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Bhopal: इस वक़्त पूरे विश्व (World) में भारत का डंका बज रहा है और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब विश्व नेता (World Leader) बनकर उभरे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत एक बड़ी सफलता की और अग्रसर है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 5 स्थाई देशों में से 4 ने भारत को स्थाई सीट देने का समर्थन किया है। UNSC के 5 स्थायी सदस्यों में अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन शामिल हैं।
इन सभी देशों को वीटो पावर मिला है। काफी समय से भारत UN की स्थाई सदस्यता के लिए दावेदार रहा है, लेकिन चीन ने कई बार इस अड़गा लगा पानी फेर दिया है। हालांकि एक बार चीन ने भी भारत को समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन मौके पर फ़ैल गया। इस बात की जानकारी विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने संसद में दी।
मुरलीधरन ने कहा, ‘यूएनएससी का विस्तार होने पर भारत को स्थाई सदस्यता मिलने की ज्यादा संभावना है।’ हालांकि, भारत के पक्ष में किन देशों ने आवाज उठाई है इसके बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि मई 2015 में भारत के प्रधानमंत्री के चीन के दौरे के दौरान चीन ने भी यूएनएससी में भारत को शामिल करने का समर्थन किया था।
बता दे की उस वक़्त जारी साझा बयान में कहा गया था कि चीन एक विकासशील राष्ट्र के तौरे पर अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत के दर्जे को अहम समझता है। यह यूएन सुरक्षा परिषद में भारत के शामिल होने का समर्थन करता है। यूएनएससी में कुल 15 देश हैं। इनमें 5 स्थायी सदस्य हैं। ये 5 स्थायी सदस्य क्रमसः अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन हैं।
जानकारी हो की 10 देशों को अस्थाई सदस्यता दी गई है। हर साल 5 अस्थायी सदस्य चुने जाते हैं। अस्थाई सदस्यों का कार्यकाल 2 साल का होता है। परिषद के स्थाई सदस्य किसी भी प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। पूरे विश्व के अभी के बने हालात को देखते हुए यूएनएससी में स्थाई देशों की संख्या ज्यादा करने की मांग तेज रही है। भारत, ब्राजील, साउथ अफ्रीका और जापान इसमें शामिल होने के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
4 members back India for UNSC permanent seat, unspecific on China's support: MEA https://t.co/BkCmAHu3ju
— Republic (@republic) September 21, 2020
बता दे की यूनएससी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बहाल रखने और सुरक्षा के लिए काम करता है। भारत इस साल जुलाई में 8 साल में 8वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना गया था। वोटिंग में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 देशों ने हिस्सा लिया था। इनमें से 184 देशों ने भारत का समर्थन किया था। भारत अभी भी दो साल के लिए यूएनएसी का अस्थाई सदस्य है।




