने वाली मशीन (Gobar Khad Machine)

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है की सिकंदरी गांव के रहने वाले किसान राजीव सिंह ने गोबर से खाद बनाने वाली मशीन लगाई है। इससे किसान गोबर के खाद (Gobar Khad) की जरूरत को तत्काल पूरा कर सकते हैं। किसान राजीव सिंह के अनुसार उन्हें मशीन लगवाने में आत्मा परियोजना प्रभारी योगेंद्रपाल सिंह योगी ने जागरूक किया है।

बिजनौर के सिकंदरी गांव के किसान राजीव सिंह के मुताबिक़ गोबर को गड्ढ़े में डालकर उसमे जीवाणु वाला पानी मिलाया जाता है। फास्फोरस, नाइट्रोजन आदि किसी भी तत्व की पूर्ति के लिए ये जीवाणु मिलाए जाते हैं। यदि खेत में दीमक लगा है, तो इसके निपटारे के लिए मैटाराइजम मिलाया जाता है।

बनी खाद का बचा पानी भी खेत के लिए फायदेमंद है

इससे बना घोल जो प्राप्त होता है, उसे मशीन (Machine) के अंदर डाला जाता है। यदि मशीन में दस क्विंटल गोबर डाला जाए, तो इससे तीन क्विंटल खाद प्राप्त हो जाता है। बाकी 70 प्रतिशत पानी बचता है। यह पानी भी पोषक तत्वों वाल होता है, तो इसे भी खेत में छिड़क दिया जाता है।

इस खाद का एक और फायदा यह भी है की केंचुए से बनने वाला खाद एक बीघा जमीन में छह क्विंटल ही डालना होता है। जबकि मशीन से तैयार खाद केवल 40 किलो प्रति बीघा ही डालना होता है। ऐसे में गोबर खाद को बाने से इस्तेमाल करने तक भी विधि ज्यादा उपयोगी है।

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