Thursday, September 24, 2020
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फैज़ खान द्वारा मिट्टी लाने पर इस बात की चेतावनी दी: Ram Mandir Pujan

Swami Avimukteshwaranand Saraswati
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Image Credits: Social Media

Ayodhya/UP: अयोध्या में श्री राम मंदिर के शिलान्यास की तैयारी जोर शोर से चल रही है। राम मंदिर के शिलान्यास के लिए अनेक धार्मिक और पवित्र जगह की मिटटी और नदियों का जल भी आया जा रहा है। ऐसे में भगवान राम के ननिहाल अर्थात उनकी माता कौशल्या की जन्मस्थली से भी मिट्टी आयोध्या के लिए भेजी गई है। यह स्थान इस समय छत्तीसगढ़ में स्थित है। वहां के चंद्रखुरी गांव की प्रसिद्ध कौशल्या माता मंदिर की मिट्टी लेकर रायपुर निवासी मोहम्मद फैज खान पैदल निकले हुए हैं।

इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने अपनी आपत्ति जताई है और कहा कि राम मंदिर से विशेष समुदाय के लोग दूर रहें, नहीं तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। आपको बता दे की स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पूर्व शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य माने जाने है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने बयान में बताया की ‘संघ के प्रमुख नेता इंद्रेश कुमार से प्रेरणा लेकर मुसलमान मोहम्मद फैज खान नाम का व्यक्ति मिट्टी लेकर अयोध्या आ रहा है। हम यह बिलकुल स्वीकार नहीं कर सकते। हां, अगर उसकी राम और हिंदू धर्म में आस्था है, तो पहले वह हिंदू धर्म अपना ले फिर यह काम करे। संघ ने अगर मसुड़ाये विशेष के व्यक्ति से मिट्टी रखवाई, तो हम लोग आंदोलन करेंगे।’ इस बात अविमुक्तेश्वरानंद ने की, जिसका वीडियो वायरल है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, राम मंदिर शिलान्यास के मुहूर्त पर लगता है कि सरकार में बैठे लोगों को 05 अगस्त पर अंधविश्वास हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 5 अगस्त को कई फैसले लिए गए हैं, योगी आदित्यनाथ जब मुख्यमंत्री बने थे, तो उन्होंने पहला निर्णय लिया था कि मुगलसराय का नाम 5 अगस्त को ही बदलेंगे और 5 अगस्त को ही बदला था।

उन्होंने बताया की अमित शाह जब गृहमंत्री बने, तो धारा 370 के विभिन्न प्रावधान 5 अगस्त को ही खत्म किए गए। इनके मन में कोई अंधविश्वास बैठ गया है कि 5 अगस्त को शिलान्यास करेंगे तो अच्छा होगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, राम मंदिर का जो सरकारी ट्रस्ट बना है, उसमें संघ और भारतीय जनता पार्टी के लोग हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पूर्व शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य है और इससे पहलके उनके गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती भी अपने बयान के लिए सुर्ख़ियों में रहे है। जानकारी हो की अयोध्या में 5 अगस्त को श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होना है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंदिर की नीव रखेंगे और पूजन भी करेंगे। लेकिन, भूमि पूजन के मुहूर्त पर सवाल उठा कर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने नए विवाद को जन्म दे दिया। उनका दावा है कि 5 अगस्त को भूमि पूजन करने का कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने मुहूर्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि 5 अगस्त को दक्षिणायन भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। हमारे शास्त्रों में भाद्रपद मास में गृह-मंदिरारंभ निषिद्ध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा, “हम तो राम भक्त हैं, राम मंदिर कोई भी बनाए हमें प्रसन्नता होगी। लेकिन उसके लिए उचित तिथि और शुभ मुहूर्त होना चाहिए।” जबकि दूसरे संतो का कहना है की यह तिथि देखकर ही निकली गई है।

अब साधु संतों ने इस बयान पर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को शास्त्रार्थ की चुनौती दी है। उनका कहना है, “अगर स्वरूपानंद सरस्वती को हनुमान चालीसा से लेकर ऋग्वेद तक सबका ज्ञान है, तो यहाँ आकर सिद्ध करें कि 5 अगस्त को भूमि पूजन करना गलत है। यह सिद्ध करें कि भाद्र पक्ष की भादों अशुभ होती है।” यह सीधा स्वरूपानंद सरस्वती को चैलेंज दिया गया है।

राम जन्मभूमि के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि भादो में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था और यह संपूर्ण मास शुभ होता है। जिस माह में देवता अवतार लेते हैं, उस माह को शुभ माना जाता है। संतों ने कहा कि प्रमुख रूप से दो अवतार हैं एक राम अवतार, दूसरा कृष्ण अवतार। राम अवतार चैत्र में हुआ था। चैत्र का संपूर्ण मास शुभ होता है। भादो में भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था, इसलिए भादो का भी संपूर्ण माह शुभ है। किसी भी तरीके के मंदिरों की भूमि पूजन होने के बाद सभी ग्रह-नक्षत्र अनुकूल हो जाते हैं।

आपको बता दे की अयोध्या में 5 अगस्त को श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन है। मीडिया की ख़बरों के अनुसार इसमें कुछ मुस्लिम भी शामिल होंगे। इन मुस्लिमों ने इसकी वजह अपने पूर्वजों का हिंदू होना बताया है। अयोध्या शहर के जमशेद खान ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से कहा, “धर्म बदल लेने से किसी के पूर्वज नहीं बदल जाते हैं। हम ऐसा मानते हैं कि राम हमारे वास्तविक पूर्वज थे। हम अपने हिन्दू भाइयों के साथ खुशी के इस मौके में शामिल होंगे।” सईद अहमद ने भी बताया कि वे भी भूमि पूजन में शामिल होंगे। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (अवध) के मुखिया डॉ. अनिल सिंह ने बताया कि भूमि पूजन में शामिल होने कई मुस्लिम अयोध्या आएँगे।


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