BSF में फौजी बनी गाँव की बिटिया, तो झूम उठा गांव, दूसरे के खेत में मजदूरी कर बेटी ने पढ़ाई की थी

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Sandhya BSF Video
Success story of BSF constable Sandhya from Rajgarh Madhya Pradesh, She studying by working as Labour. BSF Daughter Welcome in Rajgarh. Photo Credits: Twitter Video Crap.

Rajgarh: लड़कियॉ हर फील्‍ड में आगे बढ़ चुकी है। वह हर फील्‍ड में अपना हुनर दिखा रही है। आज की बेटी घरों की रसोई से निकलकर बाहर अपना रूख अधिक कर रही है। अब वह समय नहीं जब लड़कियों को कमजोर कहा जाये। देश सेवा में भी लड़ेकियॉं किसी से पीछे नहीं। इस क्षेत्र में भी लड़कियॉं बहुत आगे बढ़ चुकी है। पहले देश सेवा में देखा जाता था कि लड़को का अनुपात लड़कियों से ज्‍यादा होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है धीरे धीरे लड़कियॉं यह फासला कम करती जा रही है।

गॉव की बेटी बनी फौजी

आज की हमारी कहानी एक ऐसे गॉंव की बेटी की है। जिसने फौजी की वर्दी पहनकर कमाल ही कर दिया। जब यह गॉंव की बेटी फौजी बनकर अपने गॉंव पहुँची तो गॉंव वालों की खुशी इतनी बढ़ गई कि इसे जाहिर करने के लिए उन्‍होंने ढोल नगाड़े बजाकर जुलूस निकाला। इस जुलूस के दौरान फौजी बेटी को गॉंव वालो ने घोड़े पर बैठाया और जश्‍न मनाया।

वही इस जश्‍न के दौरान फौजी बेटी भी बहुत उत्‍तसाहित दिखी वह घोड़े से उतरकर डा़ंस करने से खुद को रोक नहीं पाई। जिस नजारे कि हम बात कर रहे है वह राजगढ़ (Rajgarh) जिले में एक गॉंव पिपल्‍या रसोड़ा का है। यहॉं पर रहने वाली गॉंव की बेटी संध्‍या (Sandhya) का सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) में चयन हो गया है।

बीएसएफ में हुआ बेटी का चयन गॉव ने मनाया जश्‍न

बीएसएफ में भर्ती होने के 8 महीने बाद जब वह बेटी ट्रेनिंग करके वर्दी पहने हुए गॉंव वापस आई, तो गॉंव के लोग उसे वर्दी में देख भावुक हो गये। अपने गाँव की बेटी की कामयाबी को जाहिर करने के लिए गॉंव बालों ने जमकर संध्‍या बेटी का स्वागत किया। जिसे देखकर संध्‍या भी भावुक दिखी।

संध्‍या से जब इस पल के विषय में जानकारी ली गई। तो वह अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहती है, कि यह पल उनके जीवन का सबसे यादगार पल है। साथ ही वह कहती है कि मैने उम्‍मीद नहीं की थी कि गॉंव वाले इस तरह मेरा जोरो शोरो से स्‍वागत करेंगे।

बीएसएफ की ट्रेनिंग कर गॉंव पहुँची

संध्‍या नरसिंहगढ़ तहसील मे आने वाले पिपल्‍या रसोड़ा गॉंव की लड़की है। उनके पिता का नाम देवचंद है। जो‍कि मजदूरी करके अपने परिवार को पालते है। उन्‍ही की बेटी संध्‍या भिलाला ने अप्रैल में होने वाली बीएसएफ की परीक्षा में शामिल होकर अपना सेलेक्‍शन करवाया। अपने दम से संध्‍या ने इस भर्ती की परीक्षा और फिजिकल परीक्षण को पास किया। इस परीक्षा मे सफल हो जाने के बाद उनकी बीएसएफ (BSF) की ट्रंनिंग हुई।

ट्रेनिंग के लिए संध्‍या राजस्‍थान गई थी। ट्रेनिंग कंपलीट करके संध्‍या अपने गॉंव वापस रविवार को पहुँची। 8 महीने के लंबे समय की ट्रेनिंग कंपलीट करके जब संध्‍या अपने गॉंव आई तो पूरा परिवार और पूरा गॉव अपनी खुशी जाहिर करने से खुद को रोक नहीं पाया सबने मिलकर संध्‍या का जोरो शोरो से स्‍वागत किया। जिसे देखकर संध्‍या भी खुशी से झूम उठी।

गरीब परिवार से है संध्‍या

संध्‍या जिस गाँव से आती है वह गॉंव बहुत पिछड़ा हुआ है। पिपल्‍या रसोड़ा गॉंव की संध्‍या बेटी अभी 27 वर्ष की है। उनका बचपन गरीबी झेलते हुए कटा। पिता देवचंद एक मजदूर है। बड़ी मुश्‍किल से वह अपना घर चला पाते है। संध्‍या की दो और बहन है वही उनके दो भाई भी है। संध्‍या 5 भाई बहनों मे तीसरे नंबर पर आती है। अपनी मेहनत से परिवार की इस बेटी ने बीएसएफ की वर्दी पहनी तो पुरा परिवार गर्वित हो गया।

अपनी मेहनत से बनी बीएसएफ जवान

संध्‍या की ट्रेनिंग अब कंपलीट हो चूकी है। ट्रेनिंग के बाद अब संध्‍या नेपाल और भूटान देश की बॉर्डर पर सुरक्षा में तैनात होगी। संध्‍या की पढ़ाई की बात की जाये तो संध्‍या ने एमए (MA) किया हुआ है। इस मुकाम तक पहुँचने के लिए संध्‍या ने कई संकट झेले।

आपको बता दे कि संध्‍या फौजी अपनी मेहनत से बनी है। उनके परिश्रम का परिणाम ही आज सामने आया है। संध्‍या के परिवार की हालत इतनी गरीब थी की संध्‍या को पढ़ाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। लेकिन संध्‍या को पढ़ने का इतना शौक था कि उन्‍होंने खेतों मे मजदूरी करके पैसे जोड़कर अपनी पढ़ाई कंपलीट की।

12वी की फीस संध्‍या ने अपने पेसे से भरी। वही स्‍नातक भी अपने मेहनत के पैसों से कंपलीट किया। आज संध्‍या एक फौजी बन चुकी है। जो कि सिर्फ उनके गॉंव और परिवार ही नहीं देश के लिए भी गर्व की बात है।

देशसेवा में इस तरह लड़कियो की संख्‍या बढ़ना हमारे देश के लिए भी बहुत गर्व की बात है। संध्‍या जेसी लड़कियॉं करोड़ो भारतीय लड़कियो के लिए उदाहरण है। लडकियो को संध्‍या से प्रेरणा मिल रही है और वह भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। हमें संध्‍या जैसी देश की बेटी पर नाज है। उनकी सफलता बहुत खास है जिसके लिए हम उन्‍हें बधाई देते है।

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