पुलिस हवलदार के दो जुड़वा बेटो ने नही छोड़ा साथ, एक बेटा बना SDM तो दूसरा नायब तहसीलदार

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Mohit and Rohit Yadav UPPCS
UP Police Constable twin sons become officer in UPPCS. Mohit and Rohit Yadav UPPCS result 2019 success story. Twin brothers cleared UP PCS exam.

Mathura: यह कहानी है, दो जुड़वा भाइयों की जिनके पिता एक हवलदार है। बुलंद हौसलों ओर अपनी दम पर ऊंची उड़ान भरने वालों की, कामयाबी को पाने में अपने पिता से भी एक कदम आगे निकलने की। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के एक छोटे से पुलिस थाना इलाके के गांव सिंहपुर निवासी मोहित यादव व रोहित यादव की जिनके पिता एक हवलदार है।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से बुधवार को घोषित पीसीएस 2019 (PCS Result 2019) के अंतिम परिणाम में बाजी सफल दोनों भाई एक साथ अफसर बन गए हैं। एक एसडीएम बना तो दूसरा नायब तहसीलदार बान गया है। 17 फरवरी को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की PCS-19 के फाइनल परिणाम घोषित हुए थे।

परिणाम में मथुरा पुलिस कांस्टेबल के जुड़वा बेटों ने सफ़लता (Success) पाई। दोनों बेटों के नाम रोहित (Rohit Yadav) और मोहित यादव (Mohit Yadav) हैं। UPPCS परीक्षा में दोनों भाइयों में एक डिप्टी कलेक्टर, तो दूसरा नायब तहसीलदार के पद पर सेलेक्ट हुआ। दोनों जुड़वा भाई साथ-साथ पले हैं। पढ़ाई-लिखाई भी एकसाथ ही हुई है। अब सरकारी नौकरी का सपना भी एकसाथ ही पूरा हो गया है।

पिता से निकले एक कदम आगे

मोहित और रोहित के पिता अशोक कुमार यादव मथुरा पुलिस थाने में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। अशोक कुमार ने बातचीत में दोनों बेटों की पूरी सक्सेस स्टोरी ओर इनकी लाइफ बयां की और बताया कि उनके लिए यह सबसे ज़्यादा खुशी की बात है कि बेटे उनसे भी एक कदम आगे निकलकर अफसर बन गए।

फिरोजाबाद का पहला मामला

अशोक कुमार कहते हैं कि मैं वो उन खुशनसीब पिता में से एक हूं, जिसके दो जुड़वा बेटों ने एक साथ पीसीएस का कठिन एग्जाम पास किया है। यह हमारे जिले फिरोजाबाद में पहला ऐसा मामला है। छोटा बेटा मोहित यादव एसडीएम और बड़ा बेटा रोहित यादव नायब तहसीलदार इस एग्जाम को क्लियर करके बना है।

यूपीएससी परीक्षा में नहीं हुए थे सफल

20 अप्रेल 1996 को जन्मे मोहित और रोहित की उम्र में ज्यादा नई सिर्फ पांच मिनट का फासला है। दोनों की अधिकांश आदतें लगभग एक जैसी हैं। बचपन से ही दोनों भाई पढ़ाई में काफी होशियार ओर पढ़ने वालो बच्चो में से एक थे। एक बार यूपीएससी की परीक्षा भी दे चुके थे, जिसमें एक भाई मुख्य परीक्षा तो दूसरा साक्षात्कार तक पहुंच गया था, मगर सिलेक्शन नहीं हुआ था।

देहरादून में हुई प्रारम्भिक शिक्षा

अशोक कुमार बताते हैं कि उत्तराखंड अलग से नया राज्य बनने से पहले उत्तर प्रदेश का ही हिस्सा हुआ करता था। ऐसे में अशोक कुमार (Ashok Kumar) की देहरादून में पोस्टिंग थी। तब रोहित व मोहित (Mohit and Rohit Yadav) छोटे बच्चे थे। दोनों की प्रारम्भिक पढ़ाई देहरादून के स्कूल से हुई। फिर इन्होंने बीटेक किया। इनकी माता कमलेश भी स्नातक तक पढ़ी हैं।

दूसरे प्रयास में मिली सफलता

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपी-पीएससी) की वर्ष 2019 की परीक्षा में दूसरे प्रयास में सफल हो गए हैं। एक बेटे को 30वीं और दूसरे को 36वीं रैंक प्राप्त हुई। दोनों भाइयों ने दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर पूरी लगन से तैयारी की थी। अब पीसीएस में चयन होने पर घर पर और मथुरा पुलिस थाने (Mathura Police Station) में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ।

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