Friday, September 25, 2020
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UP: मुख्तार अंसारी के बेटे उमर-अब्बास FIR के बाद फरार, दोनों पर 25-25 हजार इनाम घोषित

mukhtar ansari sons
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Lucknow: यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार और उनकी पुलिस इस वक़्त फुल फॉर्म में आ रखी है और लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। सभी बाहुबलियों को योगीराज़ में फुद्दूबलि बनकर भागना पढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के बाहुबली मुख्तार अंसारी के पर योगी का चाबुक चलता ही जा रहा है। अब मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों उमर और अब्बास (Mukhtar Ansari sons Umar and Abbas) पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। फिलहाल दोनों फरार है।

बाहुबली (Babubali Mukhtar Ansari) के दोनों बेटों के ऊपर अवैध कब्जे, जालसाजी, साजिश रचने जैसे कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। उन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद से दोनों फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है और छापेमारी की कार्यवाही ज़ारी है। उनका कुछ पता न चलने पर अब उन पर इनाम घोषित किया गाय है।

जानकारी के मुताबिक़ लखनऊ के थाना हजरतगंज में जियामऊ इलाके के प्रभारी लेखपाल सुरजन लाल की ओर से दर्ज कराई गई FIR के बाद से दोनों फरार हो गए थे। एफआईआर में आईपीसी की धारा 120-B, 420, 467, 468, 471 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत केस दर्ज हैं। लेखपाल ने बताया था कि मुख्तार ने अपने बेटों के साथ मिलकर निष्करांत संपत्ति पर अवैध तरीके से कब्जा किया। इस पर नियम विरुद्ध निर्माण कराया। इसके अलावा इनपर फर्जी कागजों को तैयार कराने और धोखा-धड़ी के केस लगे हैं।

अभी भी मुख्तार अंसारी और उसके लोगो पर कार्यवाही ज़ारी है। योगी सरकार ने गाजीपुर में मुख्तार अंसारी और उसके परिजनों पर फिर से कार्यवाही की है। करोड़ों रुपये की अवैध जमीन से कब्जा हटवाने के बाद प्रशासन ने अब पत्नी और साले पर गैंग-स्टर कानून की कार्रवाई की है।

इस संबंध में केस शहर कोतवाली में दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद अंसारी के परिजनों में हडकंप व्याप्त है, तो सूबे में चर्चाओं का दौर भी तफ्तार पकड़ रहा है। पुलिस एसपी के अनुसार मुख्तार अंसारी के परिजनों और करीबियों पर अभी और कई कार्रवाई होगी।

मीडिया अख़बार में डॉ ओपी सिंह ने बताया कि मुख्तार अंसारी की पत्नी और दो सालों के खिलाफ पुलिस ने गैंगे-स्टर एक्ट की कार्रवाई की है। इसमें मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी (Afsa Ansari) व उनके साले सरजील रजा और अनवर शहजाद को नामजद किया है। बाहुबली मुख्तार अंसारी के साथ मिलकर सभी संगठित गिरोह के रूप में वारदात करते थे। अब कानून का काम ज़ारी है।

पुलिस एसपी के मुताबिक़ शहर कोतवाली के छावनी लाइन स्थित भूमि गाटा संख्या 162 जो कि जिलाधिकारी गाजीपुर के आदेशानुसार कुर्क शुदा जमीन है, इन लोगों ने उस पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। इसके अतिरिक्त थाना कोतवाली मौजा बवेरी में भूमि आराजी नंबर 598 कुर्क शुदा जमीन पर अवैध कब्जा किया है।

इसके अलावा अंसारी के रिस्तेदार सरजील रजा और अनवर शहजाद द्वारा सरकारी ठेका हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रस्तुत किए गए, जिस के संबंध में भी थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना आरोप पत्र प्रेषित किया गया है। वहीं मुख्तार की बेगम आफसा अंसारी द्वारा सरकारी धन के गबन व अमानत में खयानत के अन्न कृत्य गलत काम के संबंध में भी सैदपुर में मुकदमा पंजीकृत हैं।

इससे पहले भी अंसारी की दो ईमारत गिराई गई थी। ये इमारतें मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) ने फर्जी तरीके से अपनी मां के नाम करा ली था और बाद में उसे अपने दोनों बेटों अब्बास और उमर अंसारी के नाम करवा दिया था। ये दोनों इमारतें बिना नक्शा के टोटल अवैध तरीके से बनाई गई थी।

प्रशासन और भारी पुलिस बल के साथ एलडीए के अधिकारी 20 से ज्यादा JCB लेकर स्पॉट पर पहुंचे और जहाँ एक ईमारत में ताला बंद था। जबकि दूसरे में एक परिवार रह रहा था। UP प्रशासन ने तत्काल घर खाली करने का आदेश दिया। दूसरी बिल्डिंग का ताला तोड़कर एलडीए के कर्मचारियों ने बिल्डंग से सामान बाहर किया और JCB से दोनों इमारतों को धराशाही कर दिया।

आपको ज्ञात हो की मुख्तार अंसारी एक नेता और बाहुबली (Bahubali) है। सबसे बड़ी बात यह है की अंसारी के दादा मुख्तार अहमद अंसारी इंडियन नेशनल कांग्रेस और मुस्लिम लीग के अध्यक्ष थे। अंसारी पहले मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) में था।

अंसारी उत्तर प्रदेश की मऊ विधानसभा सीट से रिकॉर्ड पांच बार विधायक भी रहा है। उसे साल 2010 में बहुजन समाज पार्टी से निकल दिया गया था, लेकिन बाद में फिर से उसे पार्टी में वापस के लिया गया। इसके बाद मुख्तार ने मऊ से 2017 का विधानसभा चुनाव जीता। मुख्तार अंसारी भाजपा नेता कृष्णानंद राय के प्राण लेने के मामले में जेल भी जा चुका है। परन्तु 2019 में गवाहों के मुकर जाने के चलते सीबीआई कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था।


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