Thursday, April 9, 2020
Home > Ek Number > वुहान की सेटेलाइट तस्वीरों से खुलासा, चीन पर बड़ी संख्या में शव जलाने का आरोप और संदेह

वुहान की सेटेलाइट तस्वीरों से खुलासा, चीन पर बड़ी संख्या में शव जलाने का आरोप और संदेह

Corona Virus Sulfur Gass Wuhan
Spread the love

Source and Image Credits: Windy.com

चीन में कोरोनावायरस (Corona Virus) से अपने प्राण गवाने वालो की संख्या 1011 हो गई है। वहीं 45 हजार से अधिकलोग संक्रमित हैं। अब चीन सरकार पर वास्तविक संख्या छुपाने और बड़े पैमाने पर शवों को खुफिया तौर पर जलाने के आरोप लग रहे हैं। क्योंकि चीन में शव जलाने की परंपरा नहींं हैै। हाल ही में को वुहान शहर की सैटेलाइट तस्वीर सामने आई है। इसमें आग के बड़े गोले के रूप में सल्फर डाई ऑक्साइड गैस दिखाई दे रही है।

मीडिया में आई खबर में बताया गया है की जानकारों के मुताबिक ऐसा मेडिकल वेस्ट या शवों को जलाने से हो सकता है। इंटेलवेव के मुताबिक अनुमान लगाया गया की इतना धुआं करीब 14000 शवों को जलाने पर निकलता है। ब्रिटिश अखबार डेलीमेल ने भी वुहान की सैटेलाइट इमेज पर संदेह जताया है। अमेरिका के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक शवों को जलाने पर सल्फर गैस के अलावा पारा, डाइऑक्सिन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड जैसे केमिकल भी निकलते हैं।


Sulfur dioxide gas in Wuhan, commonly associated with the burning of organic matters. What are they burning.

मीडिया एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार अगले कुछ हफ्तों में वुहान में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 5 लाख तक पहुंच सकती है। इस शहर में 23 जनवरी से ही 1 करोड़ 10 लाख लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन ऐंड ट्रॉपिकल मेडिसिन ने वुहान में वायरस के फैलने के तरीकों पर रिसर्च की है। इसमें पता चला है कि संक्रमण की यही रफ्तार रही तो फरवरी खत्म होते-होते शहर की 5 प्रतिशत आबादी यानी 5 लाख से ज्यादा लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो जाएंगे।

Corona Virus Update

खबरों के अनुसार वुहान में सल्फर डाइऑक्साइड का स्तर 1700 यूजी/घन मीटर है, जो खतरे के स्तर से 21 गुना अधिक है। 80 यूजी/घन मीटर खतरनाक माना जाता है। ठीक ऐसी ही तस्वीर चोंगक्विंग की भी है। वहां भी वायरस बड़े स्तर पर फैला है। यह वुहान से 900 किमी दूर है। बुलेट ट्रेन से 4-5 घंटे में पहुंच सकते हैं। दोनों शहरों के बीच रोज 31 बुलेट ट्रेन चलती हैं, पर अभी बंद हैं।


Data from windy.com shows a massive release of sulfur dioxide gas from the outskirts of Wuhan, commonly associated with the burning of organic matters. Levels are elevated, even compared with the rest of China.

एक अन्न खबर के मुताबिक़ शंघाई चीन के अधिकारियों ने बताया है कि कोरोना वायरस अब हवा में मौजूद सूक्ष्म बूदों में मिलकर संचरण करने लगा है और वह हवा में तैरते हुए अन्न व्यक्ति को भी संक्रमित कर रहा है, जिसे एयरोसोल ट्रांसमिशन कहा जाता है। अब तक वायरस के प्रत्यक्ष संचरण (डायरेक्ट ट्रांसमिशन) और संपर्क संचरण (कॉन्टैक्ट ट्रांसमिशन) की ही खबर प्राप्त हुई थी।

मीडिया में आयु खबर के मुताबिक शंघाई सिविल अफेयर्स ब्यूरो के डेप्युटी हेड ने बताया, एयरोसोल ट्रांसमिशन (Aerosol Transmission) का तात्पर्य है कि कोरोना वायरस हवा में मौजूद सूक्ष्म बूंदों से मिलकर एयरोसोल बना रहा है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इससे सांस लेने के कारण लोगो में संक्रमण हो रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है की इसके मद्देनजर हमने लोगों से अपील की है कि वो अपने परिवार के लोगो को कोरोना वायरस के संक्रमित होने से बचने के उपायों को लेकर अपनी जागरूकता बढ़ाएं।

जानकारों के अनुसार डायरेक्ट ट्रांसमिशन का मतलब है कि वायरस से संक्रमित व्यक्ति अगर छींक या खांस रहा है, तो पास के व्यक्ति के सांस लेते समय वायरस उसकेव अंदर प्रवेश कर जाएगा। अन्न केस में संपर्क संचरण (कॉन्टैक्ट ट्रांसमिशन) मतलब, जब कोई व्यक्ति वैसी कोई वस्तु छूकर अपना मुंह, नाक या आंख स्पर्श करता है, जिसमें वायरस युक्त सूक्ष्म बूंदें चिपकी होती हैं। तब वह व्यक्ति भी वायरस से संक्रमित हो जाता है।

Facebook Comments

Spread the love
Ek Number
Ek Number
This is Staff Of Ek Number News Portal with editor Nitin Chourasia who is an Engineer and Journalist. For Any query mail us on eknumbernews.mail@gmail.com
http://www.eknumbernews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *