बिन पिता की बेटी का भाई बना दारोगा, धूमधाम से कराई शादी, हो रही तारीफ

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Ek Number
Police man awesome job gives a good life to a girl. A UP Police Officer Hanumant Lal Tiwari helped a girl for her marriage. Hanumant Lal Tiwari said sister to girl: Ek Number News

File Image Credits: Twitter

Jabalpur: लोग पुलिस वालों को देखकर उनपर गलत टिप्पणी करने लगते है। लेकिन उनकी इंसानियत से कोई भी वखिफ नही, पुलिस वाले इंसानियत के रिश्ते निभाने में भी सबसे आगे होते है। जहां एक तरफ इस आपदा में लोग अपने घरों में रहने की सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यूपी पुलिस के जवान हर कदम पर लोगों की सहयता करते दिखाई दे रहे हैं।

हनुमंत लाल तिवारी ने अपनी मुंह बोली बहन का विवाह बड़े ही धूमधाम से करवाया। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर कस्वा के सिकंदराबाद का यह मामला है। यहां के निवासी विचल त्रिवेदी पिछले साल गुजर गए थे। जिसके बाद उनका पूरा परिवार असहाय से होगया था।

जैसे परिवार का सब कुछ चला गया हो। फिर कुछ ऐसा हुआ, जिससे उनके परिवार में खुशी की लहर आ गई। विचल त्रिवेदी की बेटी को कस्बे की पुलिस चौकी पर तैनात प्रभारी हनुमंत लाल तिवारी ने अपनी बहन मान लिया और वह उससे राखी भी बंधवाने लगे।

भगवान के घर देर है, लेकिन अंधेर नही। ये कहावत सच कर दिखाई दरोगा ने मामला लखीमपुर खीरी का है, जहां एक दरोगा ने गरीब लड़की को अपनी बहन बनाकर उसकी शादी करवाने का खर्च उठाया।बहन की शादी बहुत धूमधाम से करवाई। इसके साथ ही दरोगा ने लड़की के परिवार की हर संभव सहयता करने का भी विश्वास दिलाया। जिसके बाद दरोगा की दरियादिली को हर कोई सलाम कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, लखीमपुर जिले के सिकंद्राबाद निवासी विचल त्रिवेदी की बीते वर्ष घर में पड़ी टिन शेड पर करंट लगने से उनका स्वर्गवास हो गया था। इस समय हनुमंत लाल तिवारी मझगई चौकी का चार्ज सम्भाल रहे हैं। कुछ समय बाद दरोगा का वँहा से ट्रांसफर हो गया लेकिन दरोगा ने अपनी जिम्मेदारी से पीछे नही हाटे जो वादे किए थे उनको पूरा करने की कोशिश की।

उन्होंने भाई बनकर परिवार की जिम्मेदारी उठाते हुए परिवारजनों की रजामंदी से जिले के ही गांव रामनगर बगहा निवासी सूरज लाल तिवारी के पुत्र राममोहन के साथ आरती का शादी पक्की कर दी। शादी की सारी तैयारियां दरोगा ने अपनी तरफ से ही की। इतना बी नही दरवाजे पर खड़े होकर एक भैया की तरह ही बारातियों का स्वागत किया।

इस सारी मामले की जानकारी देते हुए लड़की की मां कमलेश त्रिवेदी ने बताया है, हनुमंत लाल तिवारी ने एक बेटे की तरह अपना फर्ज निभाया है। वह मेरी बेटी अनीता त्रिवेदी के तिलक में भी गये थे। शादी पक्की होने के बाद लाखों रुपया का दहेज भी अपने पास से दिया है।

वहीं अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उसकी पुत्री के विवाह में शामिल हो एक भाई की तरह दरवाजे पर खड़े सभी बारातियों का सम्मान भी किया। वहीं दरोगा ने परिवार की हर कदम पर जिम्मेदारी निभाने का वचन दिया।

अनीता के तिलक में जाने के साथ-साथ शादी का सारा खर्च भी उठाए। विवाह के मौके पर वह एक भाई की तरह बारातियों के स्वागत के लिए दरवाजे पर खड़े हो अपनी बहन का सम्मान बनाये रखा। कभी भाई की कमी महसूस नही होने दी। हनुमंत लाल बताते हैं कि विचल का परिवार बेहद निर्धन है।

विचल को तीन बेटी और एक बेटा है, जिसमें बेटा अभी परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए बहुत छोटा है। थाना प्रभारी हनुमंत लाल तिवारी (Hanumant Lal Tiwari) कहते हैं कि वह चाहें जहां भी रहे उस परिवार की सहयता जरूर करेंगे।

केवल यही नहीं हनुमंत लाल तिवारी हमेशा ऐसे कार्यों के लिए सुर्खियों में रहते हैं। कई दिन पहले उन्होंने जंगल के किनारे रास्ता भटक रही एक वृद्ध महिला को उसके परिवार से मिलवाया है। हनुमंत को जब उस महिला के बारे में पता चला तो बहुत बार पूछने के बाद भी वह अपने परिवार का पता नहीं बता पा रही थी।

ऐसे में हनुमंत ने उनके परिवार का पता लगाया और परिजनों से मिलवा दिया। इस दौरान हनुमंत उस वृद्ध महिला का इलाज भी करवाए। हमुमंत लाल ने जिस तरह से पुलिस की वर्दी में समाज में लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाया हैं, उससे हर पुलिसवाले के साथ सभी सक्षम लोगों को सिख लेकर लोगों की मदद करनी चाहिए। दरोगा की इस पहल ने पुलिस वालों का सम्मान ऊंचा कर दिया।

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