Wednesday, April 1, 2020
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गजब है MP बड्डे, कमलनाथ सरकार के पैर भारी हुये, कभी भी नई सरकार पैदा हो सकती है: Madhya Pradesh News

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Jabalpur, Madhya Pradesh: यह खबर मध्यप्रदेश से आ रही है। अब यहाँ कुछ भी संभव है। होली पर मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर एक बार फिर सियासी और राजनैतिक संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अब मध्यप्रदेश की उठा पठक दिल्ली, भोपाल और बेंगलुरु तक हो रही है। ये राजनैतिक उथल पुथल तब शुरू हुई जब मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में ये खबर गूंजने लगी है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों के फोन बंद हो गए हैं। तेजी से बदलते घटनाक्रम में जल्दी ही ये खबर आई की सिंधिया समर्थक 17 विधायक बेंगलुरु पहुंच चुके हैं।

मध्यप्रदेश के राजनैतिक में उलटफेर के इतिहास को देखते हुए भोपाल की सियासत को दक्षिण भारत के बेंगलुरु में खेला जा रहा है। पिछले कुछ सालों में तख्तापलट से पहले बेंगलुरु कई राज्यों के विधायकों का ‘सेफ हाउस’ बन चुका है। अब कमलनाथ सरकार में मंत्री-विधायकों के भोपाल की तरफ भागने की खबरें आने लगीं है।

Madhya Pradesh Congress Govt

अब खबर आई कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है। यानी उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद दिया जा सकता है। एक खबर यह भी है की ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने खेमे के विधायकों के साथ भाजपा में जा सकते हैं और फिर भाजपा ज्योतिरादित्य सिंधिया को बड़ा मंत्रिमंडल देकर इनाम दे सकती हैं।

अभी आई खबर के मुताबिक़ भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में बैठकों का दौर शरू हो गया। बैठक में CM कमलनाथ के साथ पीसी शर्मा, जीतू पटवारी और सज्जन सिंह वर्मा, आरिफ अकील, हनी बघेल, प्रदीप जायसवाल और अन्न बड़े कांग्रेस नेताओं के मौजूद होने की खबर आई। ये बैठक दिल्ली में हुई एक बड़ी बैठक के बाद हो रही है। आज दोपहर को मुख्यमंत्री कमलनाथ दिल्ली में थे। उनकी सोनिया गांधी से मुलाकात हुई।

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Jyotiraditya Scindia joining BJP. He has gone too far to return to Congress: Media Reports and Presentation Image.

कमलनाथ ने इस संकट से निपटने के लिए मुलाक़ात की लेकिन नतीजा क्या निकला उस पर अभी प्रश्न बना हुआ है। इसी के बाद सिंधिया की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी देने की अटकलें लगीं, लेकिन सिंधिया का कोई जवाब नहीं आया। उसके बाद मुख्यमंत्री के घर पर बैठकों का नया दौर शुरू हो गया।

मध्यप्रदेश की सियासत में ग्वालियर राजघराने के ‘महाराज’ ज्योतिरादित्य सिंधिया की अलग हैसियत है। कहा जा रहा है कि इस हैसियत की अनदेखी से महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया अधिक नाराज़ हुए। रोड पर उतरने वाला बयान देकर उन्होंने अपनी नाराजगी के संकेत दिए थे। इसके बाद भी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अनदेखी कर दी। कमलनाथ ने कहा था कि अगर सिंधिया को रोड पर उतरना है तो उतर जाएं। इस पर सिंधिया समर्थक इमरती देवी का जो बयान आया, उससे ही इशारा मिलने लगा था कि अभी पिकचर बाकी है मेरे दोस्त।

Jyotiraditya Scindia Twitter Bio

आपको बता दें की वे कौन कौन विधायक है जो कांग्रेस के लिए मुश्किल बन गए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री (ग्वालियर), गिर्राज दंडोतिया, कांग्रेस विधायक दिमनी (मुरैना), कमलेश जाटव, कांग्रेस विधायक अम्बाह (मुरैना), यशवंत जाटव, कांग्रेस विधायक करैरा (शिवपुरी), इमरती देवी, महिला एवं बाल विकास मंत्री (ग्वालियर), प्रद्युम्न सिंह तोमर, गोविंद सिंह राजपूत, परिवहन मंत्री, विधायक -सुरखी (सागर), ओपीएस भदोरिया, कांग्रेस विधायक, मेहगाव (भिण्ड), रघुराज सिंह कंसाना, कांग्रेस विधायक मुरैना, जसपाल सिंह जग्गी, अशोक नगर विधायक, बृजेंद्र सिंह यादव, मुंगावली विधायक और श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया।

News coming from Madhya Pradesh that Top leader and Former team mate of Rahul Gandhi Jyotiraditya Scindia
might leave Congressv party and join BJP. 16 MLA including ministers might resign. This is just a tip of a larger crash for a Congress in Madhya Pradesh.

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