
Delhi: दुनिया प्रतिभाशाली लोगो से भरी पड़ी है। जुनून और मेहनत से लोग हर वो चीज हासिल कर लेते जिसे पूरी दुनिया हासिल करने का सपना देखती है। व्यक्ति की कमी कभी भी उसके लक्ष्य के आड़े नहीं आती। दुनिया में कई तरह के लोग होते हैं।
भगवान की माया को आज तक कोई नही समझ सका वो किसी को एक दम परफेक्ट नही बनाता किसी को धन दौलत देता है, तो किसी को हष्ट पुष्ट शरीर परंतु ईश्वर ने सभी के अंदर एक गुप्त कला दी है, जो किसी न किसी माध्यम का सहारा लेकर दुनिया में प्रदर्शित होती है।
इंसान की कमी कभी भी उसके जीवन में बाधा नहीं बनती यदि वो चाहे तो एक स्वस्थ मनुष्य से भी ज्यादा अच्छे से अपना जीवन बिता सकता है। अपंगता कई तरह की होती है किसी किसी में जन्मजात अपंगता होती है, कोई हादसे का शिकार हो जाते है। फिर भी वे अपने जीवन को एक नॉर्मल जीवन की तरह जीने का प्रयास करते है। एक स्वस्थ शरीर की बनाबट शरीर के हर हिस्से का मजबूत होने से है।
आप अंदाजा लगा सकते है की एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में थोड़ी बहुत चोट भी आ जाती तो उसके कार्य करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। तो फिर किसी व्यक्ति में वो अंग ना हो तो उसकी कार्य क्षमता क्या होगी। आज की इस पोस्ट में एक ऐसा ही व्यक्ति की बात हो रही है, जिसका कमर के नीचे का हिस्सा बचपन से ही नहीं है है फिर भी उस व्यक्ति ने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। आइए जानते है कैसे उसने वर्ल्ड रिकॉड बनाया।
जॉन क्लार्क का सफर
जियो क्लार्क (Zion Clark) को तो पूरी दिया जानती है, दुनिया की नाम चीन पर्सनली में से एक जियो क्लार्क का जन्म 29 सितंबर वर्ष 1997 को कोलंबस शहर में हुआ। क्लार्क अपंगता के साथ जन्मे। पैदा होते से ही उनके कमर के नीचे का भाग नही था। फिर भी बिना पैर के क्लार्क ने वर्ल्ड रिकॉर्ड (World Record) बना डाला।
क्लार्क के अंदर काफी सारी खूबियां है वे एक पहलवान, धावक और मोटिवेशनल स्पीकर भी है, आनुवंशिक दोष के चलते क्लार्क बिना पैर के जन्मे। उनका पूरा नीचे के हिस्से का विकास नहीं हो पाया। इसलिए वे अपने सभी काम हाथो की सहायता से करते है। सिय्योन की वीडियो को देख आप रो पड़ेंगे उस वीडियो में इतनी करुणा भरी हुई है की आप के मुंह से शब्द नहीं निकल सकेंगे।
20 मीटर की दौड़ को 4.78 मिनट में पूरा कर रचा इतिहास
क्लार्क ने हमेशा खुद को कमजोर नही पड़ने दिया। उन्होंने अपनी कमी को जग जाहिर नही किया। इसी लिए आज उन्हे पूरी दुनिया जानती है। क्लार्क बेहद गरीब परिवार में जन्मे है उनके माता पिता उन्हे पालने में असमर्थ थे।
इन्ही कारणों से वे घर और स्कूल बदलने पर मजबूर हो गए। कुछ समय के पश्चात क्लार्क की जिम्मेदारी लेते हुए किम्बर्ली हॉकिन्स ने उसे गोद ले लिया और खूब प्यार से उसका पालन पोषण किया। क्लार्क ने 20 मीटर की दौड़ को महज 4.78 मिनट में अपने हाथो से दौड़ कर पूरा किया।
Meet Zion Clark. He holds the world record for the fastest man on two hands, and is training to qualify for both the Olympics and Paralympic Games. https://t.co/mKo3X87Vg9 pic.twitter.com/MPnfnSjy4R
— ABC News (@ABC) March 31, 2022
उन्हे पहलवान कलाई मेनार्ड के द्वारा प्रोत्साहित किया गया। इस रिकॉर्ड के बाद उन्होंने किलिमंजारो पर्वत श्रंखला पर चढ़ाई की। क्लार्क के जीवन पर आधारित पूरी डॉक्यूमेंट्री नेटफ्लिक्स पर डली हुई है। जहां से आप क्लार्क के पूरे जीवन की बाते जान सकते है।
हाथों के बल पर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम शामिल
अक्सर लोग अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाकर हर क्षेत्र में सफलता हासिल करते है। लोगो की कमजोरी ही उनका सबसे बड़ा हथियार होता है, जब आपकी कमजोरी आपकी ताकत बन जाती है, तो दुनिया आपके लिए झुकती है आपको सम्मानित करती है।
Zion Clark the fastest man on 2 hands. Wow pic.twitter.com/XtTRmMYjxo
— 𝐓𝐞𝐞𝐓𝐚𝐥𝐤™ ✨ (@obajemujnr_) May 17, 2022
जियो क्लार्क भी इन्ही का एक उदाहरण है। एक विकलांग एथलीट जिसके पैर नही है, फिर भी अपने हाथो की ताकत से अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Records) में दर्ज किया।
क्लार्क का सभी के लिए मैसेज
जियो क्लार्क दुनिया के उन सभी बच्चो तक अपना मैसेज पहुंचाना चाहते है, जिनमे आज कुछ न कुछ कमी है। वे कहते है कि रास्ता कठिन जरूर है, परंतु नामुमकिन नहीं आप चाहे तो सब चीज संभव है, सच्चे मन से की गई मेहनत आपको सफलता जरूर दिलाएगी।



