Tuesday, November 24, 2020
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सरकार का सबसे बड़ा फैसला, नवंबर से बंद हो जायेंगे सरकारी मदरसे, जाने पूरी खबर

Assam Madarse Band
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गुवाहाटी: देश में मरदसों को लेकर काफी वक़्त से सवाल खड़े होते रहे हैं। कई बार ऐसे आरोप लगे हैं कि मदरसों में गलत विचारों को पढ़ाया जाता और हवा दी जाती रही है। ये सच है कि मदरसों में धर्मनिरपेक्ष शिक्षा नहीं जाती है। यहां सिर्फ मजहबी तालीम ही जाती है। अब ऐसे में असम सरकार सभी सरकारी मदरसे बंद करने जा रही है।

असम की भाजपा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी मदरसों को बंद करने का फैसला लिया है, शिक्षामंत्री हिमंता विश्व सरमा ने इसका ऐलान किया, शिक्षा मंत्री ने ग्रीष्मकालीन विधानसभा सत्र के दूसरे दिन शिक्षा विभाग पर बोलने के दौरान मदरसों के प्रान्तीयकरण के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार के मदरसे नवंबर से बंद हो रहे हैं, इसलिए नए मदरसों के प्रांतीयकरण करने का कोई सवाल ही नहीं है।

मीडिया में खबर आई है की भाजपा नेता और असम के शिक्षामंत्री हिमंता विश्व सरमा ने कहा कि सरकार धार्मिक तर्ज पर चलने वाले किसी भी शैक्षणिक संस्थानों को संरक्षण नहीं देगी। प्रदेश के सभी मदरसे और संस्कृत टोल (संस्कृत विद्यालय) को आगामी नवम्बर माह से बंद किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब और अरबी शिक्षकों की नियुक्ति की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि निजी मदरसा पूर्व की तरह चल सकते हैं।

इसमें बताया गया है की असम सरकार निजी मदरसा में किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार धर्मनिरपेक्ष शिक्षा प्रदान करेगी क्योंकि, हम सदैव सेकुलर शिक्षा देने के पक्षधर हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में 150 नए हाई स्कूल स्थापित कर रही है। इसका निर्माण 2 अक्टूबर 2020 से शुरू होगा। इन स्कूलों में अप्रैल 2021 से कक्षाएँ शुरू होंगी।

देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में 15 सरकारी कॉलेज स्थापित किए जाएँगे, जिसमें 9 कॉलेज लड़कियों के लिए हैं। भाजपा मंत्री ने कहा कि असम के विशाल चाय सम्पदा में काम करने वाले लोगों की मदद करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आपको बता दें कि फरवरी 2020 में, एक महत्वपूर्ण निर्णय में, असम सरकार ने घोषणा की थी कि सरकार सभी राज्य संचालित मदरसों और संस्कृत टोल्स को बंद कर रही है।

मंत्री ने पहले घोषणा की थी कि मदरसा बोर्ड को भंग कर दिया जाएगा और संस्थानों के शिक्षाविदों को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को सौंप दिया जाएगा। संस्कृत के बारे में बात करते हुए शर्मा ने कहा कि संस्कृत सभी आधुनिक भाषाओं की जननी है।

सरकार धार्मिक तर्ज पर चलने वाले किसी भी शैक्षणिक संस्थानों को संरक्षण नहीं देगी। शिक्षा मंत्री डॉ. हिमांत विश्व शर्मा ने प्रदेश के सभी मदरसे और संस्कृत टोल (संस्कृत विद्यालय) को आगामी नवम्बर माह से बंद किया जा रहा है। साथ ही कहा कि अब और अरबी शिक्षकों की नियुक्ति की कोई योजना नहीं है।


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