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Bhopal: आज मीडिया और सोशल मीडिया में केवल और केवल अफ़ग़ानिस्तान (Afghanistan) और वहां के बिगड़े हालात भी सुर्ख़ियों में है। अगर हम अफ़ग़ान भूमि का इतिहास देखें तो यह कोई नई बात नहीं है। अफ़ग़ानिस्तान में बहुत पहले से ही खराब हालात रहे हैं और हमेशा युद्ध और गृहयुद्ध की स्थिति बनी रहती हैं।
आज अफ़ग़ानिस्तान को जंग की भूली भी कह सकते हैं और वैसे भी अफ़ग़ानिस्तान को साम्राज्यों का कब्रिस्तान कहा जाता है। फिर चाहे ब्रिटिश साम्राज्य जो या सोबियत संग वाला रूस या अमेरिका, सभी अफ़ग़ानिस्तान से हार और निराशा के साथ वापस लौटे हैं।
यहाँ कई पीढियां गुजर गईं, मगर इस देश की बर्बादी का सिलसिला नहीं रुका। कट्टरता का बुर्का ओढ़कर बैठे इस मुल्क का का विनाश आप देश रहे है, उसके पीछे एक कारण है, जो की एक श्राप से जुड़ा है। यह हमारे पुरखों का श्राप है, जो आज भी अफ़ग़ान की जमीन झेल रही है। ऐसा माना जाता है की महाभारत की गांधारी के श्राप के कारण अफगानिस्तान (Gandhari of Mahabharat Gave Curse To Afganistan) का यह बुरा हाल है, यह श्राप बीते 5000 सालों से अफगानिस्तान का पीछा कर रहा है।
This Reminds me of Mahabharat, AFGANISTAN is the Draupadi, TALIBAN is Dushaasan and d entire world is d spectator of its CHEERHARAN…….#SaveAfghanistan #SaveAfghanLives pic.twitter.com/yMF5dZ6Rtr
— Sonal Goswami (@goswami_sonal) August 17, 2021
अफगानिस्तान का हिंदू धर्म से भी एक बहुत अहम जुड़ाव है। अफगानिस्तान में ही कंधार (Kandhar) है। अफगानिस्तान का न सिर्फ महाभारत (Mahabharata) बल्कि सीधे शिव जी से भी जुड़ाव है। ऐसा माना जाता है कि अफगानिस्तान से भारत का संबंध दशकों या सैकड़ों साल पुराना नहीं है, बल्कि यह संबंध आज से लगभग 5000 वर्ष (5000 Year Old) पुराना है।
महाभारत की एक कथा और किस्से के मुताबिक़ जब शकुनि (Shakuni) ने आर्यावर्त (आज का भारत) के महाराजा भीष्म पितामाह (Bhishma Pitamah) से बदला लेने के लिए महाभारत का युद्ध (Mahabharata War) करवाकर कुरु वंश का नाश करवा दिया, तो अपने 100 बेटों के मारे जाने से दुखी गांधारी ने अपने भाई शकुनि को श्राप दिया कि तुम्हारे गांधार (आज का अफ़ग़ानिस्तान) में कभी शांति नहीं होगी और तुम्हारा देश नष्ट हो जाएगा।
शकुनि का देश गांधार आज का कंधार (Afghanistan) है
आपको बता दें की शकुनि का देश गांधार आज का कंधार ही है। कांधार को पहले गांधार के नाम से जाना जाता था, जो आज पूरा अफ़ग़ानिस्तान है। अपने 100 पुत्रों के महाभारत के युद्ध में मारे जाने के बाद गांधारी बहुत ही भावुक हो उठी और उसने अपने भाई शकुनी को उसके षड्यंत्र करने के कारण श्राप दिया। लगभग 5500 साल पहले राजा सुबल गांधार (अफ़ग़ानिस्तान) पर शासन करते थे। उनकी पुत्री का नाम था राजकुमारी गांधारी।
भीष्म पितामह (Bhishma pitamah) के गांघार (Kandhar Or Gandhar) पर विजय पाने में बाद गांधारी (Gandhari) का विवाह हस्तिनापुर (Hastinapur) के राजकुमार धृतराष्ट्र के करवा दिया था। गांधारी के एक भाई का नाम शकुनि था। भीष्म पितामह के साथ युद्ध में पिता की मृत्यु के बाद गांधार का पूरा राजपाट शकुनि के हाथ में आ गया।
