Tuesday, November 24, 2020
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कानपुर: JCB से विकास दुबे का घर गिराया गया और उसकी कॉल डीटेल में कई पुलिसवालों से बातचीत पाई गई

Vikas Dubey Kanpur
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Image Credits: Twitter Video Crap

Chaubepur/Kanpur, UP: उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ कर्मियों की गुरुवार रात कानपुर के बिकरू गाँव में प्राण ले लिए गए। इस घटना के बाद से हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) चर्चा में है। पुलिस की टीम ने उसे पकड़ने के लिए आधी रात दबिश दी थी। लेकिन, विकास और उसके लोगो ने पुलिस टीम पर घटना को अंजाम दे दिया। विकास पर कम से कम 60 मामले दर्ज हैं। यहाँ तक के विकाश दुबे पर राजनाथ सिह की सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा रखने वाले नेता संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर प्राण लेने का भी आरोप है। हालॉंकि इस मामले में कोई गवाह नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया गया था।

अब मीडिया के हवाले से हैरान करने वाली खबर सामने आई है कि विकास दुबे की कॉल डीटेल में कुछ पुलिसवालों के नंबर भी हैं। पुलिस ने इस मामले में 12 अन्न लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने इन लोगों को विकास दुबे की मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर गिरफ्त में लिया है। मीडिया में आ रही खबर मुताबिक, बीते 24 घंटे में इन लोगों से विकास दुबे की साल पर बात की थी।

विकास दुबे के मोबाइल की कॉल डिटेल ने चौकाया

विकास दुबे के मोबाइल की कॉल डिटेल में कुछ पुलिसवालों के नंबर होने की बात पता चली हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि एक सब इंस्पेक्टर ने विकास दुबे से इस घटना से पहले बात की थी, संभावना ही की पुलिस के आने की बात बताई थी। इस वक्त पुलिस को एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड पर शक है। तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

अब इस केस की पड़ताल के लिए एसटीएफ गठित की गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे की जानकरी देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम निकाला है। चौबेपुर पुलिस के एसओ से भी पूछताछ की जा रही है। आपको बता दे की बिकरू गांव में विकास दुबे के घर के कुछ हिस्से को पुलिस ने JCB से गिरा दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के बाद अधिकारियों ने सकती देखते हुए विकास दुबे के घर पर JCB चलवा दी है। बिकरू गांव किसी किले से काम नहीं है। घर के चारों तरफ आंगन के अलावा 12 फुट ऊंची दीवारों पर कंटीली घेराबंदी कराई गई थी। घर में आने-जाने के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

कानपुर के हिस्ट्रीशिटर विकास दुबे के गांव दबिश देने के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए 8 पुलिसकर्मिंयों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पुलिस लाइन जाकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मीडिया सूत्रों से खबर मिली है की सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के साथ शीर्ष पुलिस अधिकारियों को तैनात कर दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने मामले में सकती बरती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने बता दिया है कि अब यह अधिकारी तभी कानपुर से वापस जाएंगे, जब तक यह टीम विकास दुबे को पकड़ नहीं लेती या फिर उसे धारशाई नहीं कर देती है। योगी ने पुलिस कर्मियों के साथ इस घटना को लेकर सख्त आदेश दिए और कहा कि सभी पुलिस अधिकरियों से कहा है कि जब तक हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे समाप्त ना हो जाये, तब तक घटनास्थल पर ही कैम्प करें।

CM योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते इस मामले को गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुबह जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला, उन्होंने पुलस के बड़े अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर तत्काल ठोस कार्रवाई करने को आदेश दिया। खबर मिली है की पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक इस घटना कल रात को हुई और इसके बाद विकाश और उनके लोग पुलिसकर्मियों के अस्त्र भी छीन ले गये।

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के ऊपर 60 मुकदमे दर्ज

इससे पहले आईजी अग्रवाल ने बताया कि फरार गुनहगारों के पीछे पुलिस लगी हुई है। जल्द ही वे भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। पुलिस महानिदेशक एच सी अवस्थी ने मीडिया में बताया था कि विकास दुबे कानपुर का शातिर बदमाश और हिस्ट्रीशीटर है, जिसके ऊपर 60 मुकदमे दर्ज हैं। कानपुर के राहुल तिवारी नाम के व्यक्ति ने उसके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया था।

विकास दुबे पर साल 2000 में कानपुर के शिवली स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्त सिद्धेश्वर पाण्डेय की जान लेने का आरोप है। 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दूबे केस में भी उसका नाम दर्ज़ है। विकास दुबे की सक्रियता राजनीति में भी खूब रही हैl वह पूर्व प्रधान और जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। साल 2002 के आस-पास बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के कार्यकाल में विकास दूबे का कानपुर के अनेक क्षेत्रों में भौकाल और बम्फाड रुतबा था।

आपको बता दे की बसपा के अलावा समाजवादी पार्टी के नेताओं से भी उसके गहरे संबंध रहे हैं। उसकी पत्नी ऋचा दुबे भी सपा के टिकट पर पंचायत चुनाव लड़ चुकी है। अब योगी सरकार के आते ही उस पर कार्यवाही की गई, परन्तु यह उसे नागवार गुज़रा और उसने पुलिस वालों के विरुद्ध इस हैरान करने वाली घटना को अंजाम दिया। उनके पूरे गांव को ही अपना रणक्षेत्र बना रखा था।


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