संगीत कार्यक्रम के माध्यम से पशुओं के लिए रोटी इकठ्ठा की गई, टिकट की जगह रोटी लाने की अपील

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singer Kirtidan Gadhvi
Attendees asked to bring Roti for cattle instead of paying money to enter singer Kirtidan Gadhvi’s event in Patan Gujarat.

Photo Credits: ANI Video Crap

Patan, Gujarat: इस धरती पर भांति भांति के जीव रहते हैं। कुछ अजीब ऐसे हैं, जो थोड़े से ही खाने में अपना पेट भर लेते हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें थोड़े से खाने में गुजारा नहीं हो पाता। अक्सर हमने देखा है कि सड़कों पर मवेशी भटकते रहते हैं। ज्यादातर गाय और बैल जैसे जानवर सड़कों पर घूमते हुए नजर आते हैं, यह जानवर भोजन की तलाश में सड़कों पर भटकते हैं।

लोग सड़कों पर अपने घर का बचा हुआ खाना गाय (Cow) को खिलाने के लिए रखते हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जो गली मोहल्ले में भटकने वाले जानवरों (Cattle) को कुछ खिलाते भी नहीं है। दुनिया में दो तरह के लोग हैं, एक पशु प्रेमी और एक पशुओं को नापसंद करने वाले। जिस व्यक्ति के मन में दया भावना होती है पशु पक्षियों के लिए भी करुणामई रहता है।

Cows Eating Crops
Cows Eating Crops.

कई कथा पुराणों में सुना है कि पक्षियों को दाना खिलाना और पशुओं को चारा देना व्यक्ति के पाप काटता है। दोस्तों यदि हमारे पास पर्याप्त साधन है और हम भूखे को भोजन कराने में सक्षम है तो हमें जरूर भोजन कराना चाहिए।

प्रोग्राम में टिकिट नही रोटी लाने पर मिली एंट्री

दोस्तों शहरों और गांव में कई प्रकार के संगीत से जुड़े प्रोग्राम (Music Event) होते हैं। कई बार इन प्रोग्राम में जाने के लिए हमें पैसे देकर टिकट लेनी पड़ती है। उसके बाद हमें उस प्रोग्राम को देखने की अनुमति मिलती है। परंतु क्या आप जानते हैं एक ऐसा प्रोग्राम भी आयोजित हुआ, जिसमें टिकट नहीं बल्कि रोटी से एंट्री मिली।

जी हां दोस्तों यह वाक्य गुजरात का है, जहां बीते दिनों गायक कीर्तिदान गढ़वी (Singer Kirtidan Gadhvi) का प्रोग्राम आयोजित हुआ। प्रसिद्ध गायक के प्रोग्राम में शामिल होने के लिए दर्शकों को पैसों से खरीदी हुई टिकट नहीं बल्कि रोटी से कार्यक्रम हॉल में प्रवेश मिला। गायक कीर्तिमान गढ़वी का प्रोग्राम स्टेज 50,000 रोटियों से भरा हुआ था।

Basi Roti benefits

बताया जा रहा है कि उन्होंने यह रोटियां मवेशियों को खिलाने (Roti for cattle) के लिए एकत्रित की। आपको बता दें यह प्रोग्राम इसलिए भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों में जागरूकता बड़े और सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को भोजन मिल सके।

सामाजिक कार्य की तरफ बढ़ते कदम

दोस्तों आपको बता दें समाज में कई प्रकार के लोग हैं, जो समाज निर्माण की तरफ अपने कदम बढ़ाते हैं। हर व्यक्ति का तरीका अलग अलग होता है। कुछ लोग धन एकत्रित कर उससे खाने योग्य वस्तु खरीद कर जानवरों को और इंसानों को दान करते हैं। कुछ ऐसे हैं जो घर के बने बनाए भोजन को गरीबों में दान करते हैं। परंतु गुजरात के प्रसिद्ध गायक कीर्तिदान गढवी का यह कदम काफी सराहनीय है।

बताया जा रहा है कि उन्होंने एक रोटी से लेकर 10 रोटी तक घर से लेकर आने पर संगीत प्रोग्राम (Music Event) में शामिल होने की अनुमति दी। यह प्रोग्राम कीर्ति दान के लिए माध्यम था, लोगों तक यह संदेश पहुंचाने का कि जीवो के प्रति प्रेम भाव रखना और उन्हें भोजन कराना मानव जीवन का एक महत्वपूर्ण कार्य है।

समाज के लोगों का समाज के प्रति कर्तव्य

कीर्ति दान गढवी के इस कार्य से काफी लोग प्रभावित हुए। आपको बताते हैं भारत वाशी सनातन धर्म को मानने वाले हैं। साथ ही यहां के लोगों में भावुकता की भावना है, जो किसी भी गरीब या परेशान व्यक्ति को देखकर भावुक हो जाता है।

सड़कों में रहने वाले आवारा जानवर जैसे कुत्ता सड़कों पर भटकने वाली गाय और कई प्रकार के जानवर है। इनके प्रति एक मानव का कर्तव्य है कि उन्हें अपने हिसाब से भोजन करा सके। जीवो में वफादारी की काफी ज्यादा भावनाएं होती हैं। यदि हम बात करें सड़कों पर रहने वाले आवारा कुत्ते की तो यह केवल रोटी का भूखा होता है यदि आप इसे रोटी देते हैं, तो इसका कर्ज वह आपकी सुरक्षा करके उतारता है।

सोशल मीडिया पर वायरल

दोस्त आपको बता दें यह वीडियो गुजरात राज्य के एक मंदिर से बनाई गई है, जहां गायक कीर्तिदान गढ़वी जो गुजरात के प्रसिद्ध भक्ति गीत गायक हैं। इन्होंने एक मंदिर जिसका नाम रोटलिया मंदिर है। यहां पर अपना प्रोग्राम आयोजित किया गायक कीर्तिदान गढ़वी की केवल एक ही शर्त थी, वह यह की जो भी उनके कार्यक्रम को देखने आए वह घर से बनी रोटियां जरूर लेकर आए।

सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो (Video) में आप देख सकते हैं कि कीर्ति दान गढवी मंच में बीचो-बीच बैठे हुए हैं और उनके आसपास रोटीओ के पहाड़ बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रोग्राम में लगभग 50000 रोटी आई जिससे काफी सारे मवेशियों को खाना मिल सका।

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