Gandhari dari Mahabharata adalah putri raja Gandhar yang sekarang Kandahar di Afghanistan, ketika dalam perang semua putranya meninggal, karena kesakitan dia mengutuk saudara laki-lakinya Shakuni atas rencananya yang menghancurkan – bahwa kerajaan anda tidak akan pernah damai. pic.twitter.com/vCAvneKTEt
— JamDinding (@arvind1641) August 27, 2021
भीष्म पितामह ने राजा सुबल (Kandhar King Subal) के पूरे परिवार हो खमत कर दिया था, तो उसका बदला लेने के लिए शकुनि ने कौरव और पांडवों (Kaurava and Pandava) को आपस में लड़वाकर पूरे हस्तिनापुर का सर्वनाश करने का षड्यंत्र बनाया था। आपका बता होगा की महाभारत का युद्ध शकुनि के चौसर के खेल (Shakuni Game Chosar) के कारण हुआ और कोरवो का नाश हो गया था।
महाभारत युद्ध की योजना भी अफगानिस्तान से ही बनाई गई
इतिहास के सबसे बड़े युद्ध की शुरुआत यहीं से हुई थी और महाभारत की योजना भी अफगानिस्तान से ही बनाई गई थी। कुछ इतिहासकार बताते हैं कि पांडवों के द्वारा कौरवों को हार मिलने के बाद शकुनि के वंशज यही अफगानिस्तान में ही बस गए थे।
https://t.co/yzm5Apgpwu
Gandhari Curse To Shakuni Afghanistan ?Krishna pays a left handed compliment to Sakuni when Krishna went to Duryodhana’s court, before Mahabharata war, to avert it.Krishna even Sakuni as Maama,Uncle,#Janmashtami2021 pic.twitter.com/r8GdjXvYN1
— Ramani's blog (@RamanisBlog) August 30, 2021
अपने 100 पुत्रों (100 Kauravas) को खोने के बाद गांधारी ने दुःख और आवेश में अपने भाई शकुनि को यह शाप (Curse) दिया था, ‘मेरे 100 पुत्रों को मरवाने वाले गांधार नरेश तुम्हारे राज्य में कभी शांति नहीं रहेगी।’ तब शकुनि के पुत्र ने गांधार पर राज किया था, परन्तु वहां कभी शान्ति नहीं थी और ना आज है।
गांधारी के शाप से गांधार और अफ़ग़ानिस्तान आज भी श्रापित है
आज के समय में जब अफगानिस्तान के हालात थोड़े सुधरे ही थे की तालिबान ने फिर से अफगानिस्तान को अपने कब्जे में ले लिया, तो गांधारी के उस शाप (Curse of Gandhari of Mahabharata for Kandhar Afghanistan) को लेकर एक बार फिर बात होने लगी है। ऐसा माना जा रहा है कि गांधारी के शाप से गांधार आज भी मुक्त नहीं हो पाया है।
Sanatana Dharma was not restricted by physical boundaries. Its footprint spread far and wide. Case in point is this 4th century C.E Shiva Temple discovered at a site in the Logar mountains, Afghanistan a few years back. pic.twitter.com/ZZfmLgpI6n
— Vertigo_Warrior (@VertigoWarrior) September 16, 2020
इतिहास में बताया जाता है की गांधार शब्द का उपयोग महाभारत के अलावा ‘ऋग्वेद’ और ‘रामायण’ में भी मिलता है। गांधार शब्द का मतलब होता है ‘गंध’ और ‘गांधार’ शब्द का उपयोग सुगंधित जमीन के लिए किया जाता है। यहां केसर की खेती बहुत अधिक होती थी। इसलिए इस शब्द का उपयोग किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव जी का भी एक अन्न नाम गांधार था। इस बात का उल्लेख आपको शिव सहस्त्रनाम में भी देखने को मिलेगा। एक समय प्राचीन काल में यहां शिव भक्तों का वास हुआ करता था।



