पिता के देहांत से टूटा हौंसला, बेटे ने टूटे हाथ से की प्रैक्टिस, मां ने बेटे से मांगा देश के लिए गोल्ड मेडल

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Tajinderpal Singh Toor
Congratulations to Asian Gold Medalist Tejinder Pal Singh Toor for achieveing the 21.49 meters throw which is an Asian record and a new National record and also for qualifying for Tokyo Olympics in shot put event.

File Photo

Delhi: टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) को लेकर सभी भारतीय खिलाडिय़ों (Indian Players) ने तैयारी शुरू कर दी थी। ओलंपिक शुभारंभ को लेकर लपगो में बहुत उत्साह दिखाई दिया। कई खिलाडिय़ों ने मुश्किलों के पहाड़ को रोंदते हुए ओलंपिक का टिकट हासिल किया है। ऐसे ही लोगों में तेजिंदरपाल सिंह तूर भी शामिल है। इनकी कहानी सबसे अलग है। इनकी हिम्मत देख लोग हैरान रह जाते है।

तूर ने ओलंपिक (Olympics) में गोला फेंक (Toor) में क्वालीफाई (Qualifying ) किया है। इस मुकाम को हासिल करने के लिए तूर ने काफी मुश्किल का सामना किया। अगर कोई सामान्य व्यक्ति होता तो शायद वह अपना रास्ता ही बदल देता। लेकिन तेजिंदर (Tejinder Pal Singh) ने अपनी मंजिल नहीं छोड़ी। टोक्यो ओलंपिक 2021 से पहले भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है।

गोला फेंक प्रतियोगिता (Gola Fek Game) के लिए भारत के तेजिंदर पाल सिंह ने क्वालीफाई कर लिया है। तेजिंदर पाल सिंह ने 21.49 मीटर का थ्रो डालकर अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने अपनी जगह पक्की कर ली। इसके साथ ही तेजिंदर पाल सिंह ने साउदी अरब के सुल्तान अब्दुल मजीद का भी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। तेजिंदर को 21 मीटर का थ्रो करना था, लेकिन उन्होंने 21.49 मीटर तक डाला। क्वालीफिकेशन के बाद तेजिंदर ने कहा है कि पहली बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करके वे काफी खुश हैं।

इसके साथ ही आपको बता दें कि भारत के ऊंची कूद एथलीट तेजस्विनी शंकर के पास शुक्रवार से पटियाला में शुरू हो रहे राष्ट्रीय इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का आखिरी मौका था। 23 साल शंकर जो कनसास स्टेट यूनीवर्सिटी के छात्र हैं, उन्हें टोक्यो का टिकट हासिल करने के लिए 2.33 मीटर का क्वालीफिकेशन मार्क हासिल करना इनका लक्ष्य बन गया था।

शंकर ने आईएएनएस से कहा है कि मेरा लक्ष्य 2.33 मीटर को हासिल करना होगा। मेरे लिए टोक्यो के लिए क्वालीफाई करने का यही एकमात्र रास्ता है क्योंकि मेरी रैंकिंग जो ओलंपिक में जाने के लिए दूसरा जरिया है वो इतनी अच्छी नहीं है। शंकर के सीजन का सर्वश्रेष्ठ 2.28 मीटर है जबकि राष्ट्रीय रिकॉर्ड 2.29 मीटर का है।

तेजिंदर ने कॉम्पिटिशन के बाद कहा, ‘मैं पहली बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर बहुत उत्साहित हूं। यह एशियाई और राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। ओलंपिक क्वालीफाई करने पर मैं हैरान नहीं हूं क्योंकि मैं 21.20 मीटर से 21.40 मीटर तक गोला फेंक रहा था। उनका रिकॉर्ड तोड़ने वाला प्रदर्शन डोप टेस्ट पास करने के अधीन है।

यह पता चला है कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के डोप नियंत्रण अधिकारी एनआईएस-पटियाला में इस एक दिवसीय आयोजन लिए उपस्थित थे। तेजिंदर का प्रदर्शन 2012 और 2016 में कांस्य पदक जीतने वाले एथलीट से बेहतर है। महिलाओं के भालाफेंक में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अन्नु रानी ओलिंपिक क्वालीफिकेशन मार्क तक पहुंचने के आखिरी प्रयास में नाकाम रही। उन्होंने 62.83 मीटर के साथ स्वर्ण जीता। ओलिंपिक क्वालीफिकेशन मार्क 64 मीटर है।

विश्व रैंकिंग के आधार पर हालांकि अन्नु को टोक्यो ओलिंपिक में प्रवेश मिल सकता है। वह फिलहाल रोड टू टोक्यो सूची में 19वें स्थान पर है। महिलाओं की भालाफेंक स्पर्धामें 32 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुषों की ऊंची कूद में केरल के मोहम्मद अनीस याहिया ने स्वर्ण, उत्तर प्रदेश के युगांत शेखर सिंह ने रजत और ऋषभ ऋषिश्वर ने कांसय पदक जीता।

तेजिंदर पाल के लिए अब मां ही पिता बनकर बेटे का साथ देती हैं। हीरो नाम से गांव खोसा पांडो में विख्यात तेजिंदर के पिता कर्म सिंह हीरो अपने बेटे को जीवन में हीरो बनते देखना चाहते थे। लेकिन किसी कारण से उनका देहांत हो गया। जिस कारण तेजिंदर के सर से पिता का साया उठ गया। अब पत्नी व तेजिंदर की मां को उम्मीद है कि उनका बेटा असली हीरो तो ओलिंपिक का पदक लाकर बनेगा।

तेजिंदरपाल सिंह का जन्म 13 नवंबर 1994 को पंजाब के खोसा पंडो गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही खेल के प्रति उनका लगाव था। इसमें पिता करम सिंह और चाचा गुरदेव सिंह से उन्हें सपोर्ट मिला। करम सिंह अपने गांव और आसपास के इलाकों में रस्साकशी खेल के लिए काफी मशहूर थे।वहीं युवा तेजिंदरपाल अपने चाचा गुरदेव सिंह से काफी प्रभावित हुए, जो एक अंतरराष्ट्रीय शॉट पुट पदक विजेता थे।

तेजिंदरपाल सिंह तूर ने अपने शुरुआती वर्षों में चाचा गुरदेव सिंह के सपोर्ट में प्रशिक्षण लिया, जहां वह जल्द ही इस खेल में अपना लोहा मनवाने के लिए रेडी हो गये। इस युवा शॉट पुटर ने राज्य स्तर पर कई युवा प्रतियोगिताओं में भाग लिया और कई अवॉर्ड अपने नाम किये। अंतर-राज्यीय प्रतियोगिताओं में उम्दा प्रदर्शन किया। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में तूर का हाथ फ्रैक्चर हो गया। ट्रेनिंग के दौरान गोला फेंकते हुए वह फिसल गए। इसके बाद वह अवसाद में चले गए थे। उन्हें लगने लगा था कि शायद वह ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई भी नहीं कर पाएंगे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नही हारी।

अब तक जीते हैं इतने खिताब

2016 में फेडरेशन कप शॉट पुट का खिताब, 2017 में पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता, 2018 में तीसरा फेडरेशन कप खिताब, 2018 में राष्ट्रीय और एशियाई खेलों का (20.75 मीटर) रिकॉर्ड बनाया, 2019 में एशियाई चैंपियनशिप का स्वर्ण जीता, तूर ने इंडियन ग्रांप्री-4 में 21.49 मीटर की थ्रो फेंककर ओलिंपिक टिकट हासिल करने के साथ राष्ट्रीय व एशियाई रिकॉर्ड भी बेहतर किया।

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