
Bhoma/Seoni, Madhya Pradesh: भारत में इस वक़्त दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। कोरोना वायरस की महामारी के कहर से जूझ रहे भारत के लिए टिड्डी दल ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। कई राज्यों में टिड्डी दल ने जनता और खास कर के किसानों को एक बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। कोरोना महामारी के चलते चौपट ही रहे उद्दोग धंधे के बाद देश में खेती किसानी अच्छी होने के कारण कुछ सुहूलियत थी, परन्तु टिड्डी दल राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में ग़दर मचाये हुए हैं।
खबर आई थी की राजधानी, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। टिड्डी दल उत्तर-पश्चिम भारत समेत बिहार और उड़ीसा तक हमला कर सकते हैं, परन्तु उनके दक्षिण भारत की ओर बढ़ने की संभावना कम ही है। परन्तु आज इन टिड्डी दल (Tiddi Dal) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ऐसा कहर बरपाया की यहाँ के गरीब किसान (Farmer) बेहाल और बेशुद हो गए।
आज मध्य प्रदेश में उस स्थान पर इन टिड्डियों ने आक्रमण किया, जो स्थान सबसे ज्यादा खेती किसानी के लिए जाना जाता है। आपको बता दे की “एक नंबर न्यूज़” की टीम को मंडला से सिवनी (Mandla To Seoni) के बीच पढ़ने वाले भोमा (Bhoma) नामक स्थान से 2 गरीब किसानो ने एक वीडियो भेजा है। इस वीडियो में भोमा के खेत के आसमान में 1 से 2 किलो मिटेर तक टुड्डियों (Tiddies) को मंडराते देखा जा सकता है। अब यह गरीब किसान अपनी फसलों को बर्बाद होते देख रहे है।
इस नीचे दिखाए गए वीडियो को भेजने वाले गरीब किसान अंशु गोंड (Anshu Gond) ने बताया की कुछ समय पहले जिन खेत में उन्होंने फसल उगाई थी, अब उन पर टिड्डी दल का हमला होते देख वे अपने आंसू नहीं रोक पा रहे है। गरीब किसान अंशु गोंड ने बताया की उनके पत्नी नैना गोंड जी ने आज घर पर खाना भी नहीं बनाया है। एक किसान के लिए उनकी फसल ही सब कुछ होती है।
मध्यप्रदेश में भी टिड्डी दल पहुंच गया है। यह वीडियो 2 किसानों ने एक नंबर न्यूज़ की टीम को भेजा है। यहां के गरीब किसान टिड्डी दल से डरे हुए हैं।#टिड्डी_दल #TiddiAttack #Tiddi #Mandla #MadhyaPradesh pic.twitter.com/ZDGLdzON6f
— Ek Number News (@EkNumberNews) June 7, 2020
आपको बता दे की अंशु ने खेत के बगल में अभी बेगा (Abhi Bega) का भी खेत है। उन्होंने हमें बताया की आज की रात अब वे लोग सो नहीं पाएंगे। कल का दिन यह आंकलन करने में बीतेगा की इस पाकिस्तान की तरफ से आई टिड्डियों ने उनकी कितनी फसल को नुक्सान पहुँचाया है।
इस टिड्डी दल (Desert locust) से क्या दिक्कत है, यह जाने
जब इस टिड्डियों का आगाज़ एक समूह या दल के रूप में होता हैं, तो इनकी ताकत बढ़ जाती है। एक घंटे में टिड्डी दल 15-20 किलोमीटर की दूरी तय कर सकते है। हवा का साथ रहा कुछ दूर और जा सकते हैं। गरीब किसान अंशु गोंड द्वारा भेजा गया वीडियो साफ़ देखता है की लगभग एक किलोमीटर का टिड्डी दल है। आपको बता दे की एक किलोमीटर के टिड्डी दल में करीब 4 करोड़ टिड्डियां होती हैं। वो एक दिन में उतना खा सकती हैं, जिनता 35 हजार लोग एक दिन में खाये।
ये टिड्डी दल आते कहा से है, जानें
ये मुश्किल बढ़ाने वाले टिड्डी दल मध्य एशिया के ओमान के रेगिस्तानों में अधिक बारिश के बाद तैयार होते हैं। वैसे भीं हिंद महासागर (Indian Ocean) में साइक्लोन आने से रेगिस्तान में बारिश चालू हो गई है, जिस कारण से यह टिड्डिया पैदा (Tiddies Born) होने लगती हैं।
