साल 1987 का 36 वर्ष पुराना गेहूं का रेट आपको चौका देगा, अधिकारी ने सबूत के साथ बिल साँझा किया

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Wheat rate price
IFS officer Parveen Kaswan shares bill from 1987 when wheat was Rs 1.6 per KG. 36 year Old bill of wheat went viral on Twitter.

Photo And Info Credits: Twitter(@ParveenKaswan)

Delhi: जैसे-जैसे समय बढ़ रहा है वैसे-वैसे महंगाई भी अपने पैर पसारती जा रही है। आने वाला समय आज के समय से कई गुना महंगा होने वाला है, क्योंकि लगातार संसाधनों के दोहन से चीजें समाप्त होती चली जा रही है और जनसंख्या वृद्धि से उन चीजों की खपत में वृद्धि हो रही है। फल स्वरुप चीजों का उत्पादन कम है और उपयोगकर्ता ज्यादा जिस वजह से इनकी मूल्यों में भी वृद्धि हो रही है।

आज से कुछ ही समय पहले हर चीज की कीमत बहुत कम थी, परंतु जैसे जैसे समय बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे महंगाई भी बढ़ती चली जा रही है। एक समय ऐसा था, जब 100 RS कमाने वाला आदमी अपना पूरा महीना सुख सुविधा में बिता लेता था, परंतु वर्तमान समय में हजार रुपए कमाने वाला आदमी भी अच्छी तरह जीवन नहीं जी पा रहा है।

इसका कारण महंगाई है, इसी लेख में आज हम आपको 36 वर्ष पहले के गेहूं के रेट के बारे में जानकारी देंगे, आज का युवा पीढ़ी 36 वर्ष पुराने इस गेहूं के मूल्य (36 year old wheat price) को देखकर आश्चर्य में पड़ जाएंगे। तो आइए विस्तार से चर्चा करें इस विषय पर।

सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जे फॉर्म का बिल

सोशल मीडिया का प्लेटफार्म एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां पर चंद मिनटों में बड़े से बड़े और छोटे से छोटी खबर कई लोगों तक पहुंच जाती है। इसी सोशल मीडिया के प्लेटफार्म ट्विटर पर भारतीय वन सेवा के ऑफिसर परवीन कसवान ने वर्ष 1987 के जे फार्म का बिल आम नागरिकों के साथ शेयर किया है।

इस बिल में आप देख सकते हैं कि आज से 36 वर्ष पहले 1 किलो गेहूं की कीमत (Wheat Rate) मात्र 1.6 रुपए हुआ करती थी। शेयर किया गया बिल (Wheat Price Bill) कुछ ही समय में वायरल हो गया।

बताया जा रहा है कि यह बिल परवीन के दादा का फार्म हाउस जिसका नाम जे फार्म है का बिल है। यह बिल भारतीय खाद्यान्न विभाग के द्वारा दी गई किसानों की रसीद है, जिसमें किसान भाई अपना अनाज बेचकर यह बिल प्राप्त करते हैं, इसी बिल को पक्की रसीद भी कहा जाता है।

40 वर्षों का रिकॉर्ड जमा किया हुआ है

आईएफएस के अधिकारी परवीन (IFS Officer Parveen Kaswan) बताते हैं कि उनके दादाजी एक किसान थे, जो अपना अनाज भारतीय खाद्यान्न विभाग में बेचा करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दादाजी हर दस्तावेज को काफी संभाल कर रखते थे, इसीलिए उनके पास यह बिल आज भी मौजूद है।

इसके अलावा और भी ढेरों बिल है जो उनके पास रखे हुए हैं। यह बिल उन्हें अपने दादाजी के दस्तावेजों में मिला जिसमें 36 वर्ष पहले गेहूं की कीमत मात्र 1.6 रुपए बताई गई है।

परवीन बताते हैं कि यह बिल वर्ष 1987 का है, जब उनके दादाजी ने भारतीय खाद्यान्न विभाग को अपने खेत की गेहूं बेची थी। वे आगे कहते हैं कि उनके पास 40 वर्ष पुराना रिकॉर्ड आज भी मौजूद है। वह घर में रहकर ही उन बिलों की स्टडी कर सकते है।

ट्विटर पर कई लोगों ने किए तरह तरह के कमेंट

सोशल मीडिया पर वायरल यह बिल कुछ ही समय में काफी ज्यादा वायरल हो गया। अभी तक करीब 40000 लोगों ने इस पोस्ट को देख लिया है, करीब 1089 लाइक्स और ढेरों कॉमेंट्स आ गए हैं।

काफी सारे लोगों ने इस बिल पर कमेंट करते हुए कहा कि वह काफी प्रेरित हुए इस बिल से क्योंकि पुराने समय के लोग पाई पाई का हिसाब रखा करते थे वह भी लिखित तरीके से। इसीलिए आज के लोगों को यह चीज सीखनी चाहिए कि बुजुर्ग किस तरह अपने समय में हिसाब किताब रखा करते थे।

एक अन्य यूज़र ने कहा कि वे परवीन को धन्यवाद करते हैं कि उन्हें इतनी जरूरी जानकारी उन तक पहुंच पाई। एक व्यक्ति ने बोला कि आज से 36 वर्ष पहले सोने की कीमत 2570 रुपए हुआ करती थी। यदि आज की कीमत से सोने की दर निकाली जाए तो गेहूं का दाम 20 प्रतिशत बढ़ गया है।

वर्तमान कीमत

गेहूं की वर्तमान कीमत जिसे भारतीय खाद्यान्न विभाग किसानों से खरीदा है, वह है 2125 याने 21 रुपए 25 पैसे प्रति किलोग्राम। यदि हिसाब किया जाए, तो 35 वर्ष पहले की कीमत और आज की कीमत में करीब 13.25 प्रतिशत गेहूं के मूल्य में बढ़ोतरी हुई है।

दूसरी तरफ निजी दुकानदार गेहूं के मूल्य को इतना बढा कर रखे हैं कि आम नागरिकों का बजट पूरी तरह हिला हुआ है। निजी दुकान वाले गेहूं को 35 RS किलोग्राम के हिसाब से भी बेच रहे। इस हिसाब से गेहूं का मूल्य करीब 21 प्रतिशत बढ़ गया है।

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