IAS अफसर ने पत्नी के लिए छोड़ी DM की पोस्ट, फिर कुछ ऐसा हुआ की दोनों जिला मजिस्ट्रेट बने

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Swati Srivastava IAS
Swati Srivastava and Nitin Bhadauria Story, Left post of DM for wife and now both are IAS officers. Swati Bhadauria, the DM leading Uttarakhand Disaster Work.

Chamoli, Uttarakhand: आज भारत में ऐसे बहुत से कपल हैं, जो IASIPS हैं और दोनों ही पानी अपनी तरफ से देश सेवा कर रहे है। ऐसे में आपने आईएएस अफसर स्वाति श्रीवास्तव भदौरिया (Swati Bhadauria) का नाम तो सुना ही होगा और अगर नहीं सुना, तो हम आज आपको उनके बारे में बता रहे है। इस महिला अफसर को अपनी कार्यशैली की वजह से जाना जाता है।

स्वाति के पति नितिन भदौरिया (Nitin Bhadauria) भी IAS अफसर हैं और उन्होंने पत्नी के लिए डीएम का पद छोड़ दिया था। इसके बाद दोनों ऐसा कारनामा किया की पति-पत्नी (IAS Husband-Wife) जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate) ही बन बैठे।

IAS अफसर स्वाति भदौरिया का सफर

आपको बारे दे की उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली स्वाति भदौरिया (Swati Bhadauria) की प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर के लिटिल फ्लावर स्कूल से ही हुई। फिर उन्होंने लखनऊ के आईआईटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक ऑनर्स की पढ़ाई की।

बीटेक के बाद उनका चयन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में हो गया। इसके बाद भी उनका मन आईएएस अफसर बनने का था और उन्होंने यूपीएससी एग्जाम की तैयारी शुरू की। आम पहले ही प्रयास में स्वाति केवल एक नंबर से यूपीएससी परीक्षा पास करने में रह गई थी। इसके बाद 2012 की परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया में 74वीं रैंक प्राप्त कीं और छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस अफसर बनीं।

छत्तीगढ़ में उन्होंने सब डिविजनल मजिस्ट्रेट डोंगरगांव और सरायपाली में काम किया। यहाँ काम ठीक चल रहा था, पर अभी किस्मत खुलना और बाकि था। स्वाति श्रीवास्तव की शादी आईएएस अफसर नितिन भदौरिया (Nitin Bhadauria) से हुई। नितिन भदौरिया साल 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उत्तराखंड में पोस्टेड हैं शादी के बाद स्वाति भी साल 2015 में उत्तराखंड चली गईं। शादी के बाद दोनों ने हमेशा एक-दूसरे को सपोर्ट किया।

फिर वर्ष 2016 में जब नितिन भदौरिया को पितौरागढ़ के डीएम (DM) का पद प्राप्त हुआ, तब उन्होंने पत्नी के लिए इसे छोड़ दिया और फिर उन्हें सीडीओ (CDO) पद दिया गया था। नितिन भदौरिया ने एक अख़बार को बताया की उस समय उनकी पत्नी प्रेग्नेंट थीं और और वह ऐसे समय में नहीं चाहते थे कि पत्नी के साथ ना रहें। इसलिए उन्होंने डीएम का पद त्याग दिया था।

जलप्रलय के राहत बचाव कार्य में जुटी रही

फिर वर्ष 2018 में किस्मत पलटीने साथ दिया और दोनों को डीएम पद का हासिल हुआ। स्वाति भदौरिया (Swati Bhadauria) चमोली जिले की जिलाधिकारी बानी और नितिन भदौरिया (Nitin Bhadauria) अल्मोड़ा जिला मजिस्ट्रेट बने। स्वाति भदौरियाने फरवरी में उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा के मुहाने पर ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने से आए जलप्रलय के राहत बचाव कार्य मोर्चा संभाला था।

स्वाति भदौरिया और नितिन भदौरिया ने एक अनोखी मिसाल भी पेश की जब उन्होंने प्राइवेट स्कूल की जगह अपने बेटे का दाखिला आंगनबाड़ी में कराया। अपने बेटे का एडमिशन करवाने के लिए स्वाति भदौरिया खुद आंगनबाड़ी केंद्र गई थी।

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