Thursday, October 29, 2020
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भारत की मुस्तैदी और रणनीति के आगे चीन की नहीं चली, यह शर्तें मानने मज़बूर हुआ ड्रैगन, जानें

Modi-Shah on China
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laddakh: लद्दाख में LAC पर बीते 5 महीनों से जारी सीमा विवा के बीच चीन अब झुकना ही पढ़ रहा है और भारत की शर्तें माननी ही पड़ीं है। मंगलवार को लंबी बातचीत के बाद भारत और चीन की सेनाओं ने इस बात पर मंजूरी जताई है कि दोनों ही अब बॉर्डर पर और सैनिक नहीं बुलाएंगे। बता दें कि लद्दाख सीमा पर चीन लगातार घुसपैठ की कोशिश करता रहा था, लेकिन उसे अब भारतीय जवानों ने घुटने पर ला दिया है।

भारत ने सीना पर अपनी स्थिति मजबूतहर ली है और भारत ने चीन को साफ़ सन्देश दे दिया है। ऐसे में अकड़ दिखाने वाला चीन अब टेबल पर आकर बातचीत के माध्यम से समझौता करने पर आ गे है। गलवान पर झड़प के बाद जब तनाव की स्थिति पैदा हुई और अगस्त तक चली गई, तब दोनों देशों ने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई। इसकी शुरुआत चीन ने ही की थी। चीन लगातार LAC के पार 50 हजार के करीब सैनिकों को जुटा रहा था, जिसके जवाब में भारत ने भी बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया।

इसके बाद अब मंगलवार को दोनों देशों की सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। 14 घंटे की बैठक में ये बात सामने आई कि अब दोनों देश बॉर्डर पर और सैनिक नहीं बुलाएंगे। साझा बयान में दोनों देशों की तरफ से कहा गया है कि भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर खुलकर बात हुई, आगे कोशिश रहेगी कि बात होती रहे।

उसमे कहा गया है की सीमा पर सैनिकों की संख्या को कम किया जाए। इसी बातचीत में अभी और सैनिक ना बुलाने की बात हुई है, लेकिन भारत अभी भी पूरी तरह से सतर्क है, क्योंकि चीन इससे पहले भी ऐसे वादे करके भूलता रहा है। सर्दियों में भी बॉर्डर पर भारत की ओर से सतर्कता रह सकती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना पहले ही संकेत दे चुकी है कि वो किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है और सीमा से बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे।

बता दे की इन पहाड़ी इलाकों तक चीनी सेना भी पहुंचना चाहती थी, मगर भारत ने चतुराई दिखाई। 29 अगस्‍त और सितंबर के दूसरे हफ्ते के बीच, सेना के जवानों ने बिना नजर में आए इन छह प्रमुख हिल फीचर्स को अपने कंट्रोल में कर लिया।

शीर्ष सरकारी सूत्रों ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने कहा, “भारतीय सेना ने 29 अगस्‍त और सितंबर के दूसरे सप्‍ताह के बीच छह नई ऊंचाइयों तक पहुंच बना ली है। मगर हिल, गुरुंग हिल, रेचिन ला, रेजांग ला, मोखपरी और फिगर 4 के पास की ऊंचाइयों पर हमारे जवान मौजूद हैं।” ये जगहें खाली पड़ी थीं और चीनी सैनिकों के वहां पहुंचने से पहले ही भारतीय जवानों ने रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी चीन के रक्षा मंत्री को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि भारत चीन की नाजायज शर्त को नहीं मानेगा और उसे हर हाल में मई से पूर्व की यथास्थिति बहाल करनी होगी। रक्षा क्षेत्रों के विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में चीन के पास पीछे हटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।


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