Thursday, July 2, 2020
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सुधीर चौधरी और अर्णव गोस्वामी को जनता का समर्थन देख कांग्रेस की नींदे उड़ी, बची सत्ता भी जाती दिखी

Sudhir Chaudhary and Arnav Goswami
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Image Credits: Social Media

Delhi: आजकल भारत में पत्रकारों और मीडिया को सच बोलने से रोका और दवाब बनाया जा रहा है। अभी यह गैरंभाजपा शासित राज्यों में देखने को मिला है। हाल ही में केरल में जी न्यूज के पत्रकार सुधीर चौधरी पर FIR हुई थी। कुछ जानकारों और बुद्धिजीवियों के मुताबक केरल वामपंथी दलो को गढ़ माना जाता है। यहाँ भी गैरभाजपा शासित सरकार है।

सुधीर चौधरी ने अभी हाल ही में जेहाद के बारे में एक कार्यक्रम चलाया था, जिसमें पत्रकार ने इनके कई प्रकार समझाए और जम्मू कश्मीर में कैसे जमीन जेहाद चल रहा है, उस बारे में देश को पहली बार रूबरू कराया था। यही खबर सुधीर चौधरी पर FIR का कारण बनी। इसे एक विशेष कौम की भावनाओ को ठेस पहुँचाने वाला बताया गया।

खबर को धार्मिक मोड़ देकर FIR करवाए जाने का आरोप

इसी के चलते पत्रकार सुधीर चौधरी पर गैरजमानती धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज किया गया। इस मामले में बताया गया की वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी के ख़िलाफ़ ये कार्रवाई 11 मार्च को ब्रॉडकॉस्ट हुए DNA प्रोग्राम के कारण की गई है। उन पर आरोप है कि अपने शो में उन्होंने एक विशेष कौम को अपमानित किया है। अब उसे धार्मिक मोड़ दिए जाने की कोशिश की जा रही है। आपको बता दें की कांग्रेस नेता राहुल गाँधी केरल से ही सांसद है।

इस बात की जानकारी जी न्यूज के एंकर सुधीर चौधरी खुद ही ट्विटर पर दी थी। उन्होंने लिखा की सच्चाई दिखाने के बदले ये रहा मेरा पुलित्जर प्राइज (पत्रकारिता श्रेत्र में दिए जाने वाला पुरस्कार)। प्रमाण साझा कर रहा हूँ, मेरे खिलाफ केरल पुलिस द्वारा गैर-जमानती धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। ये इनाम मुझे सच उजागर करने के बदले मिला है। ये मीडिया के लिए एक साफ संदेश है। अगर आप दशकों पुरानी तथाकथित सेकुलर रेखा पर घुटने नहीं टेकोगे, तो आपको जेल के भीतर डाल दिया जाएगा।” इसके बाद लोगो को इस घटना का पता चला।

Sudhir Chaudhry FIR
Demo Image Credits From Twitter

असल में 11 मार्च को ZEE News पर सुधीर चौधरी के DNA प्रोग्राम में एक चार्ट दिखाया गया था। जिसमें उन्होंने जिहाद के अलग-अलग रूप बताए थे। इस चार्ट के माध्यम से दश में हो रहे गलत कामो और षड्यंत्र को समझाने की कोशिश की गई थी। इस शो के बाद सोशल मीडिया समेत कई जगहों पर इस कारण उन पर कट्टरपंथियों व सेकुलरों ने पॉइंट करना शुरू कर दिया था और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की थी। कुछ ने ये भी कहा था कि वे उनके ख़िलाफ़ रिपोर्ट कर चुके हैं।

अब जनता कांग्रेस समर्पित सरकारों से जवाब मांग रही है

अब लोग यह आरोप लगा रहे हैं की जहाँ जहाँ कांग्रेस समर्पित सरकारें हैं, वहां-वहां मीडिया और पत्रकारों की आवाज़ दवाने की कोशिश की जा रही है। केरल में कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार है और खुद राहुल गाँधी भी केरल से ही सांसद है। ऐसे में सुधीर के लहिलाफ केरल में यह कार्यवाही सारा माज़रा बयां कर देती है। ठीक महाराष्ट्र में भी कांग्रेस समर्पित उद्धव सरकार रहते समय पत्रकार अर्नव गोस्वामी के साथ भी ऐसा ही हुआ था।

इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने मई 4 को मुंबई के डिप्टी कमिश्नर जोन 3 की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया है। इस आवेदन में यह आरोप लगाया गया कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने पुलिस को धौंस दिखाई। तो इस पर कार्यवाही होनी चाहिए। इससे पहले भी अर्नब गोस्वामी पर मामला दर्ज़ करवाया गया था।

लोग पत्रकारों की आवाज़ दबाने को बदले की राजनीती कह रहे

कुछ लोग सोशल मीडिया में इस याचिका को कांग्रेस के बदले ही भावना करार दे रहे है। उनके अनुसार कांग्रेस और उनके समर्थक दल अर्नव गोस्वामी के पीछे पढ़ गए है। लोगो का कहना है की पालघर मामले सोनिया गाँधी से सवाल पूछना कांग्रेस की नज़र में सबसे बड़ा अपराध है। पता हो की अर्नब गोस्वामी के खिलाफ पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड के अलग-अलग थानों में एक दर्जन से अधिक FIR कांग्रेस नेताओं के द्वारा दर्ज कराई गईं थी।

Arnav Goswami Case
Demo Image Credits Social Media

आपको बता दे की यह सब तब शुरू हुआ, जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कथित सवाल करने के मामले में मुंबई पुलिस ने आज भारत के आने माने टीवी चैनल रिपब्लिक के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी से 12 घंटों पूछताछ की। मुंबई पुलिस के इस कार्रवाई को लेकर राजनीति में उबाल आ गया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस अर्णव गोस्वामी को बेमतलब परेशान कर रही है।

पत्रकारों को भारतियों का ज़बरदस्त समर्थन मिला

इन सबके बाद भी दोनों पत्रकारों अर्णव गोस्वामी और सुधीर चौधरी को देश की जनता के अलावा विदेश में रह रहे भारतियों का ज़बरदस्त समर्थन मिला। इन दोनों पत्रकारों को सोशल मीडिया पर भी इतना समर्थन मिला की जितना आज तक किसी राजनेता और अभिनेता को भी नहीं मिला। इनके समर्थन वाले हैशटैग और ट्रेंड पर 1-1 करोड़ ट्वीट हुए।

ऐसे अविश्वसनीय समर्थन को देखकर कांग्रेस के हाँथ पांव फूल गए और कान खड़े हो गए। इसके बाद कांग्रेस समर्थको को कुछ नहीं सूजा को जात पात पर उतर कर पत्रकार अर्णव के उपनाम गोस्वामी को ही पॉइंट करने लगे। यहाँ तक के अर्णव गोस्वामी की कार पर 2 कांग्रेस यूथ वर्कर ने शर्मनाक घटना को भी अंजाम दिया था। अर्णव की कार में स्याही फेंकी गई थी।

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