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Delhi: टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) की शुरूआत 23 जुलाई को होने जा रही है। पूरा भारत (India) अपने खिलाड़ियों की हिम्मत बढ़ाने का काम कर रहा है। वहीं खिलाड़ियों ने भी अपने इरादे मजबूत बना लिए हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को खिलाड़ियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस दाैरान दुती चंद ने प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) के साथ अपनी बातचीत में कहा कि वह टोक्यो ओलंपिक में यह दिखाना चाहती हैं कि भारतीय महिलाएं किसी से कम या कमजोर नहीं हैं और देश तभी आगे बढ़ेगा जब महिलाएं आगे बढ़ेंगी।
दुती (Athlete Dutee Chand) ने पीएम मोदी (PM Modi) से कहा, लोग मेरी मां को ताने देते थे कि वह इतनी सारी लड़कियों को क्यों जन्म दे रही हैं। हमारे पास पेट भरने के लिए खाना भी पर्याप्त मात्रा में नही रहता था। मेरे पिता की आय भी बहुत कम थी। मैं सोच रही था कि अगर मैं अच्छा खेलूं तो मुझे सरकारी क्षेत्र में एक अच्छी नौकरी मिल सकती है।
अब मैं अपने परिवार के लिए एक अच्छा जीवन पाने में कामयाब रही हूं और मैं आपको और उन सभी को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने मुझे इसे हासिल करने में मदद की है। मेरे जीवन में हमेशा विवाद रहा है। मुझे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। भारत की पहली स्प्रिंटर, जिनके समलैंगिक एथलीट होने की जानकारी सभी को है।
उन्होंने 2019 में इटली के नेपल्स में हुए वर्ल्ड यूनिवर्सियाड में इतिहास रचा था, वह इस ग्लोबल मीट में हुई 100 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं थीं। महिलाओं के 100 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज है और 2016 के रियो ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई करके वह ओलंपिक खेलों में महिलाओं के 100 मीटर में भाग लेने वाली देश की पांचवीं भारतीय एथलीट बनीं।
ओडिशा की रहने वाले दुती चंद एक बुनकर परिवार से तालुक्क रखती हैं। उन्होंने अपनी बहन सरस्वती से प्रेरित होकर दौड़ना शुरू किया। लेकिन उन्होंने अपने जीवन के हर मोड़ पर कड़ी मुश्किलों का सामना किया है। फिर चाहे उनकी परवरिश की बात हो या हाइपरएंड्रोजेनिज़्म विवाद (टेस्टोस्टेरोन की मात्रा सामान्य से अधिक होना)। टेस्टोस्टेरोन वह हार्मोन है, जो पुरुषों के गुणों को नियंत्रित करता है।
PM Modi lauds athlete Dutee Chand & asks her how she sees mega-sporting event #TokyoOlympics.
"I belong to a weaver family. I've six sisters, one brother, mother & father in my family. Villagers used to critisize my mother for giving birth to so many girls," she says pic.twitter.com/vRTkHRZyjF
— ANI (@ANI) July 13, 2021
दूती चन्द Dutee Chand 3 फ़रवरी 1996 जन्मी एक भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यक्तिगत स्प्रिंट और वर्तमान राष्ट्रीय 100 मीटर इवेंट की महिला खिलाड़ी हैं। ये भारत की तीसरी महिला खिलाड़ी हैं, जिन्हें ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेलों के 100 मीटर की इवेंट में क़्वालीफाई किया गया है। इन्होंने इटली में जुलाई, 2019 में सम्पन्न वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में इतिहास रचा। ये वहां महिलाओं के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला बन गयीं।
दुती (Dutee Chand) ने 100 मीटर रेस में 11.32 सेकंड का समय निकालते हुए वह रेस जीती। 2016 में उन्हें ओडिशा माइनिंग कॉर्पोरेशन में असिस्टेंट मैनेजर नियुक्त किया गया। 2019 में उन्होंने घोषणा की कि वे एक समलैंगिक संबंध में हैं। उसी वर्ष प्यूमा ने उनके साथ दो वर्षों का करार किया।
I feel very proud and motivated to perform well at the Tokyo Olympics. I felt very happy to speak with PM Modi. I would request everyone to give us blessings so we can win medals in the Tokyo Olympics and make the country proud: Sprinter Dutee Chand after interaction with PM Modi pic.twitter.com/jLyFZYirNq
— ANI (@ANI) July 13, 2021
दुती का जन्म ओडिशा के जाजपुर ज़िले के चाकागोपालपुर गाँव ग़रीब बुनकर परिवार में हुआ था।सात भाई-बहनों में वे अपने माता-पिता की तीसरी संतान हैं। उनकी और उनकी बड़ी बहन सरस्वती का 2006 में एक सरकारी खेल छात्रावास में दाखिला करा दिया गया। दुती चंद ने 2019 में बताया कि वो समलैंगिक हैं।
