GDP पद छोड़कर राम की भक्ति में लीन हो उपदेश देनें लगे गुप्तेश्वर पांडेय

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Gupteshwar Pandey
Bihar's former DGP Gupteshwar Pandey turns religious preacher. Gupteshwar Pandey follows Shrimad Bhagwat Gita now. He is doing bhakti now.

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Patna: बिहार पुलिस के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं। अब इस बार वे सुर्खियों में अपने नए रूप को लेकर आये हैं। दरअसल, कभी सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में स्थापित गुप्तेश्वर पांडे ने अचानक से राजनीति में आने का फैसला किया।

नौकरी से त्यागपत्र दे नेता बन गए। पर अब वे कथावाचक की नई भूमिका में नजर आ रहे हैं। उन्होंने पीतांबर धारण कर लिया है। बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडेय ने पिछले साल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी, डीजीपी पद छोड़कर पांडेय अब अब धर्म कार्य में जुट गए हैं, राम नाम की महिमा का उपदेश दे रहे हैं, कथा के माध्यम से लोगों को जीवन का शार समझा रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुप्तेश्वर पांडेय इन दिनों अयोध्या के हनुमानगढ़ी में हैं, रामभक्त हनुमान की भक्ति में लींन हैं और लोगों को भी कथा सुना रहे हैं, सोशल मीडिया पर पांडेय की कथा सुनाते वक्त की तस्वीरें तेजी से Viral हो रही हैं।

पूर्व डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय जदयू नेता गुप्‍तेश्‍वर पांडेय इन दिनों नई भूमिका में दिख रहे हैं। वे इन दिनों अयोध्‍या में मन लगा रहे हैं। कभी खाकी और फिर खादी में दिखने वाले पांडेय आजकल गेरुआ वस्‍त्र धारण कर प्रवचन दे रहे। बिहार के पूर्व डीजीपी और जदयू नेता गुप्‍तेश्‍वर पांडेय (Bihar Ex DGP Gupteshwar Pandey) इन दिनों नई भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। वे इन दिनों मठ-मंदिरों और धार्मिक सत्‍संग में मन लगा रहे हैं।

कभी खाकी और फिर खादी में दिखने वाले पांडेय। जी अब इन सबसे दूर दिखाई दे रहे है। उन्‍होंने बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बिहार का डीजीपी रहते अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दीया। इसके बाद उन्‍होंने बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार Bihar CM Nitish Kumar की पार्टी जदयू से रिश्ता जोड़ा था तो कयास लगाए जा रहे थे कि वे विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे और उन्‍हें अगली सरकार में कोई महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदारी मिल सकती है। लेकिन इन दोनों से कोई भी बात सही साबित नही हुई।

बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेते हुए राजनीति में आने वाले पूर्व डीजीपी अब धार्मिक मंचों पर कथावाचन कर लोगों को जीवन का मार्गदर्शन करा रहे हैं। इन दिनों रामभक्त हनुमान की भक्ति में लीन हैं। भाव भी बदल गया है, भूमिका भी नई। अब न पुलिस रौब है, न ही सियासत की गर्म गर्मी। सुबह भगवान के भजन से होती है और देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहता है।

चुनाव नहीं लड़ पाने की बात घर नही करी थी। इसे वे जाहिर भी कर चुके हैं, पर वे अब मोह-माया से मुक्ति की राह बता रहे। खाकी और खादी के बाद अब गेरुआ में उनका नया रूप सुर्खियों का विषय बना हुआ है। पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने 15 जून से 22 जून तक अयोध्या में श्रीमद् भागवत कथा पाठ किया।

श्रीमद् भागवत कथा सुनते वक्त वह वात्सल्य प्रेम इतना डूब जाते है कि वाचन करते समय रोने लगते हैं। इस कथा का प्रसारण जूम ऐप पर किया गया। मीडिया से जुड़कर लोगों ने पाठ को सुना। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। ये कोई पहला ऐसा मौका नहीं है, जब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने अचानक से लोगों को अपने नए अंदाज से अचंभित किया हो इसके पहले भी वो अपने नए-नए अंदाज को लेकर सभी को सरप्राइज करते रहते हैं।

इसके पहले वो एक पुलिस बल के कार्यक्रम में आमंत्रित हुए थे तब उन्होंने अपना एक और नया रूप लोगों के सामने दिखाया था। वो उस महफिल में गजल गायक के रूप में उभरे और जमकर तालियां बटोरी। इसके अलावा उनका एक और तस्वीर सोशल मीडिया में Viral हुई थी। जब वो एक खुले तालाब के किनारे गमछा लपेटकर नहाने चले गए थे। इसके अलावा उनकी एक और पिक जिसमें वो पगड़ी बांधे गाय दुह रहे थे वो भी खूब वायरल हुई थी।

पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के बारे में अगर बात करें तो अपनी नौकरी में वे बेहद सख्त और कड़क पुलिस अधिकारी माने जाते थे। पर अचानक उनको राजनीति की ओर जाने का मन बना लिया तो अपनी नोकरी से इस्तीफा दे दिया। जेडीयू में शामिल हो गए पर बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला। तो अब वह कथावाचक की भूमिका में आ गए है।

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