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Mumbai: सोशल मीडिया पर बहुत से लोगो को मदत मिलती रहती है और अगर किसी को सोशल मीडिया के अलावा सोनू सूद (Sonu Sood) जैसे मदतगार का साथ मिल जाये, तो जिंदजी सवार जाएँ। ऐसी ही एक खबर में पिता की मृत्यु के बाद भेलपूरी बेचकर अपने परिवार का खर्चा उठा रहे 9 वर्षीय नन्हे बच्चे (Little Boy) रंजोध सिंह जोधां को अब मदत मिल गई है और अब वह पढ़ेगा।
छोटी सी उम्र में दिनभर भेलपूरी (Bhelpuri) बेचने वाले रंजोध के हाथ में अब स्कुल (School) की किताबें होंगी। अब यह बच्चा Ludhiana शहर के जमालपुर स्थित सीबीएसई स्कूल डीसीएम प्रेजीडेंसी में पढ़ाई करेगा। पूरे देश में जरूरतमंदों की मदद के लिए जाने जाने वाले अभिनेता सोनू सूद (Actor Sonu Sood) अब रंजोध की मदद (Help) के लिए सामने आ गए हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शहर के सलेम टाबरी एरिया के रहने वाले रंजोध सिंह जोधा के पिता का कुछ महीने पहले देहांत हो गया था। इसके बाद उसने खुद मेहनत और काम करने का निर्णय लिया। परिवार का खर्च उठाने का बीड़ा उठाया। पिछले छह महीने से रंजोध एरिया के पास पड़ते ठेके के बाहर भेलपूरी की रेहड़ी लगा रहा था।
ऐसा करके वह दिन के 300 रुपये तक कमा लेता था। पिछले दिनों से भेलपूरी बेच रहे इस बच्चे (Ludhiana Bhelpuri Seller Boy) की न्यूज़ पेपर पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसे अभिनेता सोनू सूद ने भी देखा और उसकी मदद के लिए आहे आ गये। बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने इस कार्य के लिए लुधियाना में रह रहे दो दोस्तों करन गिल्होत्रा और अनिरुद्ध गुप्ता को फोन किया और बच्चे को मदत मुहैया करवाई।
@SonuSood Sir Takes Burden Off 9-YR-Old's Shoulders. 🇮🇳🙏@Karan_Gilhotra @SoodFoundation #SonuSood #SonuSoodRealHero pic.twitter.com/XZ3Z6GhZO3
— SONU SOOD FC INDIA🇮🇳 (@FcSonuSood) August 1, 2021
अनिरुद्ध गुप्ता जोकि डीसीएम स्कूल के सीईओ है, उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल रजनी कालड़ा को पूरे मामले के बारे बताया और सलेम टाबरी में रह रहे रंजोध के परिवार से बात करने की जानकरी दी। फिर बच्चे (Ludhiana Bhelpuri Seller Kid) के परिवार को स्कूल में Invite किया गया और रंजोध का स्कूल में एडमिशन करवा लिया गया। बता दे की उसकी दोनों बहनों को भी स्कूल में पढ़ाने की बात कही गई है। रंजोध की मां को भी स्कूल में ही नौकरी देने का की बात चल रही है।
अभिनेता सोनू सूद ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रंजोध के परिवार से बातचीत की है। सोनू सूद ने बच्चे के परिवार से बात कर भविष्य में मदद देने की बात कही है। इससे पहले मसीहा बने सोनू सूद महामारी काल में काफी लोगों की सहायता कर चुके हैं। अब सोनू सूद को लोग किसी मसीहा के कम नहीं कह रहे।
Humbled 🙏🙏 @SonuSood @payaldhawanTOI @nagarkoti @timesofindia @SarhadKesri pic.twitter.com/5FSrzh69OD
— Karan Gilhotra (@Karan_Gilhotra) August 1, 2021
बिहार के एक शख्स ने तो उनकी मूर्ति तक बनवाने का एलान कर दिया था, पर सोनू ने ऐसा करने से मना कर दिया। किसी बच्चे का इलाज हो या काम की तलाश में भटकता गरीब आदमी, सोनू एक ट्वीट पर उनकी मदद करते हैं जिसकी बानगी कोरोना काल में खूब देखने को मिली।
एक इंटरव्यू में सोनू ने बताया था कि उनकी मां के निधन के बाद वो अपना जन्मदिन नहीं मनाते हैं। इस दिन वो सिर्फ अपने परिवार और कुछ करीबी दोस्तों के साथ ही वक्त बिताते हैं। एक अच्छे अभिनेता के अलावा सोनू सूद की पहचान उनकी दरियादिली के लिए होती है। जब भी कोई अपनी परेषानी उन्हें बताता है, तो जरूर उनकी मदद करते हैं।
ऐसा ही एक मामला झारखंड से भी आया है। झारखंड के गढ़वा जिले में रहने वाला पप्पू यादव सोनू सूद को भगवान मानता है। क्योंकि उसे सोनू सूद ने ऐसे समय में मदद की है, जब कोई उसकी सहायता के लिए तैयार नहीं था। सोनू सूद के जन्मदिन पर जब उनके झारखंडी फैन ने सेलिब्रेट किया, तो वीडियो कॉल के जरिये सोनू भी अपने फैन से लाइव जुड़े और उसका उत्साह बढ़ाया।
बता दे की गढ़वा जिले के डंडई प्रखंड को सोनेहरा का रहने वाला पप्पू यादव जब बीमार पड़ा, तो लॉकडाउन के चलते उसके पास खुद का इलाज कराने के लिए भी पैसे नहीं थे। घर में भी इलाज कराने के लिए पैसे नहीं थे, क्योंकि घर की आर्थिक हालत खराब थी, इसके कारण घरवाले भी मदद नहीं कर पा रहे थे। तब भो सोनू सूद का सहारा मिला था।



