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जब बंगाली मुस्लिम मजदूरों को किसी से मदत ना मिली, तब RSS ने सहायता की, सोहैल हुआ फैन

RSS West Bengal
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Mumbai/Maharashtra: पश्चिम बंगाल में इन दिनों दोहरी मुश्किल आ खड़ी हुई है। एक तो कोरोना वायरस ने कहर बरपा रखा था और अब तूफ़ान ने तबाही मचा दी। ऐसे में संघ ने लोगी की बहुत मदत की और अभी भी कर रहे है। यहाँ की एक एनजीओ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की के कार्य की तारीफ़ की है। RSS के स्वयंसेवकों ने बहुत ही अच्छा काम किया है। संघ द्वारा बुजुर्गों, गरीबों और महिलाओं की मदद की जा रही है।

इसके अलावा RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) उन मजदूरों की भी सहायता कर रहा है, जो कोरोना लॉकडाउन (Corona Lockdown) के बीच जहाँ तहाँ फँसे हुए हैं। इस सेना कार्य में RSS न तो जाति-संप्रदाय देख रही है और न ही धर्म-कौम। सभी जाती, धर्म और वर्ग के लोगों को सहायता पहुँचाई जा रही है।

RSS Helping People
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संघ के लोगों ने बताया कि वो स्वामी विवेकानंद के कथन को लेकर जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि आप जिसकी भी सहायता करते हैं, उसके प्रति एहसानमंद रहिए, क्योंकि उसके अंदर भगवान का वास होता है। बंगाली मुस्लिम लोगो की जिस प्रकार से आरएसएस मदद कर रही है, उससे वहाँ के लोग बेहत खुश हैं। जिस तरह से RSS संघ को मुस्लिम विरोधी बताया जाता रहा है, ऐसे लोगों के के लिए यह एक उम्दा उदहारण है।

आपको बता दें की ‘आर्किड फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया’ के अध्यक्ष सोहैल राना आलम का बयान और संघ के लिए सोच एक उदहारण पेश करती है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से RSS के स्वयंसेवकों ने मुसलमानों की सहायता की है। उन्होंने लिखा, ‘मैं न तो भाजपा समर्थक हूँ और न ही RSS के सभी एजेंडे का समर्थन करता हूँ। लेकिन हाँ, मैं बस सच्चाई बयान कर रहा हूँ।’ उन्होंने इसके लिए एक घटना का जिक्र किया।

RSS Org Facts Hindi
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उनके मुताबक मुंबई के धारावी में बंगाल मुर्शिदाबाद के 5-6 मजदूर फँसे हुए थे। साथ ही घाटकोपर में बाँकुरा और दूसरे स्थान पर करीब 10 मजदूर कई दिनों से फँसे हुए थे। इसके बाद सोहैल राना ने उनके बारे में घाटकोपर के एसीपी को बताया। एसीपी ने उन्हें कण्ट्रोल रूम का नंबर दिया। इसके बाद उन्हें संघ के पदाधिकारी महेश कुलकर्णी का नंबर हासिल हुआ। आपको बता दे की पुलिस कण्ट्रोल रूम से उन्हें संघ के पदाधिकारी का नंबर मिला था। तब उन्हें नहीं पता था कि वो RSS से जुड़े हैं, वो कोई NGO सोच रहे थे।

सोहैल के दिल में RSS के प्रति कुछ चिंता थीं, इसीलिए उन्होंने पहले ही बताया कि वो एक मोमदन हैं और अन्न मुस्लिम मजदूरों के लिए ही मदद चाहते हैं। तब महेश ने उन्हें बताया कि RSS के कार्यकर्ता मानवता और सेवा में यकीन रखते हैं। इसके तत्काल बाद महेश और संघ ने उन मजदूरों तक मदद पहुँचाई। सोहैल का कहना है कि वे RSS के कार्य से बहुत प्रभावित हुए है।

इससे पहले सोहैल ने धारावी DCP अकबर पठान और पुलिस स्टेशन से भी सम्पर्क साधा था, परन्तु उन्हें कोई मदत नहीं मिल सकी। सोहैल ने लिखा कि उन्होंने ज़िंदगी भर RSS की आलोचना की है, परन्तु आज RSS ने जिस तरह से वहाँ फँसे मुसलमानों की सहायता की, इससे अब उनकी सोच बदल गई है।

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