Friday, September 25, 2020
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जो तूफानों में बिखरे वो ताजमहल और जो समंदर में भी अजड़ है, वही भारत की धरोहर है।

Tajmahal Vs Ramsetu
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Image Credits: Social Media

Agra/Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के आगरा में कल देर रात आंधी-तूफान के कारण विश्वप्रसिद्ध ताजमहल की इमारत को नुकसान पहुंचा और ताजमहल के मुख्य मकबरे की संगमरमर की रेलिंग टूट गयी। कुछ जालियां भीं गिर गईं हैं। इसके अलावा एक दरवाजा भी चपेट में आया है। अधिकारियों ने इस नुक्सान की जानकारी दी थी। तेज आंधी के चलते कई स्थानों पर मकान और पेड़ों के भी गिरने की खबर मिली है।

मीडिया में आई खबर के मुताबिक़ भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीक्षक डॉ.बसंत स्वर्णकार ने बताया की आंधी से ताजमहल में संगमरमर की जालियां और लाल पत्थर की जालियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। ताजमहल परिसर में लगे पेड़ उखड़े हैं और एक दरवाजा भी उखड़ गया है। उन्होंने बताया की ताजमहल परिसर में पर्यटकों की सुविधा के लिये बनायी गई शेड की फॉल्स सीलिंग भी उखड़ गयी है। इसके अलावा महताब बाग की दीवार और मरियम के मकबरे पर पेड़ गिर गया है।

आपको बता दे की कोरोना लॉकडाउन के चलते ताजमहल पिछले 2 महीने से भी अधिक दिन से बंद है। यह पहली दवा है, जब ताजमहल इतने लंबे समय तक बंद रखा गया हो। इससे पहले 2018 में 11 अप्रैल और दो मई को में भी आंधी एयर तूफ़ान से ताजमहल का शाही दरवाजा, दक्षिणी दरवाजा और गुलदस्ता स्तंभ को नुक्सान पहुंचा था।

खबर है की लगभग 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की तेज रफ्तार से चली आंधी ने तीन लोगों के प्राण ले लिए और 25 लोगों के घायल होने की खबर है। आंधी में मकान ढहने से गांव नगरा कर्म सिंह में एक बालिका और फतेहाबाद तथा डौकी में दो लोगों की जान चली गयी, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसी खबर है।

ताजमहल को नुकसान पहुँचने पर ट्विटर पर कुछ लोग ट्रेंड चलाने लहे और ताजमहल को प्रेम की निशानी बताने लगे। जिस पर कुछ अन्न लोगो का कहना है की ताजमहल कोई प्यार की निशानी नहीं है, बल्कि मुगलों की गुलामी की निशानी है। लोगो के अनुसार प्रेम की निशानी तो रामसेतु है।

ताजमहल और रामसेतु में प्रेम की निशानी कौन है। इस पर अब लोगो में चर्चा हो रही है। एक यूजर प्रतीक मिश्रा ने कहा की “जो तूफानों में बिखरने लगे वो ताजमहल ही क्या और जो समंदर में भी अजड़ है, वही तो रामसेतु है।” मतलब रामसेतु के मुकाबले ताज कुछ भी नहीं है।

एक यूजर ने कहा की ताज़महल नहीं बल्कि रामसेतु सच्चे प्रेम का प्रतीक है। ताजमहल सिर्फ एक दफन स्थान है। यह अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। राम सेतु का निर्माण श्री राम ने अपनी प्यारी पत्नी सीता को वापस लाने के लिए किया था। साथ ही राम ने वानर के अंगुलियों को नहीं काटा था।

एक यूजर ने कहा की ताजमहल तो एक इंसान की तेरहवीं-चौदहवी बीवी की तेरहवीं के बाद बनी कब्र है। वो भी बताया जाता है की शिव मंदिर तेजोमहालय को बदलकर ताजमहल नाम दे दिया गया। प्रेम की पहचान तो रामसेतु है, जिसको अपनी एकमात्र जीवन संगिनी को वापस लाने के लिए श्री राम ने समुद्र को बांध दिया था।


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