उनके अनुसार उनके समलैंगिक रिश्ते की वजह से उन्हें अपने ही परिवार के विरोध का सामना करना पड़ रहा था एवं उनकी बड़ी बहन ने उन्हें परिवार से निकाल देने की धमकी दी। दुती पहली बार 2012 में निगाहों में आईं जब उन्होंने अंडर-18 नैशनल चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ जीतने के साथ नया रिकॉर्ड बना डाला।
अगले साल 2013 में ओडिशा की इस धावक ने पुणे में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 200 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता और नैशनल सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाएं जीतीं। उसी वर्ष वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में भाग लेकर दुती किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के फाइनल में पहुँचने वाली देश की पहली धावक भी बनीं।
I am grateful to Hon'ble Prime Minister @narendramodi Sir for his blessings & good wishes to all athletes, players participating in Olympics today. Your encouragement will definitely inspire us to perform well and give our best@achyuta_samanta@ianuragthakur pic.twitter.com/YG1HAHzT5m
— Dutee Chand (@DuteeChand) July 13, 2021
एशियन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, ताइपे के 200 मीटर और 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीत कर दुती ने साल 2014 की अच्छी शुरुआत की, लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों से पहले हार्मोन टेस्ट में विफल रहने के बाद उन्हें एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एएफआई) ने प्रतिबंधित कर दिया। तब उनमें टेस्टोस्टेरोन की उच्च मात्रा पाई गई थीं, इसे “हाइपरएंड्रोजेनिज़्म” कहते हैं।
दुती को 2015 की जुलाई तक इंतज़ार करना पड़ा, तब कोर्ट ऑफ़ आरबिट्रेशन ऑफ़ स्पोर्ट्स (सीएएस) ने उनकी याचिका पर आईएएएफ के नियमों को खारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय खेलों में भाग लेने की अनुमति दे दी। चंद मजबूती से उबरते हुए 2016 एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, दोहा के 60 मीटर वर्ग में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ कांस्य पदक जीतीं।
इसके बाद कज़ाकस्तान में जी कोसानोव मेमोरियल प्रतियोगिता के 100 मीटर स्पर्धा में 11.24 सेकेंड का समय निकाल कर 2016 रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाइ कर गईं। हालाँकि भारतीय धावक रियो में हीट स्टेज से आगे नहीं जा सकीं, लेकिन 2018 के एशियन गेम्स, जकार्ता में दो रजत पदक जीतीं।
Here is what the talented @DuteeChand has to say about the upcoming Tokyo games. #Cheer4India pic.twitter.com/WbdWPPbHq3
— Narendra Modi (@narendramodi) July 13, 2021
एशियाड के 100 मीटर दौड़ में उनका रजत पदक भारत के लिए 1986 के बाद बीते दो दशकों के दौरान जीता गया पहला पदक था, तब पीटी उषा रजत जीती थीं। तीन दिन बाद ही दुती चंद ने 200 मीटर में रजत जीत कर पेयर बना डाला।नापोली में 2019 समर यूनिवर्सियाड में दुती 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत कर किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक चैंपियनशिप के पोडियम पर शीर्ष में रहने वाली पहली भारतीय महिला धावक बनीं।
59वीं नैशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2019 में दुती चंद ने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए सेमीफ़ाइनल में 11.22 सेकेंड का समय निकाला और फ़ाइनल में 11.25 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दुती चंद शुरु से ही बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए लोगों के दिलों में जगह बनाने में सफल रही हैं। पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों ही तौर पर वह भारत की सबसे होनहार एथलीटों में से एक के रूप में उभरकर सामने आई हैं।
पीएम मोदी ने दुती से कहा कि उन्हें उम्मीदों में फंसे बिना ओलंपिक में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा, आपने इस देश के लिए कई रिकॉर्ड बनाए हैं। देश को उम्मीद है कि आपको ओलंपिक पोडियम पर जगह मिलेगी। अपनी सभी चिंताओं को छोड़ दें और भाग लें, पूरा भारत आपके साथ है।



