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Rajgarh, Madhya Pradesh: हमने आपको कई ऐसी बेटियों की कहानी और किस्से बताये हैं, जिन्होंने अपने परिवार और देश का नाम रोशन किया है। देश की बेटियों ने आज के समय में बहुत उपलब्धियां और सफलता हासिल की है। भारत की बेटियों ने देश और विदेश में अपना और हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। फिर चाहे कॉर्परट कंपनियों में उच्च पद हो, सर्वोच्च सरकारी नौकरी हो या बिज़नेस हो, सभी में बिटिया अच्छा काम कर रही है। अब एक बेटी ने एक और सफलता पाई है।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ (Rajgarh) जिले के पिपल्या रसोड़ा गांव में बेतिया के कमाल कर दिया। MP में एक गाँव की बेटी फौजी बन गई (Daughter became fauzi)। इससे भी रोचक एक और खबर है। गांव की बेटी जब फौजी बनकर वापस गांव आई, तो गांववालों ने फौजी की वर्दी में बिटिया का सम्मान करते हुए घोड़े पर जुलूस निकाला। बैंड-बाज़ों और ढोल-नगाड़ों के बीच घोड़े पर बैठी फौजी बेटी को पूरे गांव में घुमाया गया।
पूरे गाँव ने खुशियां मनाई और माहौल इतना खुशनुमा था, तो बेटी भी खुद को नहीं रोक पाई और खूब डांस किया। इस अवसर पर बिटिया जमकर नाची। असल में गांव में रहने वाली बेटी 27 साल की संध्या भिलाला (Sandhya Bhilala) का चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में हुआ है। अपने चयन के बाद संध्या ने BSF ज्वाइन किया और फिर 8 महीने की ट्रेनिंग पूरी कर बेटी पहली बार फौजी की वर्दी (Army Dress Uniform) पहनकर गांव लौटी, तो उसके परिवार के अलावा पूरा गांव ख़ुशी से झूम उठा। गांव के लोगों ने बेटी की सफलता पर खुशियां मनाईं।
मध्यप्रदेश के पिपल्या रसोड़ा गांव में रहने वाले देवचंद भिलाला (Devchand Bhilala) एक मजदूर (Labour) है और मजदूरी कर के अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं। देवचंद भिलाला की बेटी संध्या भिलाला इसी साल अप्रैल माह में BSF की भर्ती में शामिल होने गई थी। उसने अपनी लगन और मेहनत के बल पर BSF में पहले भर्ती परीक्षा और फिर फिजिकल टेस्ट पास किया।
परीक्षा में पूर्ण रूप से सेलेक्ट होने के बाद संध्या BSF की ट्रेनिग के लिए राजस्थान चली गईं। फिर कुछ वक़्त बाद ट्रेनिंग खत्म होने के बाद संध्या वापस अपने गांव लौटीं। तो उनके आने पर परिवार सहित पूरा गांव जश्न मनाने लगा। गांव वालों ने संध्या का सहानदार स्वागत किया। खूब बाजे और ढोल नगाड़े बजाये। इस पर संध्या भी खुद को रूक नहीं पाई और खूब नाची। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
गांव की बेटी BSF में: एमपी के नरसिंहगढ़ तहसील के पिपल्या रसोड़ा गांव की संध्या भिलाला का चयन बीएसएफ में हुआ है. 8 महीने की ट्रेनिंग पूरी कर जब बेटी वर्दी पहनकर लौटी तो परिवार ही नहीं पूरा गांव भावुक हो गया. गांव के लोगों ने बेटी की कामयाबी पर खुशियां मनाईं. खुद देखिए कैसे? pic.twitter.com/89t5ExbOaa
— Nikhil Suryavanshi (@NikhilEditor) December 20, 2021
पिपल्या रसोड़ा गांव की संध्या के पिता देवचंद मजदूरी करते हैं। उनकी 3 बेटियां और 2 बेटे हैं। उनकी तीसरे नंबर की बेटी संध्या ने कड़े संघर्ष से BSF में सेलेक्ट हो गई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब संध्या नेपाल, भूटान की बॉर्डर पर देश की सुरक्षा में तैनात होंगी।
राजगढ़ के पिपल्या रसोड़ा की मज़दूर बेटी ने BSF फौजी बनने पर किया डांस। गांव वालों ने भी ज़ोरदार स्वागत किया। कई परेशानियों से जूझकर कड़े संघर्ष से बनीं फौजी। pic.twitter.com/Mr7I8QE2Fd
— Ek Number News (@EkNumberNews) December 25, 2021
संध्या ने MA तक पढ़ाई पूरी करने में बहुत मुश्किलें झेली है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने से संध्या ने दूसरों के खेतों पर मजदूरी भी की है। संध्या ने मजदूरी से कमाए (Sandhya Earned Money from Wage) गए रुपयों से ही 12 वीं की पढाई पूरी की थी। अब वे एक फौजी बनकर सबके लिए मिसाल बन गई हैं।



