सूरत के इस व्यापारी ने अपनी 2 माह की बेटी को तोहफा देने चांद पर खरीदी जमीन

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Businessman gifts son a piece of moon. Father made true saying of bringing moon-stars, bought land on moon for his daughter. 2-month-old girl's name on the moon, father gave her an unmet gift to a piece of her liver.

File Photo

Surat: छोटी सोच वाले लोग बेटी के जन्म पर शोक मानते है। लेकिन कई लोग ऐसे भी होते है, जो बेटी के जन्म पर जश्न मनाते है। बेटी को भाग्यशाली समझते है। गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाले एक बिजनेसमैन ने अपनी बेटी को खास उपहार दिया है। सूरत के सरदाणा इलाके के रहने वाले बिजनेसमैन का नाम विजय कथेरिया हैं।

बेटी के जन्म से ही बहुत खुश थे विजय, विजय कथेरिया नाम के एक बिजनेसमैन ने अपनी दो महीने की बेटी के लिए चांद Moon पर ज़मीन खरीदी है। चांद पर जमीन खरीदने के लिए उन्होंने न्यूयॉर्क इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री कंपनी को ईमेल भेजा था। उनके आवेदन को कंपनी ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने 13 मार्च को चंद्रमा पर जमीन खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।

विजय कथेरिया के घर दो महीने पहले ही नन्हीं नित्या का जन्म हुआ था। बेटी के जन्म के समय ही विजय कथेरिया ने विचार बना लिया था कि वह अपनी बेटी को कुछ खास उपहार देंगे। तब नित्या के पिता ने अपनी बेटी को एक ऐसा तोहफा देने का निर्णय किया, लेकिन वह तोहफा अन्य तोहफा से कहीं हटकर और स्पेशल था।

गुजरात के सूरत में रहने वाले विजय ने अपने 2 माह की बेटी नित्या के लिए चांद पर जमीन खरीदी कर उन लोगो के मुंह मे तमाचा मार जो ये सोचते है कि बेटी बोझ होती है। विजय ने अपनी 2 महीने की बेटी नित्या को तोहफे के रूप में चांद पर जमीन दी है। विजय कांच के व्यापारी हैं और मूल रूप से सौराष्ट्र के हैं। वह इस समय सूरत के सरथाणा क्षेत्र में रहते हैं।

उन्होंने चांद पर जमीन खरीदने के लिए न्यूयॉर्क इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री कंपनी को ईमेल भेजा था। उनके आवेदन को कंपनी ने स्वीकार कर लिया। विजय कथेरिया चांद पर जमीन खरीदने वाले पहले व्यापारी हैं। हालांकि नित्या खुशकिस्मत दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की है, जिसके नाम पर चांद पर अपनी जमीन है, लेकिन अभी इस बात की पुष्टी नही की जा सकती है। यह दावा किया गया है कि आने वाले दिनों में कंपनी द्वारा आधिकारिक तौर पर इस दावे की घोषणा की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक एक तरफ यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी चांद पर 2020 से 2030 के बीच अंतर्राष्ट्रीय गांव बनाने की तैयारी में है तो दूसरी तरफ, अमेरिका की नासा चांद पर एक बेस बनाने की। रूस की अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos और चीन की CNSA भी इसी तरह के बेस चांद पर बनाने की प्लानिंग रखते हैं, बाकि यह प्रयास कितना सफल हो पायेगा यह अभी कोई मालूम नहीं है।

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