माता-पिता के निधन के बाद दादा-दादी ने चाय बेचकर बच्चे को पढ़ाया, वही बच्चा जिला टॉप कर गया

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Ujjaval Gupta Topper
Ujjaval Gupta Became UP Hamirpur District 10th Topper. Cereal Ujjaval Gupta is living with his grand father-mother.

Photo Credits: Amar Ujala

Hamirpur: जीवन में सही करियर को चूज करने की शुरूआत हाई स्‍कूल से हो जाती है। दसवी तथा बारहवी में अच्‍छे अंक लाने के बाद हम अपने जीवन में सही करियर का चयन करते है। दसवी और बारहवी में लाये गये अंक हमें कॉलेज में एडमिशन दिलाने में तो मदद करते ही है, लेकिन इसमें सफलता प्राप्‍त करने के बाद लोगो का नजरिया बच्‍चों किे तरफ काफी बदल जाता है।

आम जीवन में हमने देखा है कि लोग बच्‍चों से पास फेल की जगह प्रतिशत पूछते है। हालांकि ऐसा नहीं है कि सिर्फ अच्‍छे अंक लाकर ही सफलता प्राप्‍त की जा सकती है। लेकिन हमारी क्षमता को नापने का यह एक आम पैमाना है।

जब बोर्ड का रिजल्‍ट आता है, तो हर किसी को अपने अंक जानने की उत्‍सुकता होती है। कुछ बच्‍चे इसमें ऐसा प्रदर्शन कर जाते है, कि पूरे समाज में उनके परिवार की एक अलग पहचान बन जाती है। तथा बच्‍चे कि सक्‍सेस से परिवार बहुत ही गौरवान्‍वित महसूस करता है।

अभी हाल ही में उत्‍तरप्रदेश (Uttar Pradesh) में बारहवी और दसवी के रिजल्‍ट जारी किए गये है। रिजल्‍ट आने के बाद बहुत से ऐसे छात्र है, जिन्‍होंने प्रदेश में टॉप (Top) करके पूरे परिवार को गौरवान्वित करने में सफलता प्राप्‍त की है।

इन्‍ही सब के बीच में उत्‍तरप्रदेश के हमीरपुर (Hamirpur) में रहने वाले एक अनाथ बच्‍चे ने एक ऐसी मिशाल कायम कर दी है, कि उसके बाबा और दाई अपने पोते (Grandson) की इस सफलता को देख कर अपने ऑंसू बहने से रोक नहीं पाये। कौन है वह होनहार बालक आइये जानते है।

उज्‍जवल गुप्‍ता ने किया हाईस्‍कूल में टॉप

उत्‍तरप्रदेश में रहने वाले उज्‍जवल गुप्‍ता (Ujjwal Gupta) जोकि अपने दादा दादी (Dada-Dadi) के साथ में हमीरपुर में रहते हे। उन्‍होंने दसवी की परीक्षा में पूरे जिले में प्रथम स्‍थान प्राप्‍त किया है। उज्‍जवल गुप्‍ता हमीरपुर के कॉलेज एस वी इंटर में पढ़ाई करते है। उन्‍होंने जिले में टॉप करके अपने दादा दादी का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।

आपको बता दे कि उज्‍जवल के माता पिता इस दुनिया में नहीं है, वह अनाथ है। उज्‍जवल के पिता का नाम रामचंद्र गुप्‍ता था। जिनकी मृत्‍यू 2010 में कैं-सर की वजह से हो गई थी। जिसके बाद वह अपनी मॉं के सहारे रहते थे। लेकिन भगवान को उनकी मॉं का साथ भी मंजूर नहीं हुआ। 2013 में उज्‍जवल की मॉं रामा जी का देहांत हो गया। माँ के देहांत के बाद उज्‍जवल अनाथ हो गए।

चाय बेचकर दादा दादी ने पढ़ाया

मॉं और पिता का साया उज्‍जवल के सिर से उठ जाने के बाद उज्‍जवल के दादा और दादी ने उनकी जिम्‍मेदारी ली। उज्‍जवल अपने दादा दादी को बा‍बा और दाई कहकर पुकारते है। उज्‍जवर के दादा और दादी ने आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के बावजूद भी अपने पोते कि परवरिश मे कोई कमी नहीं रखी।

उज्‍जवल की एक बहन भी है। जो‍कि उनसे छोटी है। वह भी उज्‍ज्‍वल के साथ अपने दादा दादी के पास रहती है। उज्‍जवल के दादा दादी ने चाय बेचकर अपने दोनों पोते तथा पोती को पढ़ाया है।

जब 10 वी बोर्ड का रिजल्‍ट (UP Board 10th Result 2022) आया, तो उज्‍जवल के जिले में टॉप करने की बात सुनकर दादा दादी की खुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं रहा। अपने पोते की सफलता से वह दोनों काफी खुश हुए। वह आज वह अपने पोते पर बहुत ही गर्व महसूस कर रहे है।

इंजीनियर बनना चाहते है उज्‍जवल

दसवी में टॉप करने के बाद उज्‍जवल से जब उनके सपने के बारे में पूछा गया, तो उन्‍होंने बताया कि वह बीटेक करना चाहते है। उज्‍जवल कहते है कि उनका सपना इंजीनियर बनने का है। उज्‍जवल कहते है कि वह आगे और भी पढ़ लिख कर अपने स्‍वर्गवासी माता पिता का नाम पूरे देश में रोशन करना चाहते है।

उज्‍जवल ने जब खुद के टॉप करने की खबर जानी तो वह अपने माता पिता को याद करके बहुत रोये। उज्‍जवल ने कहा कि उन्‍होंने यह सफलता अपने माता पिता के आशीर्वाद की वजह से ही प्राप्‍त की है।

आज भी उज्‍ज्‍वल अपने माता पिता को याद करके बहुत रोते है। उज्‍जवल कहते है कि अगर आज उनके माता पिता इस दुनिया में होते, तो उनकी इस सफलता की खबर सुनकर बहुत ही गौरवान्वित महसूस करते है।

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