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Vijayawada: केंद्र और राज्य की सरकारें किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए लागत राशि कम करने तथा वाजिब मूल्य दिलाने की लगातार घोषणाएं कर रही है। इनकी घोषणा केवल कागज में ही सिमट कर रह जाती है। इसके विपरीत जिले में किसानों के समक्ष अधिक कीमत भुगतान कर रासायनिक उर्वरक खरीदने की विवशता है। आलम यह है कि खाद विक्रेताओं के सिडीकेट के आगे शासन-प्रशासन और किसान बेबस हो गए हैं।
प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक में दुकानदार ऊपर से ही ऊंची कीमत में यूरिया मिलने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि ऊपर की गड़बड़ी कौन दूर करेगा। कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का अधिकार जिनके पास है वे मौन हैं। क्या चुनावी वर्ष में भी किसानों की बदहाली पर किसी की नजरें नही पड़ती होगी।
हालत यह है कि सत्ता पक्ष अगर कुछ नहीं कर पा रहा तो विपक्ष भी मौन है। यह तस्वीर विजयवाड़ा (Vijayawada) के सब क्लेकटर जी सूर्या परवीन चंद (G Surya Praveenchand) की है। इसमें वो खाद लेते दिख रहे हैं। पता है उन्होंने ऐसा क्यों किया, ऐसा उन्होंने खाद की दुकानों पर किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी (Scam) की जांच करने के लिए किया। वो किसान की तरह कपड़े पहन कर Kaikaluru और Mudinepalli मंडल की खाद की दुकानों पर खाद लेने के लिए।
निर्धारित मूल से ज्यादा दाम पर बेच रहे थे दुकानदार
इसके दौरान उन्होंने यह पाया कि कई दुकानदार Diammonium Phosphate (DAP) और यूरिया एमआरपी (Urea MRP) से अधिक मूल्य में बेच रहे थे। यहां तक कि वो खाद का कोई बिल (No Bill) भी नहीं दे रहे थे और उन्होंने खाद के गोदाम के गोदाम भर रखे थे। बहुत अधिक मात्रा में स्टोर कर रखा था समान, यानी कि उन्होंने जमाखोरी भी कर रखी थी।
दुकानों पर जाने के लिए बने किसान
सोशल मीडिया पर यह फोटो शेयर होते ही वाइरल हो गई। दुकानदार (Store Owner) कैसे गांव के लोगो को लूट रहे है। इसमें आप देख सकते हैं कि जो इंसान खाद लेता दिख रहा है वो आईएएस अधिकारी परवीन चंद (IAS G Surya Praveenchand) हैं। क्षेत्र के एक दुकानदार ने उन्हें किसान के साथ होती इस धोखाधड़ी को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद उन्होंने खुद जांच करने के लिए शुक्रवार को यह कदम उठाया। इस काम के लिए सभी ने उन्हें धन्यवाद दिया, कि उन्होंने किसान की परेशानी समझी और उस पर तत्काल फैसला लिया।
IAS officer G Surya Praveen Chand concealed his identity and visited fertilizer shops as a buyer. The Vijayawada sub collector detected wrong doings by shop owners and got them booked. #AndhraPradesh pic.twitter.com/SkGscN4Hht
— Ch Sushil Rao (@sushilrTOI) August 7, 2021
उन्होंने जिन दो दुकानदारों को हेराफेरी पकड़ा, उन दो दुकानों को सीज कर दिया गया है। जो यूरिया (Urea) 266.50 Ru का है, वो यह दुकानदार 280 Ru का बेच रहे थे। इतना ही नहीं, वो ग्राहकों की आधार डिटेल भी नहीं ले रहे थे। ना किसी प्रकार का बिल दे रहे थे। अब अफसर की इस हिम्मत और चतुराई से पकड़ी गई चोरी की खबर और तस्वीरें वायरल हो रही है और लोग अफसर के काम की तारीफ़ कर रहे हैं।



