Thursday, September 24, 2020
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अब योगी सरकार के अंडर आया शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड, ये अहम् दस्तावेज सौपने के आदेश दिये

Yogi Adityanath Ek Number News
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Demo CM Yogi Image Credits: Twitter

Lucknow/Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश से एक ब्रेकिंग न्यूज़ आई है। यहाँ शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड का 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब दोनों बोर्ड की बागडोर योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने पास ले ली है। मीडिया में आई खबर के अनुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड का कार्यकाल 31 मार्च और शिया वक्फ बोर्ड का कार्यकाल 18 मई को समाप्त गया था। कोरोना महामारी के चलते चुनाव लटकने से दोनों वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश सरकार के अंडर होंगे।

सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रजा ने बताया है कि दोनों बोर्ड के कार्य पर निगरानी रखने के लिए सरकार द्वारा सीईओ नियुक्त किए जाएँगे। मोहसिन रजा ने बताया है कि सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड यादव सरकार के वक़्त बने थे। इन दोनों बोर्ड के कार्यकाल के दौरान कई कमिया नजर आई हैं। इसकी जाँच अब योगी सरकार करवाने वाली है। अगर जाँच होती है, तो कई बड़े नेताओं का नाम भी गलत नीतियों पर उजागर हो सकता है।

Yogi Adityanath
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खबर है की उत्तर प्रदेश सरकार ने एक आदेश दिया ही की UP के शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी और बोर्ड के अन्य मेंबर से बोर्ड के सभी कार्य की फाइलें और दस्तावेज मंगवाए हैं। एक अन्न आदेश में बोर्ड के पूर्व चेयरमैन व सदस्यों का भी डाटा और फाइलें शासन को सौंपने हो कहा गया है।

CM Yogi Statement On UP
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उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जुफर फारूकी से बोर्ड और सभी कार्यों के दस्तावेज वापस लिए जाने की बात हासिल हुई है। एक रिपोर्ट के अनुसार उन्हीं के पास अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़े सभी दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा है कि वे संबंधित दस्तावेज और फाइलों को सरकार के प्राधिकारी के सुबुर्द्ध कर देंगे हैं।

बता दे की उत्तर प्रदेश में वक्फ समितियों का प्रशासन और पर्यवेक्षण मुस्लिम वक्फ अधिनियम, 1960 के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है। अब हालात को समझते हुए इससे पहले शिया बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने UP सरकार को उनका कार्यकाल इनक्रीस करने के लिए लेटर लिखा था। किन्तु, सुन्नी बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने किसी प्रकार से कार्यकाल इनक्रीस करने को नहीं कहा।

अब इस दोनों बोर्डों में पिछली सपा सरकार में जो भी घपले और धांधली की गई थी, उनकी परत दर परत खुलेंगी और कुछ कौमी लोगो और बड़े नेताओ के नाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें सपा के पूर्व मंत्री आज़म खान की भी अहम् भूमिका मानी जाती है। हालाँकि अभी आज़म खान परिवार समेत जेल में बंद है।


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