Tuesday, August 4, 2020
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ISRO ऑर्बिटर के माध्यम से विक्रम लैंडर को संदेश भेज रहा, किसी भी समय लैंडर से संपर्क हो सकता है।

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Photo Credits: ISRO on Social Media

ISRO ने चांद की सतह पर लैंडर विक्रम के Location की जानकारी पता कर ली है। इसकी पुष्टि स्वयं ISRO के चेयरमैन के सिवन ने की है। ISRO की जानकारी के अनुसार मानें तो ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर की एक थर्मल तस्वीर भी Click की है।

ISRO का कहना है कि चांद की सतह पर लैंडर विक्रम की सटीक Location का पता चलते ही उससे संपर्क करने के लिए सभी सम्भव प्रयास किये जायेंगे। खबरो के मुताविक अभी तक विक्रम लैंडर से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।

शनिवार को जब चंद्रमा की सतह से करीब 2.1 किलोमीटर की दूरी पर लैंडर विक्रम था, उसी वक्त ISRO से संपर्क टूट गया। लेकिन अब जानकारी मिल रही है कि विक्रम लैंडर लैंडिंग वाली निश्चित स्थान से 500 मीटर दूर पड़ा है। लेकिन इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है।

विक्रम लैंडर के Location पता लगते ही ISRO में शामिल वैज्ञानिकों में एक उम्मीद की किरण जगा गई है। वो लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, ISRO ने दावा किया है जल्द ही विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित हो जाएगा। ISRO की FAC Team यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर किन कारणों से लैंडर का संपर्क ISRO कमांड से टूट गया था।

Photo Credits: ISRO on Twitter

ISRO वैज्ञानिक ऑर्बिटर के माध्यम से विक्रम लैंडर को संदेश भेजने का प्रयास कर रहे हैं ताकि, उसका Communication System ON किया जा सके।
ISRO प्रमुख ने यह भी कहा कि तस्वीर से यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विक्रम चांद की सतह पर किस स्थिति में है।

चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजोल्यूशन कैमरा OHRC ने विक्रम लैंडर की इमेज क्लिक की है। आने वाले समय में विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर कितना कार्य करेंगे, इसका तो Data एनालिसिस के बाद ही सही जानकारी पता चलेगी। ISRO वैज्ञानिक अभी यह पता कर रहे हैं कि चांद की सतह से 2.1KM ऊंचाई पर विक्रम अपने निश्चित रास्ते से क्यों भटक गया।

इसकी एक कारण ये भी हो सकता है कि विक्रम लैंडर के Side में लगे छोटे-छोटे 4 स्टीयरिंग इंजनों में से किसी एक ने काम करना बंद कर दिया हो। इसकी कारण से विक्रम लैंडर अपने निश्चित रास्ते से भटक गया । यहीं से सारी प्रॉब्लम प्रारम्भ हुई, इसलिए वैज्ञानिक इसी प्वांइट की Study कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त चांद के चारों ओर चक्कर लगा रहे ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजोल्यूशन कैमरा OHRC से विक्रम लैंडर की इमेज क्लिक कर ली जाएगी। यह Camera चांद की सतह पर 0.3 मीटर यानी 1.08 फीट तक की ऊंचाई वाली किसी भी चीज की Clear इमेज ले सकता है।


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