https://twitter.com/sarcastRAIverse/status/1267094285221937154
आपको जानकरी ही की 2018 में साइक्लोन आने से ओमान के रेगिस्तान में टिड्डियों के लिए सबसे सुरक्षित ब्रीडिंग ग्राउंड बन गया। इस वक़्त टिड्डी दल का असली कहर दुनिया ने देख लिया था। यान टिड्डी दल यमन से होता हुआ अफ्रीकी देश, फिर ईरान, सऊदी अरब जाता हैं और यमन से एक टिड्डी दल पाकिस्तान होता हुआ भारत में प्रवेश कर गया। भारत में अप्रैल माह में मध्य में टिड्डियों ने सबसे पहले राजस्थान में प्रवेश किया था। फिर पंजाब, हरियाणा होने हुए मध्य प्रदेश में घुसपैठ कर गया हैं।
आपको बता दे की यह टिड्डियां 3 से 5 महीने तक जिंदा रह जाती हैं। यह गीली मिट्टी में अंडे दे देती है। एक मीटर जमीन पर 1000 अंडे तक देखे जाते हैं। फिर अंड़ों से बाहर निकलने के बाद टिड्डियां जहाँ मिले, वहां की फसल खा जाती है। उनके बाद खाने की खोज में आगे बढ़ जाती हैं। एक रिपोर्ट में बरताया गया था की जून माह में टिड्डियों की आबादी 500 गुना बढ़ने वाली है। अब नज़ारा देखकर तो यही लग रहा है।
टिड्डी दल से सबसे बड़ी दिक्कत यह यही की ये उनकी राह में आने वाली सभी फसल खा जाते है। इससे किसानो का सबसे बड़ा नुकसान हो जाता है और देश में खाने पीने की चीज़ो की महंगाई बाघ जाती है। किसानों आर्थिक हालत को भी बहुत नुकसान हो जाता है।
टिड्डी दल को रोकने का रामबाढ़ तरीका सुझाया गया है
जानकारों की राये में कहा गया है की टिड्डी दल को केमिकल द्वारा ही काबू किया जा सकता है। इसके लिए पेस्टीसाइड्स का उपयोग किया जा सकता है। ऐसा बताया गया है की जब करोड़ों की राडाट में टिट्डी दल आता हैं, तो उन्हें रोकने के सभी तरीके फ़ैल है। बस केमिकल छिड़काव की मदत से उन्हें इक्ट्ठे होने से रोकना की एक मात्र उपाए है। अगर इससे कुछ टिडि्डयां समाप्त हो जाएंगी, तो इनका दल बिखर जायेगा और यह फसलों पर बैठने के बजाये भेजेंगे।
टिडि्डयों से खरीफ की फसल बचाने के लिए किसानों को अपने खेतों की रखवाली करनी होगी, ताकि टिडि्डयों के दल को वे बैठने से पहले ही उड़ा दें। शाम के वक्त खेत के किनारे पर धुंआ करना होगा। खेत पर फंखे लगाने से भी कुछ फायदा जरूर मिलेगा।
#Locust Control Operation of yesterday night.Results were satisfactory.
Video is of today early morning.#TiddiAttack #टिड्डी@SUBHASH_BISNOI@drsureshbishnoi @ParveenKaswan pic.twitter.com/oK3XUKbT6x
— Ramesh Bhambhu (@RCBhambhu) June 1, 2020
इजरायल में टिड्डियों ने 2013 में आक्रमण किया था। वहां लोगों ने उन्हें खाना ही चालू कर दिया। लोग इन टिड्डियों को होटल में डीप-फ्राई करके देने लगे। एक अन्न देश कम्बोडिया में टिड्डियों के अंदर मूंगफली का दाना भरकर फ्राई किया जाने लगा था। अफ्रीका में टिड्डियों के पैर अलग करके इसे बारीक प्याज और चटपटे मसालों के साथ फ्राई करके खाया जाने लगा हैं।
अन्न देशो में किसान खाई खोद देते हैं, ताकि जब यहां टिडि्डयां बैठें और अंडे दें तो वे उस पर मिट्टी फेर दें और उन्हें पढ़ने से रोक दें। अन्न जगहों पर पेट्रोल या तेल डालकर आग लगा दी जाती है, ताकि इनकी तादाद न बढे। पाकिस्तान में अब इस टिड्डियों को पकड़कर मुर्गी पालन वाले व्यापारियों मवे बेचा जा रहा है। पाकिस्तान में ये टिड्डिया मुर्गियों का पोस्टिक भोजन बन गई हैं।



