Tuesday, October 27, 2020
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ड्रैगन की चाल का खुलासा: एक चीनी को नया दलाई लामा बनवाने के लिए इस षड्यंत्र को अंजाम दिया गया

Dalai Lama China Spy
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Presentation File Image

Delhi: भारत को देश के बाहर बैठे चीन से ज्यादा देश के अंदर रह रहे चीनियों और चीन समर्थकों से ज्यादा संकट है। हाल ही में चीन को देश की सेना और सुरक्षा मामलों से संबंधित अहम व संवेदनशील जानकारी व दस्तावेज देने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा, चीनी महिला किंग शी और उसके नेपाली साथी शेर सिंह उर्फ राज बोहरा को गिरफ्तार किया गया था।

बता दे की स्पेशल ने राजीव शर्मा (Indian Journalist Rajeev Sharma) को चीन को संवेदनशील दस्तावेज सौंपने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जो चीनी महिला और नेपाली युवक गिरफ्तार हुए हैं, वह दस्तावेज के बदले राजीव को फर्जी (शेल) कंपनियों के जरिए मोटी रकम मुहैया कराते हैं। अधिकारियों का दावा है कि राजीव ने कुछ समय पहले ही चीन को सेना के कुछ बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, जिसके बदले उसके अकाउंट में लाखों की रकम भी आई है।

इसके अलावा एक अन्न हवाला नेटवर्क मामले में गिरफ्तार चीनी नागरिक चार्ली पेंग के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। ED के मुताबिक़ चीनी शख्स कर्नाटक के बाइलाकुप्पे के सेरा बौद्ध मठ में रह रहे भिक्षुओं को रिस्वत के तौर पर बड़ी रकम देकर बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के संबंध में जानकारी निकाल रहा था। उस जासूस ने भारत में भिक्षुओं के बीच हवाला का पूरा नेटवर्क फैला रखा था। इससे पहले मनी लॉन्ड्रिंग का रैकेट चलाने के आरोप में उसकी गिरफ्तारी हुई थी।

मीडिया चैनल की खबर के मुराबिक, कर्नाटक के सेरा बौद्ध मठ के प्रमुख ने इस बारे में बताते हुए कहा कि एसके ट्रेडिंग के खाते से सेरा बौद्ध मठ के भिक्षु जाम्यांग जिंपा (Jamayang Jinpa) को 30 लाख रुपए की पेमेंट की गई थी। मीडिया में अधिकारियन के हवाले से बताया गया कि यह अकाउंट चीनी नागरिक चार्ली पेंग (Charlie Peng) द्वारा बौद्ध भिक्षुओं को रकम भेजने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई शेल कंपनियों के अकाउंट में से एक है।

अब जाँच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि कहीं पेंग दिल्‍ली में तिब्‍बती लोगों को तो घूस नहीं दे रहा था। यह चीनी नागरिक पूरे भारत में कुछ बौद्ध भिक्षुओं को पैसा दे रहा था। इसमें दलाई लामा (Dalai Lama) और उनके सहयोगी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इसने दिल्ली स्थित मजनू का टीला को अपने रडार पर रखा था।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया की जाँच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक़ दलाई लामा को पछाड़कर एक चीनी व्‍यक्ति के दलाई लामा घोषित किए जाने के समर्थन के लिए ऐसा किया जा रहा था। इस केस में जाँचकर्ता ने बताया कि कई मठ भिक्षुओं को लाखों की पेमेंट की गई है।

इस पेमेंट्स में कर्नाटक के बौद्ध मठ के एक अन्य बौद्ध भिक्षु थुपटेंन छोडक (Thupten Chodak) को कथित रूप से 15 लाख रुपए का भुगतान किया गया था, जबकि फुंसोक धरग्याल (Phuntsok Dhargyal), नवांग लोजेल (Ngawang Losel) और ताशी चोपेल (Tashi Choepel) को 10-10 लाख रुपए दिए गए थे। थुप्टेन वांग्चुक (Thupten Wangchuk) को 8 लाख रुपए और लॉब्सांग चोडेन (Lobsang Choeden) को 7 लाख रुपए की रकम मुहैया करवाई गई थी।

इतना ही नहीं, इस कंपनी ने कर्नाटक के मुंदगोड में ड्रेपुंग लोजलिंग (Drepung Loseling) को 10 लाख रुपए और सोनम दोरजी (Sonam Dorjee) को 7 लाख रुपए का भुगतान किया था। ऐसे ही नवी मुंबई में पैन मिंगमिंग (Pan Mingming) नाम के एक भिक्षु को भी एसके ट्रेडिंग कंपनी के अकाउंट से 10 लाख रुपए दिए गए थे। यह रकम रिस्वत के तौर पर देने की बात कही गई है।

रिपोर्ट्स में बताया गया की चीनी शख्श चार्ली पेंग से पैसा लेने वाले 10 में से 6 भिक्षु जिस मठ में रहते हैं, वो कोरोनो वायरस महामारी के कारण बाहरी लोगों के लिए बंद हैं। ताशी ने बताया, “कुछ भिक्षुओं को दिल्ली में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से पैसा मिला। लेकिन इन भिक्षुओं का कहना है कि यह पैसे उन परिवार और दोस्तों के थे, जो यहाँ अध्ययन करने आए थे और इसलिए पैसा परिवार द्वारा भेजा गया था।” यह सब मीडिया चैनल पर बताया गया है।

इससे पहले एक भारतीय पत्रकार भी ऐसे ही केस में गिरफ्तार हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में एक और पत्रकार से पूछताछ चल रही है। पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि राजीव शर्मा चीन के लिए जासूसी कर रहा था। उसके कब्जे से जो कागजात मिले हैं, वह उस देश को देने वाला था। इस बात के भी सबूत मिले हैं कि आरोपी पहले कुछ दस्तावेज दे चुका है और इसकी एवज में मोटे पैसे लिए हैं। बताया जा रहा है कि पत्रकार के खिलाफ विदेश मंत्रालय को भी शिकायत मिली थी, जिसकी जांच की जा रही है।

इसके अलावा राजीव के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, कई लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण और संवेदनशील वस्तुएं बरामद हुई हैं। इन सबका प्रयोग वह चीन से संपर्क करने, उन्हें दस्तावेज व सूचनाएं पहुंचाने के लिए करता था। अधिकारियों ने दावा किया है कि पत्रकार के कब्जे से सेना से संबंधित कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं।


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