
उत्तरप्रदेश की राजनीती से एक नाम निकलकर आता है, राजा भैया। यह नाम सिर्फ प्रदेश ही नहीं वरन सम्पूर्ण भारत में जाना जाता है। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया का एक भाषण बहुत वायरल हो रहा है। उनकी स्पीच के इस वीडियो को पूरे देश में पसंद किया जा रहा है।
आप कहेंगे की ऐसा क्या कह दिया राजा भैया ने, जो इतना पसंद आ रहा लोगों को। असल में यह वीडियो एक सभा का है, जहाँ राजा भैया (Raja Bhaiya) ने यह स्पीच उदासीनता शब्द से शुरू की, जिसने भारतीय इतिहास से लेकर भारतीय राजनीती और आज की पीढ़ी को परतें खोल दी।
राजा भैया का वीडियो हो रहा वायरल
राजा भैया ने कहा की यह उदासीनता (Udaseenta) आज हमें कहाँ ले आई। आज हम और हमारे देश की स्थिति है वह इसी उदासीनता के करण है। जब प्लासी का युध्द हुआ था तब सिराजुदौला और अंग्रेजों के बीच कौन जीतेगा? यह जानने के लिए युध्द के भी जादा की जनता देख रही थी। किंतु किसी ने भी साथ नहीं दिया। इस युध्द के रिजल्ट पर भारत का भविष्य लिखा जाने वाला था, किन्तु जनता को क्या मतलब, बस कौन जीतेगा? यह जानना था।
अगर जनता ने भी साथ दे दिया होता, तो आज भारत अंग्रेजों की गुलामी से बच जाता। आगे राजा भैया (Raghuraj Pratap Singh) ने कहा की कौन थे ये आक्रमणकारी? बहुत छोटे छोटे देश है। अगर आप वर्ल्ड का नक्शा देखेंगे तो यह ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्पेन, उज़्बेकिस्तान बहुत छोटे देश है, उनका हमसे कोई मोल नहीं। हमारे सामने यह देश कुछ भी नहीं थे।
इनकी सेना उतनी सुव्यवस्थित भी नहीं थी। बस इन लोगो ने सुना था की भारत एक सोने की चिड़िया है, यहाँ बहुत धन सम्पदा है। इसे जाकर लूटा खाया जाये। फिर क्या था, वे लोग 4 से 5 छोटी छोटी नावों ने कुछ मुट्ठीभर लोग आये और हमें लूटा। इसके बाद हम पर आज भी करने लगे। भारत 565 रियासतों में उलझ गया।
उस वक़्त राजाओं ने एक दूसरे का नहीं दिया था साथ
अगर किसी राजा पर यह बाहरी लोग हमला करते, तो उस प्रदेश के आसपास के 4-5 राजा खुश होते और कहते की इसके साथ तो ऐसा ही होना चाहिए। इसी चक्कर में देश लूटता रहा और गुलाम बनता रहा। भारत का मतलब हिंदुत्व से है। इसे कोई नहीं अलग कर सकता। जैसे सूर्य के प्रकाश को सूर्य से अलग नहीं कर सकते और जल को जल की धारा से अलग नहीं कर सकते। वैसे ही भारत को हिंदुत्व से अलग नहीं किया जा सकता है।
महाराणा प्रताप के अध्भुत शौर्य को भी याद दिलाया और नाकामी की वजह बताई
राजा भैया ने दुःख जताते हुए बताया की हल्दीघाटी के युध्द में महाराणा प्रताप ने बहुत वीरता से लगाई की और भीलों को लेकर भामा शाह जैसे दान वीर की मदत से 20 हज़ार की सेना बनाकर मुग़ल अख़बार से लड़े। किंतु जो आसपास के राजपूत राज थे जैसे बूंदी के राजा, जयपुर के राजा, जैसलमेर के राजा, आमेर के राजा और सवाई मान सिंह, यह सब अख़बार की तरफ से लड़ रहे थे। किसी ने महाराणा प्रताप का साथ नहीं दिया था।
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Raghuraaj Pratap Singh Raja Bhaiya Awesome Speech Goes Viral on Social Media. Raja Bhaiya Solid Speech titled Udaseenta and Dark side of Indian History.
इस प्रकार से राजा भैया कहते गए और पूरी सभा का माहोल उनकी बातो और सोच के सामने हैरान को नतमस्तक हो गया। राजा भैया की बातों से यह साफ़ हो गया की तब के भारत और अब के भारत की जनता और नायकों में उदासीनता (Indifference) ही हमारे दुःख और गुलामी का कारण है।





