मालदीव ने CAB Bill के बारे में यह कहते हुये ज़ाकिर नाइक को अपने देश में घुसने से रोक दिया

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विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने हाल ही में मलेशिया से मालदीव जाने का प्रयास किया था, किन्तु मालदीव ने इसकी इज़ाज़त नहीं दी। भारत आए मालदीव संसद के स्पीकर मोहम्मद नशीद ने कहा कि जाकिर नाइक मालदीव आने की कोशिश कर रहा था, किन्तु हमने उसे नहीं आने दिया। मोहम्मद नशीद से पूछा गया था कि क्या जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए मालदीव और मलेशिया के बीच बातचीत हुई थी। जिनके बारे में उन्होंने कहा की उन्हें हाल ही में मालदीव की यात्रा करने की अनुमति नहीं थी।

2016 में, ज़ाकिर नाइक भारत छोड़कर मलेशिया भाग गया था, जबकि भारत ने उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था। ज़ाकिर नाइक पर आतंक और आई एस से लिंक के आरोप थे। नाइक की संस्था के ज़रिये सीरिया में 21 भारतियों को IS मेभेजने का आरोप लगा है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने जाकिर नाइक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज की थी। मीडिया की खबरों के मुताबिक़ ज़ाकिर नाइक और उनके ट्रस्ट ने अज्ञात लोगों से लाखों रुपये फंडिंग पाई है। भारत का दौरा करने वाले और नागरिकता परिवर्तन कानून पर सलाह देने वाले मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा कि उन्हें भारतीय लोकतंत्र में विश्वास था और यह एक भारत का आंतरिक मुद्दा था।

CAB Bill पर मोहम्मद नशीद ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पूरी प्रक्रिया के साथ संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित किया गया है और मैं उस समय स्वयं भारतीय संसद में था। यह एकदम सही है।

खुद का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, भारत अल्पसंख्यकों के लिए एक स्वर्ग है, जब मैं भारतीय उच्चायोग भी गया, तो मैंने वहां शरण भी ली। यहां तक ​​कि भारत आने को कहा। मोहम्मद नशीद ने कहा कि इस बात से कोई इनकार नहीं करता है कि वर्तमान में हिंद महासागर में शीत युद्ध जैसी स्थितियां हैं।

चीन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मालदीव में सीडीएम सरकार के आने के बाद उनके देश में भारत का हित सुरक्षित था। उन्होंने कहा कि मालदीव में सरकार बदलने के साथ ही चीन की तुलना में भारत के हित वहां निश्चित हैं, यह कहना बहुत मुश्किल नहीं है कि हिंद महासागर में शीत युद्ध शुरू हो गया है, किन्तु हम दो देशों के बीच स्थिति कुछ जटिल बनी हैं। मैं फंसना नहीं चाहता, किन्तु हां, हमारी नीति पहले भारत के साथ है।

अब तो मालदीव भी भारत के नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करता है। एक इस्लामिक देश होने के बाद भी आज मालदीव सभी मूल्यों को समझता है। बिल के विरोध में बंगाल और आसाम में उग्र प्रदर्शन के पीछे कोई और ही बात छिपी हो सकती है।

Speaker of Maldives Parliament M Nasheed on Zakir Naik:We allowed him in 2009 as there were no issues with him then, that we knew of. Recently, govt refused entry to him. Mohamed Nasheed said on Citizenship Amendment Bill 2019, It’s an internal issue of India. We have trust in Indian democracy. The process went through both the Houses of Parliament.

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